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वशिष्ठ बाबू की याद में पहले फूट-फूटकर रोया, फिर रेत पर उकेर दी विशाल तस्वीर

Rakesh Ranjan | News18 Bihar
Updated: November 15, 2019, 10:34 PM IST
वशिष्ठ बाबू की याद में पहले फूट-फूटकर रोया, फिर रेत पर उकेर दी विशाल तस्वीर
सीतामढ़ी के डुमरा स्थित एमपी हाईस्कूल में सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने वशिष्ठ नारायण सिंह की रेत पर विशाल आकृति बना उन्हें श्रद्धांजलि दी.

बिहार (Bihar) के प्रख्यात गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह (Mathematician Vashistha Narayan Singh) की मृत्यु पर भावुक हुआ सैंड आर्टिस्ट (Sand artist) मधुरेंद्र. सीतामढ़ी (Sitamarhi) जिले में रेत पर वशिष्ठ बाबू की विशाल आकृति उकेरने से पहले कलाकार की आंखों से निकले आंसू.

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  • Last Updated: November 15, 2019, 10:34 PM IST
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सीतामढ़ी. बिहार (Bihar) के लाल और विश्व के महानतम गणितज्ञों में शुमार वशिष्ठ नारायण सिंह (Mathematician Vashistha Narayan Singh) का गुरुवार को पटना के पीएमसीएच में निधन हो गया. वशिष्ठ बाबू की मृत्यु पर न सिर्फ बिहार, बल्कि पूरा देश शोक में है. महान गणितज्ञ की इलाज में लापरवाही से बिहार के लोग आहत हैं. ऐसे ही लोगों में शुमार पूर्वी चंपारण का मशहूर सैंड आर्टिस्ट (Sand artist) मधुरेन्द्र कुमार भी है, जिसने शुक्रवार को वशिष्ठ बाबू की याद में सीतामढ़ी (Sitamarhi) जिले के डुमरा स्थित एमपी हाईस्कूल में रेत पर उनकी विशाल आकृति उकेरी. इस आकृति को बनाने से पहले मधुरेंद्र फूट-फूटकर रो पड़ा. लेकिन कुछ देर बाद उसने अपने आंसू पोछे और फिर रेत पर इस महान गणितज्ञ की तस्वीर उकेरने लगा. 5 घंटों की कठिन मेहनत के बाद मधुरेंद्र ने विश्वविख्यात गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह की विशाल आकृति (Sand art) उकेर डाली. इस कलाकृति के जरिए मधुरेंद्र के साथ-साथ स्कूल परिसर में मौजूद कई लोगों ने भावपूर्ण अंदाज में दिवंगत गणितज्ञ को श्रद्धांजलि दी.

देश को अपूरणीय क्षति
सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र ने बताया कि वशिष्ठ बाबू के निधन से देश को अपूरणीय क्षति हुई है. मधुरेंद्र ने कहा कि अल्बर्ट आइंस्टीन के सापेक्षता सिद्धांत को चुनौती देने वाले एक महान वैज्ञानिक को उनके आखिरी दिनों में भी हम वह सम्मान नहीं दे पाए, जिसके वह हकदार थे. मधुरेंद्र ने वशिष्ठ बाबू के जीवन से जुड़ी कई कहानियां बताते हुए कहा कि ईश्वर ने शिक्षा जगत की महत्वपूर्ण हस्ती को हमसे दूर कर दिया. यह सिर्फ बिहार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश का नुकसान है.

Sand artist created huge figure in memory of Vashistha Narayan Singh in Sitamarhi of Bihar
महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का गुरुवार को पटना में निधन हो गया.


महापुरुषों को ऐसे ही देते हैं श्रद्धांजलि
सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र ने बताया कि वह बिहार और देश के महान सपूतों और महापुरुषों की जयंती या पुण्यतिथि पर सैंड आर्ट बनाकर ही श्रद्धांजलि देते हैं. उन्होंने बताया कि महापुरुषों की तस्वीर रेत पर उकेरने से उनके मन को शांति मिलती है. साथ ही यह अनुभूति भी होती है कि महान लोगों को याद करने का यह अनोखा तरीका हो सकता है. शुक्रवार को जब डुमरा के एमपी हाईस्कूल में मधुरेंद्र ने वशिष्ठ बाबू की विशाल आकृति बनाई, तो उस पर वहां मौजूद शिक्षक और छात्रों ने फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की.

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First published: November 15, 2019, 10:34 PM IST
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