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रंग लाई डीएम की स्वच्छता मुहीम, लोगों ने शाही अंदाज में किया स्वागत

Himanshu Jha | News18Hindi
Updated: June 2, 2017, 11:00 AM IST
रंग लाई डीएम की स्वच्छता मुहीम, लोगों ने शाही अंदाज में किया स्वागत
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सीतामढ़ी जिला के परिहार प्रखंड को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने के अवसर पर गर्व यात्रा निकाली गई थी. इस यात्रा में लोगों ने सीतामढ़ी के जिला पदाधिकारी राजेश रौशन का शाही अंदाज में स्वागत किया.

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घोड़े, हाथी, रथ और गाजे-बाजे यूं तो कभी राजा-महराजा के काफिले की शोभा बढ़ाया करते थे, लेकिन बिहार के इस जिले में शौचालय और स्‍वच्‍छता जैसे मुद्दों पर इनका हुजूम देखने को मिला. मौका था सीतामढ़ी के परिहार प्रखंड को खुले में शौच मुक्त घोषित करने का.

परिहार को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने के अवसर पर गर्व यात्रा निकाली गई थी. इस यात्रा में लोगों ने सीतामढ़ी के जिला पदाधिकारी राजेश रौशन का शाही अंदाज में स्वागत किया.

मई की चिलचिलाती धूप में सबसे आगे फूलों की माला से सजे रथ पर चल रहे डीएम को देखकर यह कयास लगाना कठिन नहीं था कि उनके पहल पर लोगों की सोच में शौचालय निर्माण और उसके प्रयोग को लेकर बदलाव आ रहा है. बिहार लगातार खुले में शौच से मुक्त होने की राह पर अग्रसर है. अब तक कुल 8,391 ग्राम पंचायतों में से 500 से अधिक खुले में शौच से मुक्त घोषित हो चुके हैं.

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स्‍वच्‍छ भारत अभियान और लोहिया स्‍वच्‍छ बिहार अभियान के तहत सभी जिलों में शौचालय निर्माण और उसके प्रयोग की दिशा में काम हो रहा है. यूनिसेफ की पहल पर बिहार के दो जिले सीतामढ़ी और रोहतास में इस दिशा में ठोस काम देखने को मिलते हैं. समाज को खुले में शौच से मुक्‍त करना केंद्र सरकार के साथ-साथ बिहार सरकार की प्राथमिकताओं में भी शामिल है. बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी सरकार के सात निश्चयों में इसे शामिल किया है.

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हाल में ही बिहार के सीतामढ़ी जिला के परिहार प्रखंड को खुले में शौच से मुक्‍त घोषित करने के साथ ही बेलसंड अनुमंडल और 5 प्रखंड खुले में शौच से मुक्‍त हो गए हैं. अब तक यहां के लगभग 273 पंचायतों में से 160 में लोगों की आदत बदली है. जिलाधिकारी राजेश रौशन बहुत जल्द अपने जिले को इस सामाजिक अभिषाप से मुक्त कराने का दावा करते हैं.लिम्‍का बुक ऑफ रिकार्ड में भी शामिल है सीतामढ़ी का नाम

पिछले साल इसी जिले में डीएम के नेतृत्व में सीतामढ़ी जिले में जल संरक्षण को लेकर एक अनूठी पहल की गई थी. एक दिन में पूरे जिले में 2168 सोख्ते (सोक पिट) का निर्माण कर एक रिकॉर्ड कायम किया गया था. इसके लिए सीतामढ़ी का नाम 'लिम्‍का बुक आफॅ रिकार्ड' में भी शामिल किया गया. सरकारी स्‍कूलों, मदरसों, निजी स्‍कूलों, आंगनबाडियों, स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों, थानों और प्रखंड कार्यालयों हर सार्वजनिक जगह पर जल संरक्षण के पहल किए गए थे.



यूनिसेफ के वाटर सेनिटेशन विशेषज्ञ प्रवीण मोरे बताते हैं कि संस्था का पूरा फोकस लोगों के व्य्वहार में बदलाव लाकर शौचालय प्रयोग की आदत विकसित करने पर है. इसके लिए हमने हर समुदाय को प्रेरित करने के लिए समुदाय संचालित संपूर्ण स्‍वच्‍छता (कम्‍यूनिटी लेड टोटल सैनिटेशन) के माध्यम से लोगों को जागरूक किया. यह एक विधि हैं जिसमें कुछ खास लोग अलग-अलग तकनीकों का प्रयोग कर गावों में लोगों को शौचालय के प्रयोग के लिए प्रेरित करते हैं.

सीतामढ़ी बिहार का पहला जिला है जो कि तेजी से खुले में शौच से मुक्त होने की राह में अग्रसर हो चुका है. अगले महीने जून 2017 में जिला प्रशासन ने इसे खुले में शौच मुक्‍त करने का लक्ष्‍य रखा है. अगर ऐसा होता हैं तो यह बिहार का पहला और भारत का तीसरा जिला होगा जो खुले में शौच मुक्‍त घोषित होगा. इससे पहले मध्‍य प्रदेश का इंदौर और पशचिम बंगाल का नादिया खुले में शौच मुक्‍त घोषित हो चुका है.

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First published: June 2, 2017, 10:53 AM IST
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