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2.5 करोड़ की लागत से 3 साल पहले बना था बेलसंड बस स्‍टैंड, सरकारी सिस्टम की लापरवाही ने बनाया भूत बंगला

Rakesh Ranjan | News18 Bihar
Updated: November 19, 2019, 10:42 PM IST
2.5 करोड़ की लागत से 3 साल पहले बना था बेलसंड बस स्‍टैंड, सरकारी सिस्टम की लापरवाही ने बनाया भूत बंगला
लोगों को नहीं मिल रही कोई सुविधा.

सीतामढ़ी जिले (Sitamarhi District) में सरकारी सिस्टम (Government System) की लापरवाही की वजह से बेलसंड बस स्‍टैंड (Belsand Bus Stand) सिर्फ तीन साल में भूत बंगला बन गया है. इस पर करीब 2.5 करोड़ की लागत आई थी.

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  • Last Updated: November 19, 2019, 10:42 PM IST
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सीतामढ़ी. बिहार के सीतामढ़ी जिले (Sitamarhi District) में सरकारी सिस्टम (Government System) की लापरवाही ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) की मंशा पर पानी फेरने का काम किया है. अच्‍छी व्यवस्था के लिए जिले के बेलसंड में बस स्‍टैंड बनाने पर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए गए, ताकि आम लोगों को सहुलियत हासिल हो सके. हालांकि सरकारी सिस्‍टम की अनदेखी की वजह से ऐसा हो नहीं सका.

सरकारी बस स्‍टैंड बना भूत बंगला
यह कोई अस्तबल या फिर गौशाला नहीं है, बल्कि यह सीतामढ़ी जिला के बेलसंड में बनाया गया सरकारी बस स्‍टैंड है. इसके निर्माण पर सरकार ने तकरीबन तीन साल पहले ढ़ाई करोड़ रुपए खर्च किए थे, ताकि आम लोगों को बेहतर सुविधा हासिल हो सके और लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर आवागमन करने के लिए जगह जगह की खाक ना छानना पड़ी. साथ ही पूरे बेलसंड अनुमंडल में एक ही जगह से आने जाने के लिए लोगों को बस सुविधा हासिल हो सके.

सरकार की मंशा पर फिरा पानी

यकीनन सरकार की मंशा पर पूरी तरिके से पानी फिर गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों इस बस स्‍टैंड का उदघाटन कराया गया था, लेकिन अब यहां कोई आता जाता नहीं है. हैरानी की बात ये है कि यहां दिन भर भेड़ बकरिया चरती रहती हैं. जबकि बस स्‍टैंड ना चलने के पीछे बस संचालक नक्सली गतिविधि और अपराधियों के भय को कारण बता रहे हैं.

स्थानीय नागरिक चितरंजन प्रसाद का कहना है कि बस स्टैंड को किसी के हवाले नहीं किया गया है, जिसके कारण यहां कोई नहीं आता है. जबकि यहां बस में काम करने वाले कर्मियो को खाने पीने की सुविधा नहीं है, जिसके कारण यहां कोई रुकता नहीं है और बस मुख्य सड़क से ही चली जाती हैं. जबकि एक अन्‍य नागरिक मोहम्‍मद असगर का कहना है कि बस यहां अपराधियों और नक्सलियों के भय से नहीं रूकती नहीं हैं.

प्रशासन ने कही ये बातसीतामढ़ी के बेलसंड अनुमंडल के बेलसंड नगर पंचायत के क्षेत्र में यह बस स्‍टैंड आता है. बस स्‍टैंड की यह दुर्दशा का माकूल जबाब देने वाला कोई अधिकारी मौजूद नहीं है. बेलसंड के अंचलाधिकारी इस मामले को जहां अपने अधिकार क्षेत्र में नहीं होने का कहकर पल्ला छाड़ रहे हैं, तो वहीं बेलसंड के नगर पंचायत के अध्यक्ष रणधीर कुमार इस मामले में अपनी मजबूरी का रोना रो रहे हैं. जबकि बेलसंड के सीओ अरविन्द प्रताप शाही का कहना है कि यह बस स्टैंड बुडको के द्वारा बनाया गया है, जो नगर विकास और आवास विभाग के अधीन आता है. यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है.

बहरहाल, नगर पंचायत अध्यक्ष का कहना है कि नगर पंचायत की बैठक में बस स्टैंड को चालू करने का प्रस्ताव पारित किया जा चुका है, लेकिन यहा नगर पंचायत में कार्यपालक पदाधिकारी का पद खाली है और इसी वजह से इसका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है. रही बात नक्सली की तो अब यह इलाका नक्सली क्षेत्र नहीं रहा है और पिछले पांच सालों से बेलसंड का माहौल पूरी तरह शांत है.

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First published: November 19, 2019, 10:33 PM IST
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