Bathnaha Assembly Seat: भाजपा के गढ़ में NDA और महागठबंधन के बीच मुख्‍य मुकाबला, क्‍या होगा इस बार?

Bathnaha Assembly Profile:बथनाहा सीट पर लगातार भाजपा जीतती आ रही है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)
Bathnaha Assembly Profile:बथनाहा सीट पर लगातार भाजपा जीतती आ रही है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

Bathnaha Assembly Seat Profile: बथनाहा विधानसभा सीट SC के लिए आरक्षित है. भाजपा इस पर पिछले तीन बार से चुनाव जीत रही है, लेकिन इस बार के विधानसभा चुनाव में समीकरण बदले हुए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 19, 2020, 8:20 AM IST
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सीतामढ़ी. बिहार की राजनीतिक पार्टियां विधानसभा चुनाव 2020 की तैयारियों में जुटी हैं. प्रदेश में इस बार के चुनाव में भी मुख्‍य रूप से NDA और महाठबंधन के प्रत्‍याशियों के बीच ही मुख्‍य मुकाबला है. सीतामढ़ी संसदीय क्षेत्र में आने वाली बथनाहा सीट पर सभी नजरें टिकी रहती हैं. यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. इस सीट पर पिछले दो बार से BJP प्रत्‍याशी जीतते आ रहे हैं. यह सीट कभी RJD के खाते में भी रही थी. उपलब्‍ध आंकड़ों को अगर देखें तो वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में बथनाहा सीट पर कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्‍या 2,76,599 थी. इनमें से 1,52,233 वोटर्स ने अपने मताधिकार का इस्‍तेमाल किया था.

आरक्षित होने के कारण बथनाहा विधानसभा सीट का महत्‍व बढ़ जाता है. महागठबंधन और एनडीए के बीच इस सीट पर कब्‍जा करने की होड़ लगी रहती है. हालांकि, पिछले दो बार से इस महत्‍वपूर्ण विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्‍जा है. बीजेपी प्रत्‍याशी दिनकर राम ने वर्ष 2010 के चुनावों में नजदीकी प्रतिद्वंद्वी रामविलास पासवान की पार्टी की प्रत्‍याशी (ललिता देवी) को हराया था. इससे पहले साल 2005 के चुनाव में दिनकर राम ने आरजेडी उम्‍मीदवार को मात दी थी. इस सीट पर आमतौर पर बहुदलीय मुकाबला देखने को मिलता है, लेकिन एनडीए और महागठबंधन के अस्तित्‍व में आने के बाद इस चुनावी परिदृश्‍य में बदलाव आए हैं.

कैसे रहे थे चुनावी हालात?
वर्ष 2015 के विधानसभा चुनावों में बथनाहा सीट महागठबंधन के घटक दल कांग्रेस के हिस्‍से में गई थी. हालांकि, इससे चुनाव परिणाम में कोई फर्क नहीं आया था. बीजेपी प्रत्‍याशी दिनकर राम ने कांग्रेस उम्‍मीदवार सुरेंद्र राम को बड़े अंतर से हराया था. दिनकर राम को जहां 74,763 मत प्राप्‍त हुए थे, वहीं सुरेंद्र राम को 54,597 वोट ही मिले थे. दिलचस्‍प है कि पिछले चुनाव में तीसरे स्‍थान पर नोटा (5,028) रहा था. बथनाहा को दिनकर राम का पारंपरिक सीट भी माना जाता है, लेकिन उनकी उम्र को देखते हुए इस बार उनका चुनाव मैदान में उतरना संदिग्‍ध ही लग रहा है.
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