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सरकारी दावों की खुली पोल, दवा और ब्लड की कमी से मरीज परेशान

ETV Bihar/Jharkhand
Updated: November 9, 2017, 6:20 PM IST

सीवान के सदर अस्पताल फटेहाल अवस्था में है. यहां मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पाते हैं. इतना ही नहीं प्रसूति के बाद मरीजों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाती है उसके लिए भी उन्हें पापड़ बेलने पड़ते हैं.

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बिहार में स्वास्थ्य सेवा बेहतर करने के लिए सरकार चाहे लाख दावा कर ले, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है. सीवान सदर अस्पताल में मरीजों को अक्सर दवा और खून की कमी से जूझना पड़ता है. इतना ही नहीं यहां समय से डॉक्टर भी नहीं आते हैं. इस वजह से मरीजों को काफी समस्या होती है.

सीवान के सदर अस्पताल फटेहाल अवस्था में है. यहां मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पाते हैं. इतना ही नहीं प्रसूति के बाद मरीजों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाती है उसके लिए भी उन्हें पापड़ बेलने पड़ते हैं.

सरकारी पैसों के लिए मरीज के परिजनों को अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ता है. साथ ही मरीजों का आरोप है कि उसका हक देने के लिए स्वास्थ्य कर्मी की ओर से पैसों की भी मांग की जाती है. वहीं दूसरी तरफ अस्पताल में किसी-किसी दिन तो समय से डॉक्टर या कर्मी नहीं आते हैं, जिससे दूर-दराज से आये मरीजों को काफी परेशानी होती है.

प्रशासन लाख दावा कर ले लेकिन सीवान सदर अस्पताल की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है. इस बात की जानकारी जब सीवान जिलाधिकारी को दिया गया तो उन्होंने कहा मानव संसाधन और संसाधनों की कमी है, लेकिन पिछले एक वर्ष से सदर अस्पताल काफी अच्छा काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि हम लगातार निरीक्षण भी कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने जल्द ही व्यवस्था सुधार लेने का दावा भी किया.

(मृत्युंजय की रिपोर्ट)

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First published: November 9, 2017, 6:20 PM IST
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