Loksabha Election 2019: हाई प्रोफाइल सारण के 'रण' में कौन जीतेगा जनता का मन ?

इसबार बीजेपी के राजीव प्रताप रूडी और आरजेडी से लालू प्रसाद के समधी चंद्रिका राय के बीच मुकाबला है.

News18 Bihar
Updated: May 6, 2019, 6:54 AM IST
Loksabha Election 2019: हाई प्रोफाइल सारण के 'रण' में कौन जीतेगा जनता का मन ?
छपरा जिले के सोनपुर मेला में एलिफेंट रेस (फाइल फोटो)
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Updated: May 6, 2019, 6:54 AM IST
बिहार की हाईप्रोफाइल लोकसभा सीटों में से एक सारण भी है. बीते दो दशक से यहां BJP और RJD के बीच कांटे का मुकाबला होता आ रहा है. RJD से जहां लालू यादव चुनाव लड़ते रहे हैं. वहीं BJP से राजीव प्रताप रूडी सारण के रण में उतरते रहे हैं. दिग्गजों का अखाड़ा होने के कारण इस सीट पर सबकी नजर होती है.

इसबार बीजेपी के राजीव प्रताप रूडी और आरजेडी से लालू प्रसाद के समधी चंद्रिका राय के बीच मुकाबला है. जाहिर है सारण के रण में एक बार फिर रूडी और लालू परिवार के बीच चुनावी जंग है.

सारण राजनीतिक रूप से जितना जागृत है. उतना ही इसका इतिहास गौरवशाली रहा है. ये इलाका लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जन्मभूमि रही है. यहीं के भिखारी ठाकुर ने भोजपुरी लोक नाट्य को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलायी. महेन्द्र मिसिर के पूर्वी के धुनों को पूरी दुनिया ने सराहा.

भगवान श्री राम ने यहीं की पावन धरती पर अहिल्या का उद्धार किया. यहीं के दधिचि ने देवताओं की मदद के लिए अपनी अस्थियों को दान कर दिया. अंग्रेजों के राज में व्यापार का केन्द्र था सारण. आजादी की लड़ाई में इस इलाके के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. बहरहाल लोकसभा के चुनाव की तैयारियों के बीच चर्चा ये है कि इस बार सारण के रण में जनता का मन कौन जीतेगा.

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विकास की बाट जोहता सारण
सालों से सियासी दिग्गजों का अखाड़ा होने से उम्मीद बंधती है कि इस क्षेत्र का विकास राज्य के दूसरे हिस्सों से ज्यादा हुआ होगा. छपरा में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के गांव सिताब को मौजूदा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने आदर्श सांसद ग्राम योजना के तहत इस गांव को गोद लिया है, लेकिन विकास की हकीकत ये है कि आज भी यहां अपनी सवारी से पहुंचना काफी मुश्किल है.
छपरा के गजगृह का सैंड आर्ट (फाइल फोटो)


2008 में गठित भारतीय परिसीमन आयोग की सिफारिशों के आधार पर सारण संसदीय निर्वाचन क्षेत्र का गठन हुआ. नये परिसीमन के आधार पर सारण में 2009 में चुनाव हुए. पहले यह छपरा लोकसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाता था.

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कांग्रेस के गढ़ में समाजवाद-संघवाद की पैठ
सारण लोकसभा क्षेत्र का इलाका 1967 तक कांग्रेस का गढ़ था. 1977 में इसी लोकसभा सीट से लालू प्रसाद यादव सांसद बने. इसके बाद 1989, 2004 और 2009 में लालू यादव इस इलाके से लोकसभा पहुंचे. सारण में बीते 25 सालों से मुकाबला RJD और BJP के बीच होता रहा है. राजीव प्रताप रूडी 1996,1999 और 2014 में लोकसभा चुनाव जीते.

इस लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं. मढ़ौरा, छपरा, गरखा, अमनौर, परसा और सोनपुर विधानसभा क्षेत्र के वोटर सारण लोकसभा सीट के उम्मीद की किस्मत तय करते हैं.

छपरा का ढोढ़ आश्रम


अहम फैक्टर है जातिगत समीकरण
सारण लोकसभा सीट का सियासी समीकरण ऐसा है कि यहां यादव और राजपूत जाति के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होता रहा है. सबसे ज्यादा 25 प्रतिशत यादव जाति के वोटर हैं. इससे बाद राजपूत 23 फीसदी, वैश्य 20 फीसदी, मुस्लिम 13 प्रतिशत, दलित 12 प्रतिशत और अन्य 7 प्रतिशत हैं.

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आरजेडी की नजर 'MY' समीकरण पर होती है. तो वहीं BJP को राजपूत और वैश्य वोटों का भरोसा होता है. इस क्षेत्र का जातीय समीकरण ऐसा है कि यहा मुकाबला राजपूत बनाम यादव का होता रहा है.

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केंद्र की राजनीति में सारण की दखल
सारण इलाके से जीते लालू प्रसाद यादव केन्द्र में कद्दावर मंत्री रहे. तो वहीं BJP के राजीव प्रताप रूडी को केन्द्र सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिली. सारण का सौभाग्य है कि बीते दो दशक से इस क्षेत्र के किसी ना किसी सांसद को केन्द्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली.

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बड़े और दिग्गज नेताओं के प्रतिनिधित्व कारण इस इलाके का जितना विकास होना चाहिए था उतना नहीं हुआ. छपरा नगर निगम का गठन तो हो गया लेकिन सुविधाएं कहीं नज़र नहीं आती. शहर में जाम की समस्या आम है. बरसात में ज्यादातर इलाकों में पानी भर जाता है. युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए नये उद्योग-धंधे नहीं लगे.

सांसद का दावा
सारण के मौजूदा सांसद राजीव प्रताप रूडी अपने कार्यकाल में क्षेत्र के विकास का दावा कर रहे हैं. सांसद का कहना है कि उनके प्रयास से छपरा शहर में 24 घंटे बिजली मिल रही है. पूरे जिले में 18-20 घंटे बिजली मिल रही है.

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दियारा इलाके में घर-घर तक बिजली पहुंचाने के लिए 350 करोड़ खर्च कर काम कराया गया. क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं बेहतर करने के लिए उनके कार्यकाल के दौरान 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुए.

सांसद राजीव प्रताप रूडी का दावा है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सारण लोकसभा क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाने की कोशिश की. दिघवारा में पुल बन रहा है. जिससे छपरा और पटना की दूरी कम हो जाएगी. छपरा मुजफ्फरपुर NH, छपरा-टेक्निवास सड़क और NH-98 का निर्माण कार्य जारी है.

राजीव प्रताप रूडी (फाइल फोटो)


सांसद का रिपोर्ट कार्ड
सांसद राजीव प्रताप रूडी के रिपोर्ट कार्ड पर नज़र डालें तो 5 साल के दौरान उन्हें क्षेत्र के विकास के लिए 38 करोड़ रुपये मिले. जिससे 280 योजनाओं की स्वीकृति मिली. स्वीकृत 280 योजनाओं में से 104 का काम पूरा हो चुका है. 176 पर काम अभी जारी है.

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राजीव प्रताप रूडी को मोदी कैबिनेट में कौशल विकास राज्यमंत्री बनाया गया था. मंत्री रहते हुए सांसद ने अपने क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी जानकारी दिलाने की कोशिश की. छपरा में कौशल विकास केन्द्र और मोटर व्हीकल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की.

छपरा में पासपोर्ट कार्यालय खुलवाया. नमामि गंगे योजना के तहत 275 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिलायी. बिहार के पहले और देश के सबसे लंबे डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण छपरा में हो रहा है. सांसद निधि से एम्बुलेंस की व्यवस्था कराई. इसके अलावा भी सांसद क्षेत्र में विकास के कई और दावे कर रहे हैं.

लालू यादव (फाइल फोटो)


दावों पर उठते सवाल
सांसद क्षेत्र के विकास का लंबा-चौड़ा दावा कर रहे हैं. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सांसद के इस कार्यकाल से संतुष्ठ नहीं हैं. लालू यादव के प्रभाव इलाके के लोगों का कहना है कि सांसद लालू यादव के शुरू किए गए काम को पूरा कराकर उसका श्रेय ले रहे हैं. इन्होंने कुछ नया नहीं किया.

बिहार ही नहीं देश की प्रतिष्ठित इस लोकसभा क्षेत्र की जनता का मूड क्या है इसे भांप पाना अभी आसान नहीं हैं. हालांकि लोकसभा चुनाव को लेकर यहां सरगर्मी तेज हो गई है. अब देखना है कि 2019 में जनता का प्यार किसे बीस बनाता है.

रिपोर्ट - संतोष कुमार गुप्ता

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