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बिहार में शिक्षकों की बहाली में बड़ा घोटाला, अवैध तरीके से नियुक्त 9 लोगों की जाएगी नौकरी

Sitamarhi News: बिहार के सीतामढ़ी से जुड़ा ये मामला काफी पुराना है. अवैध नियोजन की मिली शिकायत पर डीएम द्वारा चार सदस्यीय टीम से जांच करवा कर प्राथमिक शिक्षा निदेशक को जांच रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसके बाद ये कार्रवाई हुई है.

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सीतामढ़ी. बिहार में जारी शिक्षक नियोजन प्रक्रिया (Bihar Teacher Employment) के बीच बड़ी खबर सीतामढ़ी से है. सीतामढ़ी में नगर पंचायत, बैरगनिया के अंतर्गत विभिन्न स्कूलों के नौ शिक्षकों की नौकरी जानी लगभग तय है और उनका नियोजन रद्द होगा. दरअसल, उक्त शिक्षकों की अवैध तरीके से बहाली की गई थी. जांच में अवैध नियोजन की पुष्टि के बाद प्राथमिक शिक्षा के निदेशक ने नगर पंचायत, बैरगनिया के कार्यपालक अधिकारी को पत्र भेजा है, जिसमें जांच रिपोर्ट के आलोक में संबंधित शिक्षकों का नियोजन रद्द करने का आदेश दिया गया है.

डीएम ने निदेशक को भेजी थी रिपोर्ट

अवैध नियोजन की मिली शिकायत पर डीएम द्वारा चार सदस्यीय टीम से जांच करवा कर प्राथमिक शिक्षा निदेशक को जांच रिपोर्ट भेजी गई थी. रिपोर्ट की प्रति दो सप्ताह पूर्व नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को भेज निदेशक ने कार्रवाई का आदेश दिया था. डीईओ द्वारा भी डीपीओ, स्थापना को जांच रिपोर्ट के आलोक में कार्रवाई को कहा गया था लेकिन दोनों के स्तर से कार्रवाई अबतक नदारद है. काफी समय तक यह मामला जिला के विभिन्न कार्यालयों में दबा रहा. यानी शिकायत कर कार्रवाई नही की गई. तब संबंधित व्यक्ति ने विभाग व बिहार मानवाधिकार आयोग से शिकायत की थी. तभी जांच संभव हो सकी है, हालांकि कार्रवाई होना अभी बाकी है.

क्या है नियोजन का यह मामला 

दरअसल नगर पंचायत, बैरगनिया नियोजन इकाई द्वारा शिक्षक नियोजन में नियमों को ताक पर रख कर किया गया था. सामाजिक विज्ञान के दो रिक्त पदों पर रंजीत कुमार और सरोज कुमार की बहाली के बाद छह और अभ्यर्थी क्रमश: शकील अहमद, जितेंद्र कुमार, हरिनंदन कुमार, सुनीता कुमारी, अंचला कुमारी व रामविनय कुमार का नियोजन कर दिया गया था. उर्दू शिक्षक का मात्र एक पद रिक्त था, जबकि दो शिक्षक हमाद व मो. शमुन बहाल कर दिए गए थे. इस पर टीम ने आपत्ति की थी. पुस्तकालय अध्यक्ष का भी कोई पद खाली नही था फिर भी अमृता कुमारी को बहाल कर दिया गया था. इतिहास विषय के शिक्षक का एक भी खाली नही होने के बावजूद चुनचुन कुमार व राजू कुमार की बहाली कर दी गई थी.

विभाग ने की थी लीपापोती की कोशिश

तमाम शिक्षकों की बहाली को टीम ने नियम के विपरीत माना था. बता दें कि जांच टीम द्वारा जांच के दौरान शिक्षक नियोजन से जुड़ी कागजातों की मांग किए जाने पर नगर पंचायत, बैरगनिया के कार्यपालक पदाधिकारी ने यह कहते हुए उपलब्ध कराने से हाथ खड़ा कर दिया गया था कि वर्ष 2017 की बाढ़ में नियोजन संबधित कागजात नष्ट हो गया है. नियोजन इकाई में नगर पंचायत के सभापति, कार्यपालक पदाधिकारी, शिक्षा समिति के एक सदस्य, डीएम द्वारा मनोनीत अनुसूचित जाति के एक सदस्य व डीपीओ स्थापना शामिल थे.

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