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सासाराम: सदर अस्‍पताल के पास मिले 6 नरमुंड, मचा हड़कंप

Ajeet Kumar | News18 Bihar
Updated: December 9, 2019, 10:16 PM IST
सासाराम: सदर अस्‍पताल के पास मिले 6 नरमुंड, मचा हड़कंप
अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर.

सासाराम (Sasaram) के सदर अस्पताल (Sadar Hospital) स्थित पोस्टमार्टम हाउस के पास परिसर में मिले 6 नरमुंड से हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि यह सभी नरमुंड लावारिस लाशों के हैं.

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सासाराम. बिहार के सासाराम (Sasaram) के सदर अस्पताल (Sadar Hospital) स्थित पोस्टमार्टम हाउस के पास परिसर में मिले 6 नरमुंड से सनसनी फैल गई है. बताया जा रहा है कि यह सभी नरमुंड लावारिस लाशों के हैं. परिसर में एक साथ इतने नरमुंड देखकर लोग अचंभित हो गए हैं. वैसे अस्‍पताल में किसी भी लावारिस शव को सिर्फ 72 घंटे तक ही रखने का प्रावधान है और उसके बाद उसे पूरी तरह डिस्पोजल कर दिया जाता है. हालांकि कई बार अस्पताल प्रशासन (Hospital Administration) और पुलिस की लापरवाही ऐसा नहीं हो पाता है.

अस्‍पताल उपाधीक्षक की ये बात
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ केएन तिवारी का कहना है कि लावारिस लाशों को रखने के लिए जो कक्ष बनाया गया है, उसमें एयर कंडीशन नहीं है. साथ ही लावारिश डेड बॉडी को लंबे समय तक रखने का कोई समुचित व्यवस्था भी नहीं है, जिस कारण ज्यादातर शव खराब हो जाते हैं. साथ ही उन्‍होंने कहा कि इन शवों को डिस्पोजल करने की जवाबदेही पुलिस की है,लेकिन उसमें कहीं ना कहीं लापरवाही बरती जाती है. इसी कारण कुछ लावारिस लाशों के नरमुंड संभवत रह जाते हैं.

लावारिस लाशों के प्रति बरती जाती है लापरवाही

लावारिस लाशों को डिस्पोजल करने की कोई कारगर व्यवस्था नहीं होने से इस तरह के नरमुंड मिलना आम बात हो गई है. लाशों को डिस्पोजल करने के लिए विभाग तीन हजार रुपये उपलब्ध कराती है, लेकिन जिन कर्मियों को सबको डिस्पोजल करने की जवाबदेही होती है, वह उसे सही तरीके से नहीं करते हैं. इसी कारण इस तरह के नरमुंड तथा मानव अंग बिखरे मिल जाते हैं.

महाकवि गोस्वामी तुलसीदास ने लिखी ये बात

बड़े भाग मानुष तन पावा। सुर दुर्लभ सद् ग्रन्थन्हि गावा।।

महाकवि गोस्वामी तुलसीदास ने अपने चौपाई में लिखा था कि मनुष्य का तन बड़े भाग्य से मिलता है, जो देवताओं के लिए भी दुर्लभ है. इस तन को प्राप्त कर मनुष्य मोक्ष प्राप्ति के लिए साधना कर सकता है, लेकिन जिस तरह से मानव शरीर की दुर्गति यहां देखने को मिली. यकीनन वह गोस्वामी तुलसीदास की लिखी इस चौपाई को इंगित करता है. अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से जिस तरह से नरमुंड परिसर में बिखरे पड़े हैं. सवाल ये है कि आखिर जिस किसी का भी यह होगा उसके परिजन क्या सोचते होंगे. चिकित्सकों और विज्ञान के छात्रों के लिए यह भले ही एक स्केलेटन 'सब्जेक्ट' होगा, लेकिन हैं तो यह मानव नरमुंड.

स्थानीय लोगों ने की जांच की मांग
आम जनता पार्टी (राष्ट्रीय) के नेता सरोज कुमार ने इस पूरे प्रकरण की जांच की मांग करते हुए कहा है कि यह एक बड़ी लापरवाही है. इसकी जांच होनी चाहिए. किस परिस्थिति में अस्पताल परिसर में नरमुंड पड़े हैं तथा इसका कोई संज्ञान लेने वाला नहीं है. इस मामले में लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

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First published: December 9, 2019, 10:07 PM IST
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