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280 फीट लंबी मगरमच्छ की विशाल आकृति में विराज रहीं मां दुर्गा, अनोखे इको फ्रेंडली पंडाल को देखने उमड़ रही भीड़

News18 Bihar
Updated: October 5, 2019, 2:17 PM IST
280 फीट लंबी मगरमच्छ की विशाल आकृति में विराज रहीं मां दुर्गा, अनोखे इको फ्रेंडली पंडाल को देखने उमड़ रही भीड़
छपरा में मगरमच्छ की आकृति में मा दुर्गा की मूर्ति स्थापित की गई है.

जलालपुर के गम्हरिया गांव में पूजा समिति ने 280 फीट लंबा घड़ियाल बनाया है. इसी के पेटनुमा स्थान में मां दुर्गा को स्थापित किया गया है.

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सारण. बाढ़ और जलजमाव (Flood and water logging) से जूझ रहे बिहार के कई जिलों में अब भी मुश्किल हालात से जूझ रहे हैं बावजूद आस्था की शक्ति ही है जो दुश्वारियों के बीच भी लोग दुर्गा पूजा (Durga Puja) भी धूम धाम से मना रहे हैं. छपरा के जलालपुर प्रखंड के जलालपुर के गम्हरिया गांव में पूजा समिति ने 280 फीट लंबा घड़ियाल बनाया है जिसके पेट में मां दुर्गा को स्थापित किया गया है. यह पंडाल पूरी तरह इको फ्रेंडली (Eco friendly) है और इसके निर्माण में प्राकृतिक वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया है. इस पंडाल को देखने दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.

280 फीट लंबा बना है पंडाल
जलालपुर के गम्हरिया गांव में पूजा समिति ने 280 फीट लंबा घड़ियाल बनाया है. इसी के पेटनुमा स्थान में मां दुर्गा को स्थापित किया गया है. छठ तालाब के किनारे स्थापित इस पंडाल के आस-पास कई जलीय जंतुओं को भी दिखाया गया है जो तेजी से लुप्त हो रहे हैं. इनमें रंग बिरंगी मछलियां, बत्तख, छोटे छोटे जीव तथा अन्य जलीय पौधे शामिल हैं.

इको फ्रेंडली बना है पंडाल

पंडाल के निर्माण में लगभग 3 महीने का समय लगा है जिसके बाद यह पंडाल काफी अनोखा दिख रहा है. 280 फीट लंबे तथा 50 मीटर चौड़े इस  इको फ्रेंडली पंडाल के निर्माण में प्राकृतिक वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया है. फुटानी बाजार पर बने मगरमच्छ की भव्य आकृति में बने इस पंडाल में स्थापित भव्य प्रतिमा का सप्तमी के दिन पट खुलते ही भीड़ उमड़ पड़ी.

रंग लाई स्थानीय कलाकारों की मेहनत 
नवयुवक पूजा समिति फुटानी बाजार के अध्यक्ष छोटेलाल कुमार सुमन ने बताया कि प्रत्येक वर्ष नई-नई आकृतियां बनाने की यहां पर परंपरा रही है. इस बार भी स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों के सहयोग से पिछले 4 महीनों से मगरमच्छ की आकृति को जीवंत रूप देने में 25 कारीगर लगातार लगे हुए थे. इसे बनाने में 5000 बांस 120 सीमेंट की बोरी, 8000 मीटर जूट तथा 6 हजार पुआल लगा है. स्थानीय मजदूरों के अलावा धनि छपरा मांझी के मुख्य कारीगर ने इसे बनाया है.
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रिपोर्ट- संतोष गुप्ता

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First published: October 5, 2019, 2:13 PM IST
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