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लोकसभा चुनाव 2019: भितरघात की आशंका के बीच JDU-RJD को सामाजिक समीकरण पर भरोसा

News18 Bihar
Updated: May 3, 2019, 2:30 PM IST
लोकसभा चुनाव 2019: भितरघात की आशंका के बीच JDU-RJD को सामाजिक समीकरण पर भरोसा
सुनील कुमार पिंटू और अर्जुन राय (फाइल फोटो)

चुनाव से ठीक पहले वर्तमान सांसद राम कुमार शर्मा ने राष्ट्रवादी लोक समता पार्टी बना ली है. वहीं महागठबंधन की ओर से यहां अर्जुन राय मैदान में हैं. जबकि एनडीए में जेडीयू की ओस से सुनील कुमार पिंटू ताल ठोक रहे हैं.

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सीतामढ़ी लोकसभा सीट का गठन 1957 में हुआ था. इसके बाद यहां अब तक 15 बार लोकसभा के चुनाव हो चुके हैं. पहले चार चुनाव में तीन बार कांग्रेस तो एक बार प्रजा सोशलिस्ट पार्टी ने जीती थी. लेकिन 1975 के इमरजेंसी के बाद यहां कांग्रेस महज एक बार ही जीत सकी है. 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सहानुभूति लहर में  कांग्रेस के रणश्रेष्ठ खिरहर जीते थे, लेकिन इसके बाद अब तक कोई कांग्रेसी नहीं जीत सका है.

1977 में भारतीय लोक दल ,1989, 1991 और 1996 में जनता दल का कब्जा रहा. 1998, 2004 में आरजेडी और 1999, 2009 में जेडीयू ने यहां से जीत दर्ज की. 2014 एनडीए में रहे आरएलएसपी के राम कुमार शर्मा ने चुनाव जीता था. उन्होंने आरजेडी के सीताराम यादव को 1 लाख 48 हजार वोट के बड़े अंतर मात दी थी.

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हालांकि इस बार यहां का सियासी समीकरण कुछ अलग है. चुनाव से ठीक पहले वर्तमान सांसद राम कुमार शर्मा ने राष्ट्रवादी लोक समता पार्टी बना ली है. वहीं महागठबंधन की ओर से यहां अर्जुन राय मैदान में हैं. जबकि एनडीए में जेडीयू की ओस से सुनील कुमार पिंटू ताल ठोक रहे हैं.

गौरतलब है कि  सीतामढ़ी सीट से जदयू ने पहले डॉ. वरुण कुमार को टिकट दिया था. लेकिन बीजेपी और जेडीयू की स्थानीय यूनिट के विरोध के कारण उनकी जगह जेडीयू ने आनन फानन में बीजेपी नेता सुनील कुमार पिंटू को पार्टी में शामिल कर अपना उम्मीदवार घोषित किया.

सीतामढ़ी का विश्व प्रसिद्ध जानकी मंदिर


सीतामढ़ी में एनडीए और महागठबंधन प्रत्याशी दोनों को अंदरूनी कलह का सामना करना पड़ रहा है.  डॉ वरुण से टिकट वापस लेना वैश्य समाज में थोड़ी नाराजगी दिख रही है. हालांकि सुनील पिंटू भी वैश्य ही हैं. पिंटू की जेडीयू में अचानक एंट्री से जेडीयू में नाखुशी है.
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वहीं  महागठबंधन में अर्जुन राय को आरएलएसपी से बागी हुए और वर्तमान सांसद रामकुमार शर्मा के खुले विराेध का सामना करना पड़ रहा है. वे खुलकर सुनील कुमार पिंटू का समर्थन कर रहे हैं.जबकि अर्जुन राय को टिकट मिलने पर आरजेडी के पूर्व के प्रत्याशी  सीताराम यादव भी नाराज चल रहे हैं. वे दल-बल के साथ राबड़ी आवास पर प्रदर्शन करने भी पहुंचे थे.

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बहरहाल भितरघात की आशंका के बीच इस सीट का सामाजिक समीकरण भी ऐसा है जो कोई भी अपनी जीत का पक्का दावा नहीं कर सकता है. यहां मुस्लिम, यादव और सवर्णों की बड़ी आबादी है. जबकि इस सीट पर वैश्य गेम चेंजर साबित हो सकते हैं.  इसी को देखते हुए एनडीए ने वैश्य जाति के उम्मीदवार को टिकट दिया है.

सीतामढ़ी का प्रसिद्ध हलेश्वर स्थान


यहां यादव 19 प्रतिशत, मुस्लिम 17 प्रतिशत, सवर्ण प्रतिशत और वैश्य 15 प्रतिशत हैं. सीतामढ़ी लोकसभा क्षेत्र के तहत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं - बथनाहा, परिहार, सुरसंड, बाजपट्टी, सीतामढ़ी और रुन्नीसैदपुर. 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में इनमें से तीन सीटों पर आरजेडी, दो सीटें बीजेपी और एक पर जेडीयू ने जीत दर्ज की थी.

सीतामढ़ी संसदीय सीट पर एक नजर

साल                                 जीते                                                             हारे
1957                     आचार्य जेबी कृपलानी(पीएसपी)                    बुझवन शाह(निर्दलीय)
1962                      नागेंद्र प्रसाद यादव(कांग्रेस)                          कांति कुमार सिन्हा(पीएसपी)
1967                      नागेंद्र प्रसाद यादव(कांग्रेस)                          टी वीयके सिंह(एसएसपी)
1971                      नागेंद्र प्रसाद यादव(कांग्रेस)                           तापेश्वर राय(बीजेएस)
1977                      श्याम सुंदर दास(बीएलडी)                            नागेंद्र प्रसाद यादव(कांग्रेस)
1980                      बलिराम भगत(कांग्रेस यू)                              शशि नारायण सिंह(कांग्रेस आई)
1984                       रणश्रेष्ठ खिरहर(कांग्रेस)                                इंदल सिंह नवीन(एलकेडी)
1989                      हुक्मदेव नारायण यादव(जनता दल)                नागेंद्र यादव(कांग्रेस)
1991                      नवल किशोर राय(जनता दल)                         रामवृक्ष चौधरी(जनता दल)
1996                      नवल किशोर राय(जनता दल)                         मो. अनवर उल हक(कांग्रेस)
1998                      सीताराम यादव(आरजेडी)                              नवल किशोर राय(जनता दल)
1999                      नवल किशोर राय(जेडीयू)                              सूर्यदेव राय(आरजेडी)
2004                      सीताराम यादव(जेडीयू)                                  नवल किशोर राय(जेडीयू)
2009                       अर्जुन राय(जेडीयू)                                        समीर कुमार महासेठ(आरजेडी)
2014                       राम कुमार शर्मा(आरएलएसपी)                       सीताराम यादव(आरजेडी)

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First published: May 1, 2019, 4:10 PM IST
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