बिहार: जल संसाधन मंत्री के काफिले से टकरा कर बच्ची की मौत, गुस्साए ग्रामीणों का हंगामा
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बिहार: जल संसाधन मंत्री के काफिले से टकरा कर बच्ची की मौत, गुस्साए ग्रामीणों का हंगामा
सुपौल में मंत्री के काफिले से कुचल कर बच्ची की मौत

हादसे के विरोध में नोनपार के पास लगाया गया सड़क जाम (Road Jaam) लगभग ढाई घंटे बाद समाप्त हुआ. एसडीएम (SDM) ने बताया कि यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि किस वाहन से ठोकर लगी है.

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  • Last Updated: September 11, 2020, 6:57 AM IST
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सुपौल. बीरपुर में कोसी नदी को लेकर बनने वाले फिजिकल मॉडलिंग सेंटर का भूमि पूजन करने जा रहे बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा (Water Resources Minister Sanjay Kumar Jha) के काफिले से हादसे का शिकार होकर एक बच्ची की मौत हो गयी. हादसा भपटियाही थाना क्षेत्र के पूर्वी कोसी तटबंध पर नोनपार गांव के पास हुआ, जिसके बाद सरायढ़ पुलिस घटनास्थल पर पहुंच कर मामले की जानकारी ली. घटना से आक्रोशित लोगों ने कुछ समय के लिए सड़क जाम कर हंगामा भी किया. इस दौरान लोगों ने पुलिस की एक गाड़ी का सीसा भी तोड़ दिया. बताया जा रहा है कि घटना के बाद कई थाना की टीम घटनास्थल पर पहुंच कर लोगों को शांत कराया. सूचना मिलते ही पहुंचे डीएम-एसपी ने लोगों से बातचीत की है.

मामले को लेकर जब जल संसाधन मंत्री संजय झा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्‍होंने डीएम औऱ एसपी को फोन कर मामले को देखने को कहा है. दरअसल, जल संसाधन मंत्री गुरुवार को बीरपुर में फिजिकल मॉडलिंग सेंटर का भूमी पूजन करने जा रहे हैं. उनके काफिले में इस दौरान दर्जनों गाड़ियां शामिल थीं.

घटना के बारे में बताया जा रहा है कि नोनपार निवासी प्रदीप साह की 8 साल की बेटी अंशु कुमारी अपनी दादी कुसमी देवी के साथ सड़क किनारे खेल रही थी. दोपहर लगभग 3 बजे डेढ़ दर्जन वाहनों के साथ तेज रफ्तार से जल संसाधन मंत्री का काफिला उधर से गुजरा. इसी काफिले में शामिल किसी वाहन से बच्ची को ठोकर लग गई और उसकी मौत घटनास्थल पर ही हो गई.



मिली जानकारी के अनुसार दुर्घटना के बाद मंत्री सहित अन्य अधिकारियों के बिना रुके चले जाने पर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने सड़क जाम कर दिया. जाम और वाहनों को रोक कर रखे जाने की सूचना पर वीरपुर से एसडीएम कुमार सत्येन्द्र यादव और एएसपी रामानंद कुमार कौशल कई थानों की पुलिस के साथ पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों को वाहनों को छोड़ने के लिए काफी समझाया. केस हो जाने की चेतावनी भी दी, लेकिन ग्रामीण मंत्री को घटनास्थल पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे.
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