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News18 Impact : केंद्र से आया फंड, पहले राष्ट्रपति के बदहाल पड़े घर का अब होगा कायाकल्प पर कैसे?

छमूे 18 लोकल की कहानी रंग लाई. अब तक देश के पहले राष्ट्रपति का जो घर अनदेखी का शिकार था, अब उसके दिन फिरने शुरू हुए हैं ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- अंकित कुमार सिंह

सिवान. पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के पैतृक आवास को सुंदर बनाने का काम शरू हो गया है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के इस काम को लेकर स्थानीय लोगों में खुशी है. राजेंद्र बाबू के पैतृक आवास के सौंदर्यीकरण पर करीब 17.50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. इस राशि से मेंटेनेंस और आवास के संरक्षण को लेकर खर्च किया जाएगा. बता दें कि News18 Local ने खबर प्रमुखता से दी थी, जिसके बाद विभाग हरकत में आया और यह काम शरू हो पाया. सिवान मुख्यालय से महज़ 15 किलोमीटर दूर जीरादेई में राजेंद्र प्रसाद का पैतृक आवास है.

अभी मकान की चहारदीवारी का निर्माण होगा. इसके साथ ही भवन के अंदर लोगों को भ्रमण करने के लिए पाथवे भी बनाया जाएगा. भारतीय पुरातत्व संरक्षण विभाग के सर्किल ऑफिसर विक्रम झा ने News18 Local को बताया कि विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर काम शुरू किया गया है. अभी और काम भी होगा. इसके लिए विभाग के तरफ से निविदा की प्रक्रिया चल रही है. 6 माह के अंदर काम पूरा भी करा लिया जाएगा.

कैसे फिरे इस स्मारक के दिन?

हाईकोर्ट के निर्देश पर यह काम शुरू किया गया. सिवान के जीरादेई में नौ महीने पहले पटना हाईकोर्ट के जज भ्रमण करने आए हुए थे. मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने जीरादेई पहुंचने पर प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया था. इसके बाद पैतृक आवास .का जायज़ा लेकर वह सिवान से पटना गए थे. कुछ दिनों के बाद ही पटना के एक अधिवक्ता ने राजेंद्र बाबू के पैतृक आवास सहित अन्य स्मारकों की दयनीय स्थिति देखते हुए याचिका दायर कर दी. कोर्ट ने सुनवाई कर तीन सदस्यीय टीम बनाई. टीम ने जांच रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट को दी. पटना हाईकोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार से जवाब तलब किया और फिर केंद्र ने फंड आवंटन किया.

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के स्टाफ और देश रत्न डॉ. राजेंद्र बाबू के पैतृक आवास के केयरटेकर भानु प्रताप सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि लगभग 17.50 लाख की लागत से छह महीने में काम हो जाएगा, जिसके बाद लोग यहां इतिहास को जानने समझने आ सकेंगे.

Tags: Archaeological Survey of India, Siwan news

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