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शहाबुद्दीन को सलाखों के पीछे पहुंचाने वाले सीवान के चर्चित चंदा बाबू का निधन, बेटों के न्याय के लिए लड़ी थी जंग

शहाबुद्दीन को जेल भेजने वाले सीवान के चंदा बाबू का निधन (फाइल फोटो)

शहाबुद्दीन को जेल भेजने वाले सीवान के चंदा बाबू का निधन (फाइल फोटो)

Chanda Babu: बिहार के बाहुबली शहाबुद्दीन के खिलाफ लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने वाले चंदा बाबू की पत्नी का भी कुछ महीने पूर्व निधन हो गया था. बुधवार की रात को वो भी अचानक जिंदगी से जंग हार गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 17, 2020, 7:43 AM IST
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सीवान. बिहार के सीवान में हुए चर्चित तेजाब कांड में अपने दो बेटों को गंवाने वाले और RJD के पूर्व सांसद मो शहाबुद्दीन के खिलाफ कानून जंग लड़कर जेल भिजवाने वाले चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू का निधन हो गया है. बुधवार की देर शाम उन्होंने अंतिम सांस बड़हरिया स्टैंड स्थित अपने आवास पर ली. चंदा बाबू पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे और घर पर ही रहते थे.

परिजनों द्वारा उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. चंदा बाबू के मौत की सूचना मिलते ही उनके आवास पर काफी संख्या में नेताओं सहित अन्य लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. सभी लोग उनके दिव्यांग पुत्र को सांत्वना दे रहे थे. बता दें कि चंदा बाबू के दो पुत्रों को तेजाब से नहलाकर हत्या करने का आरोप राजद के पूर्व सांसद मो शहाबुद्दीन पर लगा था. इस मामले में शहाबुद्दीन को निचली अदालत से सजा भी हुई है. यह मामला काफी चर्चित रहा था.

इसके बाद उनके तीसरे पुत्र राजीव रौशन (तेजाब कांड का मुख्य गवाह था) की भी हत्या अपराधियों ने शहर के डीएवी मोड़ पर गोली मार कर दी थी. इस घटना के बाद से वो अपने दिव्यांग चौथे पुत्र के साथ शहर के गौशाला रोड स्थित अपने आवास में रहते थे. 16 अगस्त 2004 को कुछ बाहरी तत्वों के दबाव बनाने पर चंद्रकेश्वर बाबू उर्फ चंदा बाबू के परिवार और बाहरी आगंतुकों के बीच झड़प हो गई थी.



जान बचाने के उद्देश्य से चंदा बाबू के परिवार वालों ने कारोबार के उद्देश्य से रखे गए तेजाब को फेंक कर अपनी जान बचाई जिसमें बाहरी तत्वों के दो लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिसके बाद चंदा बाबू के तीन बेटों गिरीश, सतीश और राजीव का बदमाशों ने अपहरण कर लिया. ऐसा कहा जाता है कि बदमाशों ने गिरीश और सतीश को तेजाब से नहला कर मार दिया था जबकि इस मामले का चश्मदीद रहे राजीव किसी तरह बदमाशों की चंगुल से अपनी जान बचाकर भाग निकला.
बाद में राजीव ही अपने भाइयों के तेजाब से हुई हत्याकांड का मुख्य गवाह बना मगर 2015 में शहर के डीएवी मोड़ पर अपराधियो ने उसकी भी गोली मार कर हत्या कर दी. हत्या की इस घटना के महज 18 दिन पहले ही राजीव की शादी हुई थी. इस घटना के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया था.

रिपोर्ट- मृत्युंजय कुमार सिंह
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