LJP का जिलाध्यक्ष निकला शराब तस्कर, 7 सहयोगियों समेत गिरफ्तार
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LJP का जिलाध्यक्ष निकला शराब तस्कर, 7 सहयोगियों समेत गिरफ्तार
बिहार के सीतामढ़ी में शराब के साथ गिरफ्तार लोजपा नेता और अन्य

बिहार के सीतामढ़ी जिले में हुई इस कार्रवाई के दौरान शराब तस्करों के पास से 224 लीटर शराब समेत अन्य सामान बरामद हुआ है. पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 2, 2020, 11:00 AM IST
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सीतामढ़ी. बिहार में पूर्ण रूप से शराबबंदी है, इसके बावजूद सूबे में शराब का कारोबार फल फूल रहा है. भारत-नेपाल सीमा (Indo-Nepal Border) पर स्थित सीतामढ़ी जिले में शराब के कारोबार में एक बड़ा रैकेट सक्रिय है, जिसमें कई सफेदपोश नेता भी शामिल हैं. सीतामढ़ी से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां शराब के कारोबार में लोजपा (LJP Leader) के नेता और उनके 7 सहयोगी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं.

जानकारी के अनुसार, पुलिस ने शराब तस्करी के मामले में लोजपा के जिलाध्यक्ष और 7 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है. लोजपा के युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष के पास से 224 लीटर शराब, एक चार पहिया वाहन और दो बाइक भी जब्त किया गया है. पुलिस एलजेपी नेता से पूछताछ कर रही है. पुलिस का मानना है कि इस शराब कारोबार में एक संगठित गिरोह काम कर रहा है जिसमें दर्जनों लोग शामिल हैं.

एनएच पर हुई कार्रवाई
घटना सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा-कन्हौली सड़क की है, जहां पुलिस ने सोनबरसा के दोस्तीया के पास एनएच-77 पर स्कॉर्पियो में लदे शराब के साथ लोजपा के युवा जिलाध्यक्ष मनीष कुमार को पकड़ा है. शराब तस्करों के पास से दो बाइक भी बरामद की गई है. लोजपा के युवा जिलाध्यक्ष मनीष मधुकर के साथ 7 अन्य लोग को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
इनकी हुई गिरफ्तारी


मनीष मधुकर राजवाड़ा मुसरनिया निवासी कामेश्वर प्रसाद चौधरी का पुत्र है. उनके साथ अन्य जो शराब तस्कर गिरफ्तार हुए हैं उनके नाम डुमरा के विश्वनाथपुर के भगवानराय के पुत्र हनुमान कुमार, बाजपट्टी के मधुबन निवासी गणेश साह के पुत्र श्रवण कुमार और डुमरा के सिमरा निवासी कपिल राय के पुत्र सीताशरण कुमार समेत सात लोग हैं. सोनबरसा थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की की है.

सभी जेल भेजे गए
पुलिस ने स्कार्पियो में रखे नेपाली शराब के साथ गिरफ्तार करने की रिपोर्ट दर्ज की गई है. सभी गिरफ्तार को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है. सोनबरसा थानाध्यक्ष ने कहा है कि गिरफ्तारी के बाद सभी लोग अपना नाम और घर का पता गलत बता रहे थे, जांच के दौरान सभी के नाम और उनका वास्तविक पते सामने आए हैं.
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