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NEWS18-IPSOS एक्जिट पोल 2019:  राजीव प्रताप रूडी की सीट पर कड़ा मुकाबला, चंद्रिका राय दे रहे टफ फाइट

राजीव प्रताप रूडी

राजीव प्रताप रूडी

इस बार बीजेपी के राजीव प्रताप रूडी और आरजेडी से लालू प्रसाद के समधी चंद्रिका राय के बीच जंग है.

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लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव द्वारा सारण सीट को लेकर बवाल मचाने की वजह से इस पर सभी की निगाहें हैं. इस बार बीजेपी के राजीव प्रताप रूडी और आरजेडी से लालू प्रसाद के समधी चंद्रिका राय के बीच जंग है. सारण सीट पर पांचवें चरण में 6 मई को वोटिंग हुई थी. चुनाव बाद कराए गए NEWS18-IPSOS एक्जिट पोल के  मुताबिक यह सीट फंसती नजर आ रही है. इस सीट पर दोनों प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला दिखाई दे रहा है.

2014 के नतीजे
पिछले लोकसभा चुनाव में इस सीट पर राजीव प्रताप रूडी और राबड़ी देवी के बीच मुकाबला हुआ था. तब राजीव प्रताप रूडी ने राबड़ी देवी को 40,948 वोटों से मात दी थी. रूडी को 3,55,120 वोट हासिल हुए थे.

प्रत्याशी
28 साल की उम्र में विधायक बनने वाले राजीव प्रताप रूडी शुरुआती दिनों में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के करीबियों में शुमार किए जाते थे. उन्होंने 1991 में अपना पहला चुनाव जनता दल के टिकट पर बिहार  की तरैया सीट से जीता था. रूडी ने 1999 में भारतीय जनता पार्टी और ज्वाइन की और 2004 में पहली बार सांसद बने. वो अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में मंत्री रहे हैं.



वहीं आरजेडी के प्रत्याशी चंद्रिका प्रसाद राय के पिता दरोगा राय बिहार के मुख्यमंत्री थे. इलाके की यादव बिरादरी में इस परिवार की अहमियत काफी ज्यादा है. इलाके में कहावत मशहूर है कि इस सीट पर सांसद बनने का रास्ता दरोगा राय के दरवाजे से होकर जाता है. चंद्रिका राय खुद भी बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं.

लोकनायक जयप्रकाश की भूमि
सारण राजनीतिक रूप से जितना जागृत है. उतना ही इसका इतिहास गौरवशाली रहा है. ये इलाका लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जन्मभूमि रही है. यहीं के भिखारी ठाकुर ने भोजपुरी लोक नाट्य को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई. महेन्द्र मिसिर के पूर्वी के धुनों को खूब सराहा गया.

कभी कांग्रेसी गढ़ के रूप में था मशहूर
2008 में गठित भारतीय परिसीमन आयोग की सिफारिशों के आधार पर सारण संसदीय निर्वाचन क्षेत्र का गठन हुआ. नए परिसीमन के आधार पर सारण में 2009 में चुनाव हुए. पहले यह छपरा लोकसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाता था.

सारण लोकसभा क्षेत्र का इलाका 1967 तक कांग्रेस का गढ़ था. 1977 में इसी लोकसभा सीट से लालू प्रसाद यादव सांसद बने. इसके बाद 1989, 2004 और 2009 में लालू यादव इस इलाके से लोकसभा पहुंचे. सारण में बीते 25 सालों से मुकाबला RJD और BJP के बीच होता रहा है. राजीव प्रताप रूडी 1996,1999 और 2014 में लोकसभा चुनाव जीते.

इस लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं. मढ़ौरा, छपरा, गरखा, अमनौर, परसा और सोनपुर विधानसभा क्षेत्र के वोटर सारण लोकसभा सीट के उम्मीद की किस्मत तय करते हैं.

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