बड़े शिकार की तलाश में निकले थे दारोगा मिथिलेश, आई मनहूस खबर

News18 Bihar
Updated: August 21, 2019, 6:46 AM IST
बड़े शिकार की तलाश में निकले थे दारोगा मिथिलेश, आई मनहूस खबर
मिथलेश कुमार

छापेमारी के दौरान मढ़ौरा एलआईसी बिल्डिंग के पास अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें गोली लगने से उनकी मौत हो गई.

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सारण पुलिस (Saran Police) के जांबाज दारोगा मिथिलेश कुमार (Mithilesh Kumar) की शहादत की खबर सुनते ही पूरा पुलिस महकमा सदमे में है. दरअसल, छपरा (Chhapra/Chapra) के मढौरा में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ (Encounter) में दारोगा मिथिलेश कुमार को गोली लगी और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया. उनके साथ ही सिपाही फारूक अहमद की मौत हो गई.

मंगलवार शाम एसआईटी मुख्यालय से जब मिथलेश निकले तो काफी खुश थे और कोई बड़ा इनपुट मिला था. अपने साथियों से उन्होंने कहा कि चलो बड़ा शिकार करते हैं और बोलेरो गाड़ी को लेकर मढौरा निकल गए. लेकिन थोड़ी देर बाद ही ऐसी खबर आई जिसने सबको सकते में डाल दिया. मिथिलेश के शहीद होने की खबर सुनते ही लोगों ने एक-दूसरे को फोन करना शुरू कर दिया. सारण पुलिस के तेज-तर्रार एवं ईमानदार दारोगा मिथलेश कुमार अब नहीं रहे. इस खबर ने सबको विचलित कर दिया.

छापेमारी के दौरान मढ़ौरा एलआईसी बिल्डिंग के पास अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें गोली लगने से उनकी मौत हो गई. सारण जिला खासकर तरैया, मशरख और बनियापुर के लोगों के लिए मंगलवार का दिन मनहूस बनकर आया, जब अपराधियों से किसी क्षण लोहा लेने वाले पूर्व थानाध्यक्ष सह एसआईटी टीम के हेड मिथलेश कुमार पर मढ़ौरा में अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया.


मिथलेश कुमार तरैया में 14 अगस्त 2011 से 22 नवंबर 2013 तक थानाध्यक्ष थे. उनका कार्यकाल इतना अच्छा रहा कि आज भी तरैया की हर जनता उनके लिए आंसू बहाती है. तरैया में ही उन्होंने सारण जिले का सबसे पहली बार थानाध्यक्ष का कमान संभाला और ईमादार दारोगा के नाम से क्षेत्र में प्रचलित हो गए. लगभग छह माह में ही अमीर से लेकर गरीब तक के दिलों पर अपना कब्जा जमा लिया. पीड़ित जब फरियाद लेकर उनके पास आते थे तो उन्हें लगता था कि अब उन्हें न्याय मिल जाएगा. अपराधी भी मिथलेश कुमार का नाम सुनकर सिहर जाते.

तरैया से ट्रांसफर होकर मिथलेश कुमार मशरख के थानाध्यक्ष बने. मशरख में भी उन्होंने अपनी अनूठी छाप छोड़ी. फिर मसरख से जनता बाजार थानाध्यक्ष बने. वहां भी अपनी अमिट छाप छोड़ी. फिर बनियापुर थानाध्यक्ष बने और बनियापुर के लोगों के दिलों पर ऐसा राज किया कि जब 11 फरवरी 2019 को उनका जिला स्थानांतरण हो गया तो बनियापुर की जनता ने दूल्हे की तरह उनकी विदाई रथ पर बैठाकर किया. विदाई जुलूस में हजारों की संख्या में लोगों शामिल थे और आंसू बहा रहे थे. फिर एक मामूली दारोगा के विदाई में ऐसा हुजूम देखकर सारण एसपी भी मिथलेश कुमार से काफी खुश हुए और बेहतर कम्युनिटी पुलिसिंग के लिए उन्हें 12 फरवरी को बेस्ट थानाध्यक्ष अवार्ड से सम्मानित किया.

(रिपोर्ट- संतोष गुप्ता)
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First published: August 21, 2019, 6:13 AM IST
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