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Bihar News: सीवान में अब बिना परमिशन खेतों में नहीं चला पाएंगे कंबाइन-हार्वेस्टर, आदेश जारी

Siwan News: ऐसा नहीं करने पर जुर्माना के साथ मालिकों पर प्राथमिकी दर्ज हो सकती है.

Siwan News: ऐसा नहीं करने पर जुर्माना के साथ मालिकों पर प्राथमिकी दर्ज हो सकती है.

Siwan News: जिला कृषि पदाधिकारी जयराम पाल ने न्यूज 18 लोकल को बताया कि कंबाइन हार्वेस्टर से कटिंग कराने के पश्चात किसान ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट: अंकित कुमार सिंह

सीवान: बिहार के सीवान जिले में कंबाइन-हार्वेस्टर मालिकों के लिए बुरी खबर है. जिला कृषि कार्यालय ने सख्त निर्देश जारी किया है. जिसका पालन करना कंबाइन हार्वेस्टर मालिकों के लिए आवश्यक है. निर्देश की अवहेलना करने पर कंबाइन हार्वेस्टर मालिकों को जुर्माना देना पड़ सकता है. साथ ही उन्हें कानूनी प्रक्रिया से भी जूझना पड़ सकता है. इससे बचने के लिए जिला कृषि कार्यालय से संपर्क कर कंबाइन हार्वेस्टर चलाने के लिए उन्हें पास बनवाना पड़ेगा. जिसके पश्चात धान की कटनी के लिए अपनी गाड़ियों को चलवा पाएंगे. ऐसा नहीं करने पर जुर्माना के साथ मालिकों पर प्राथमिकी दर्ज हो सकती है तथा वाहन को जब्त भी किया जा सकता है.

फसलों के अवशेष जलाने पर रहेगी पाबंदी
सीवान जिले में खेतों में फसलों के अवशेष जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण की रोकथाम व खेतों की मिट्टी को हानि पहुंचने से बचाने के लिए कई तरह की पहल की जा रही है. ऐसे में इसे रोकने के लिए सरकार द्वारा फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई भी की जा रही है. इतना ही नहीं फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है. फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को कम करने के लिए धान की कटनी में कंबाइन हार्वेस्टर मालिकों को कृषि विभाग से पास लेना अनिवार्य किया गया है. साथ ही उन्हें इस आशय का शपथ पत्र देने की बात कही गई है कि उन्होंने कंबाइन हार्वेस्टर में एसएमएस यानी एक्स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगवा लिया है. इसके बाद ही इससे खेतों में धान की कटनी की अनुमति कृषि विभाग द्वारा दिया जाएगा, अन्यथा उनको पास निर्गत नहीं किया जाएगा.

क्या है कंबाइन हार्वेस्टर मशीन में लगने वाले SMS
कंबाइन हार्वेस्टर मशीन में लगने वाले SMS यानी एक्स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम बहुत ही महत्वपूर्ण होता है. कम पैसों में यह सिस्टम लग जाने से मशीन फसल के डंठल को जमीन की सतह से कटिंग कर लेता है. इससे खेतों में डंठल का अवशेष रहने की कहीं से कोई गुंजाइश नहीं रह जाती है. ऐसी स्थिति में पराली जलाने की समस्या किसानों के समक्ष उत्पन्न नहीं होती है और खेत कटनी के साथ ही साफ-सुथरा हो जाता है. जिससे पराली जलाने की घटनाएं कम होती है. इसी उद्देश्य को लेकर विभाग ने मशीनों में एसएमएस लगाने का निर्देश दिया है.

खेतों में पराली जलाने से उर्वरा शक्ति होती है कम
जिला कृषि पदाधिकारी जयराम पाल ने न्यूज 18 लोकल को बताया कि कंबाइन हार्वेस्टर से कटिंग कराने के पश्चात किसान खेतों में रह जा रहे डंठल में आग लगाकर उसे जला देते हैं. पराली जलाने की घटना से वायु प्रदूषण के साथ-साथ कई प्रकार की अन्य घटनाएं भी होती है. साथ ही कृषि योग्य भूमि में बैक्टीरिया भी मर जाते हैं तथा खेत की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है. सरकार सहित कृषि विभाग के द्वारा किसानों को पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए कई तरह से जागरूकता अभियान चलाकर किसानों जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है. इसके बाद भी पराली जलाने की घटनाएं होती है. जिस पर कारवाई भी की जाती है.

वहीं पराली जलाने की घटना पर अंकुश लगाने के लिए विभाग ने निर्णय लिया है कि व्यापक पैमाने पर जनहित में किसानों को गाइडलाइन का गंभीरता से पालन कराया जाए. इसके अनुपालन को लेकर सभी बीएओ व कृषि समन्वयकों को निर्देशित किया गया है. जो तमाम गतिविधियों पर नजर रखेंगे. साथ ही कंबाइन हार्वेस्टर में एसएमएस लगाना जरूरी है. मशीन में यह यंत्र नहीं होने पर न ही पास मिलेगा और न ही मशीन चलाई जा सकती है. मालिकों के द्वारा आदेश की अवहेलना की जाती है तो कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.

Tags: Agriculture department, Bihar News, Farmer Harassment, Farmer Laws, Siwan news

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