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सीवान लोकसभा सीट: शहाबुद्दीन की पत्नी जीतेंगी या NDA मारेगा बाजी?

चुनाव प्रचार के दौरान हिना शहाब

चुनाव प्रचार के दौरान हिना शहाब

सीवान लोकसभा सीट पर 2019 के लोकसभा चुनाव में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा. इस लोकसभा सीट पर ओम प्रकाश यादव दो बार से जीत रहे हैं

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सीवान लोकसभा सीट पर 2019 के लोकसभा चुनाव में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा. इस लोकसभा सीट पर ओम प्रकाश यादव दो बार से जीत रहे हैं. 2009 में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ जीत हासिल की थी और 2014 में वो बीजेपी का टिकट लेकर संसद पहुंचे थे. लेकिन इस बार यह सीट गठबंधन के तहत जेडीयू के खाते में चली गई है. जेडीयू ने हिंदू युवावाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह की पत्नी कविता सिंह को टिकट दिया है.

आरजेडी की तरफ से बाहुबली और सीवान में हुए तिहरे हत्याकांड में सजा काट रहे शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब चुनाव मैदान में हैं. ये हिना की तीसरी कोशिश है. इससे पहले वो दो चुनाव यहां से हार चुकी हैं. बिहार के उत्तरी हिस्से स्थित इस सीट पर यादव-मुस्लिम-राजपूत जातियों का खासा प्रभाव है. फिलहाल कविता जेडीयू की विधायक हैं.

राजनीतिक इतिहास



लालू यादव के बिहार का सीएम बनने के बाद हिना शहाब के पति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने इस सीट पर एकक्षत्र राज किया. 1992 से शुरू हुई उनकी जीत का सिलसिला 2004 तक चला. अपनी बाहुबली छवि के लिए कुख्यात शहाबुद्दीन को जब सजा हुई तो उनकी पत्नी हिना शबाब ने जिम्मेदारी संभाली. हालांकि शहाबुद्दीन की इलाके पर जबरदस्त पकड़ होने के बावजूद हिना शहाब को जीत हासिल नहीं हुई. ओम प्रकाश यादव दोनों ही बार हिना को हराने में कामयाब रहे.
kavita singh
कविता सिंह (File Photo)


समीकरण

बता दें कि 2014 लोकसभा चुनाव में कुल मतदाता 15,63,860 थे. सांसद ओमप्रकाश यादव को 3,72,670 वोट मिले थे. हीना शहाब को 2,58,823 वोट हासिल हुए थे. सीवान संसदीय क्षेत्र के तहत 6 विधानसभा सीटें आती हैं-सीवान, जीरादेई, दरौली, रघुनाथपुर, दरौंदा और बरहड़िया. इनमें से 6 सीटें जेडीयू ने विधानसभा चुनाव के दौरान जीती थीं.

मोहम्मद शहाबुद्दीन


बदले हालात

बिहार विधानसभा चुनाव के समय से हालात लोकसभा चुनाव में बदले हुए हैं. 2015 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू-आरजेडी ने गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ा था. उस चुनाव में गठबंधन ने जबरदस्त सफलता हासिल की थी. वर्तमान हालात बदले हुए हैं. अब एनडीए के पुराने सहयोगी बीजेपी-जेडीयू साथ आ गए हैं. ऐसे में शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब के लिए तीसरी लड़ाई भी आसान नहीं है. वहीं जेडीयू प्रत्याशी के साथ मुश्किलें यह हैं कि स्थानीय स्तर पर सांसद ओम प्रकाश यादव के प्रति लोगों में गुस्सा भी है. एनडीए प्रत्याशी को इस गुस्से से पार पाना होगा.

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