लाइव टीवी

चलने-फिरने में भी असमर्थ थीं जैबुन, छठी मईया ने किया ठीक तो 20 सालों से लगातार कर रहीं महापर्व

SANTOSH GUPTA | News18 Bihar
Updated: November 2, 2019, 9:56 AM IST
चलने-फिरने में भी असमर्थ थीं जैबुन, छठी मईया ने किया ठीक तो 20 सालों से लगातार कर रहीं महापर्व
पिछले 20 सालों से छठ महापर्व का अनुष्ठान करने वाली छपरा की मुस्लिम महिला

बिहार के छपरा (Chapra) की मुस्लिम महिला जैबून बताती हैं कि छठी माई (Chhath Puja) के प्रति आस्था एवं छठ व्रत करने की परिवारिक परम्परा पौराणिक रही है. जैबून से पहले उनकी सास बुलाकन भी छठ व्रत एवं जीवितपुत्रिका व्रत भी करती थीं.

  • Share this:
छपरा. छठ (Chhath) एक ऐसा महापर्व है जो सभी धर्मों को एक सूत्र में बांधने का काम करता है. इस पर्व में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सभी वर्ग और धर्मों के लोग जुड़ जाते हैं. जहां अधिकांश लोग इस व्रत को करने की कोशिश करते हैं तो कुछ लोग इस पर्व में सहयोग करके भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं. बात अगर मुस्लिम समुदाय (Muslim Community) की करें तो ये समुदाय छठ में न सिर्फ बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता है बल्कि इस समुदाय की कई महिलाएं और पुरुष छठ का व्रत करते भी हैं.

साठ साल की जैबून भी करती हैं व्रत

एक ऐसी ही मुस्लिम छठव्रती बिहार के छपरा में भी हैं जो पिछले दो दशकों यानी 20 साल से छठी मईया की उपासना कर रही हैं. छपरा के गौतम स्थान रिविलगंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या 09 की साठ वर्षीय जैबून मुस्लिम महिला होते हुए भी करीब बीस साल पहले से चैती एवं कार्तिक छठ व्रत को धूमधाम से कर रही हैं. सूर्य उपासना का महापर्व छठ व्रत के प्रति जैबून के मन में आस्था कुट-कुट कर भरा है. जैबून कहती हैं कि छट्ठी मईया के व्रत करने से सुख, शांति एवं समृद्धि मिलती है.

छठी मईया ने ऐसे पूरी की थी मन्नत

बातचीत के दरम्यान जैबून ने बताया की करीब बीस साल पहले वह किसी गंभीर रोग से ग्रस्त हो गई थी. लगभग छ: माह से चलना-फिरना भी मुश्किल हो गया था. तब कार्तिक का महीना था और छठ के दिन बगल रास्ते से व्रती सब छठी मईया को अर्ध्य देने सरयू नदी घाट जा रहे थे. लोगों ने कहा कि छठी माई से विनती करो कृपा होगी. जैबून ने छठी मईया से हाथ जोड़कर अर्ज किया कि हे छठी माई मुझे निरोग कर दीजिए मैं भी छठ व्रत करुंगी. कुछ दिनों के बाद जैबून के स्वास्थ्य में सुधार होने लगा और वो पूरी तरह निरोग हो गईं. उसके बाद से ही जैबून छठ पर्व करने लगी.

सास भी करती थीं व्रत

जैबून बताती हैं कि छठी माई के प्रति आस्था एवं छठ व्रत करने की परिवारिक परम्परा पौराणिक रही है. जैबून से पहले उनकी सास बुलाकन भी छठ व्रत एवं जिवितपुत्रिका व्रत भी करती थी. जैबुन के पांच पुत्र एवं तीन पुत्रियों का भरा पूरा परिवार है जो छठ व्रत में मिलजुलकर सहयोग करता है. विदित हो कि सब्जी की व्यवसाय से जुड़ी जैबुन दुसरों के सुख-दुःख में भी हाथ बटांती हैं.
Loading...

ये भी पढ़ें- काम की खबर: सुधा ने बढ़ाई दूध, घी समेत मिठाईयों की कीमत, देखें नया रेट चार्ट

ये भी पढ़ें- छठ महापर्व के तीसरे दिन आज अस्ताचलगामी सूर्य को दिया जाएगा अर्ध्य

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए सारण से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 2, 2019, 9:44 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...