शेखपुरा विधानसभा सीट: कांग्रेस के इस गढ़ पर 2010 से जेडीयू का है कब्जा

शेखपुरा सीट पर इस बार भी रोजगार और विकास ही चुनावी मुद्दे होंगे.
शेखपुरा सीट पर इस बार भी रोजगार और विकास ही चुनावी मुद्दे होंगे.

शेखपुरा विधानसभा सीट (Sheikhpura Assembly Seat) पर साल 1957 से दस बार कांग्रेस को जीत मिली. लेकिन साल 2010 के चुनाव में जेडीयू ने कांग्रेस के इस गढ़ को उससे छीन लिया.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 22, 2020, 5:42 PM IST
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शेखपुरा. बिहार की शेखपुरा सीट (Sheikhpura Assembly Seat) पर इस बार विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है. अबतक इस सीट पर हुए 15 चुनावों में 10 बार कांग्रेस को जीत हासिल हुई. पहले कांग्रेस नेता एवं पूर्व सांसद स्वर्गीय राजो सिंह, फिर उनके पुत्र और बाद में पुत्रवधू यहां कांग्रेस का परचम लहराने में सफलता पाई.

2010 में ढह गया कांग्रेस का किला 

साल 2010 में 14वें बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू ने कांग्रेस के इस अभेद किले को ढाह कर उस पर कब्जा जमा लिया. जेडीयू के रणधीर कुमार सोनी ने कांग्रेस की सुनीला देवी को पराजित कर कांग्रेस से ये सीट छीन ली. पिछले यानी 15वें विधानसभा चुनाव में भी रणधीर कुमार सोनी जदयू के टिकट पर यहां से जीते. उन्होंने हम पार्टी के नरेश साव को लगभग 13,000 वोटों से पराजित कर लगातार दूसरी बार विधायक बनने में सफलता पाई.



इस बार कांटे की टक्कर वाली स्थिति
यहां से एक बार फिर एनडीए उम्मीदवार के तौर पर जेडीयू रणधीर कुमार सोनी को दांव खेल सकता है. जबकि महागठबंधन की ओर से राजद के विजय  सम्राट उम्मीदवारी को लेकर दावेदारी प्रवल है. अगर उन्हें टिकट मिला, तो इस शीट पर मुकाबला कांटे की होने की संभावना है.

रोजगार और विकास ही मुद्दा 

इस बार भी शेखपुरा विधानसभा सीट पर रोजगार और विकास ही मुद्दा होगा. शेखपुरा विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 2,09,652 है. इनमें से 1,11,498 पुरुष और 98,146 महिला मतदाता हैं. शेखपुरा विधानसभा क्षेत्र में शेखपुरा, अरियरी, घाटकुसुम्भा और चेवाड़ा प्रखंड पड़ते हैं. ये जमुई लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. जहां से लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान सांसद हैं.








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