Shahabuddin Death: सीवान का 'साहेब' शहाबुद्दीन, तेजाब में नहलाने, आतंक और सियासत के सफर की कहानी

पूर्व सांसद शहाबुद्दीन का आज कोरोना संक्रमण से निधन हो गया.

पूर्व सांसद शहाबुद्दीन का आज कोरोना संक्रमण से निधन हो गया.

Shahabuddin Death: हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे राजद के पूर्व सांसद और बाहुबली शहाबुद्दीन का आज दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में निधन हो गया. कोरोना संक्रमित होने के बाद शहाबुद्दीन को पिछले महीने अस्पताल में भर्ती किया गया था.

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पटना. मो शहाबुद्दीन बिहार की राजनीति का एक ऐसा चेहरा जिस चेहरे में ना जाने कितने चेहरे समाए हुए थे. सीवान के छोटे से इलाके से शुरू हुई आतंक और खौफ के साथ राजनीतिक पकड़ ने शहाबुद्दीन को इतना बड़ा बना दिया कि जेल में रहते हुए विधानसभा के चुनाव जीते और देखते-देखते सीवान के सांसद भी बन गए. शहाबुद्दीन की शख्सियत ऐसी की कोई उसे रॉबिन हुड बताता तो कई लोग इसे आतंक और दहशतगर्दी का दूसरा नाम. तिहाड़ जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे शहाबुद्दीन को कोरोना होने के बाद कुछ दिन पहले दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आज उनका निधन हो गया.

सीवान की धरती पहले राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद की धरती रही है. इस धरती पर शहाबुद्दीन जैसा बाहुबली पैदा होना आसान नहीं था. वह दौर था जब बीजेपी और कम्युनिस्ट पार्टी के साथ संघर्ष का सिलसिला शुरू हुआ. शहाबुद्दीन उन दिनों खून खराबे के लिए प्रचलित हो रहा था. 1986 का साल था जब पहली बार शहाबुद्दीन पर हुसैनगंज थाने में  FIR दर्ज की गई. उस समय शहाबुद्दीन की उम्र मात्र 19 साल थी. उसके बाद शहाबुद्दीन ने अपराध के दुनिया में वो पहचान बनाई जिससे सीवान में उसके नाम की दहशत फैल गई. चोरी, डकैती, हत्या, अपहरण, रंगदारी, दंगा जैसे एक दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज होते चले गए.

शहाबुद्दीन से साहेब बनने की कहानी

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