बिहार चुनाव: टिकट कटा तो BJP के पूर्व विधायक ने पार्टी को अंतिम प्रणाम कह पीएम मोदी और नड्डा को लिखी चिट्ठी

टिकट कटने से नाराज भाजपा के पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना ने प्रदेश नेताओं पर बड़े आरोप लगाए.
टिकट कटने से नाराज भाजपा के पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना ने प्रदेश नेताओं पर बड़े आरोप लगाए.

Bihar Assembly Election 2020: BJP के पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना (Kishore Kumar Munna) ने लिखा कि वह छात्र जीवन से संघ से जुड़े रहे, लेकिन आज मैंने पार्टी कार्यालय में दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा को प्रणाम कर पार्टी से नाता तोड़ लिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 16, 2020, 9:11 AM IST
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पटना. विभिन्न गठबंधनों में शामिल दलों में सीट शेयरिंग इस तरह से हुई है कि कई दावेदारों के टिकट कट गए हैं. ऐसे में बेटिकट नेताओं की नाराजगी भी लगातार सामने आ रही है. इसी में BJP के पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना (Kishore Kumar Munna) का नाम भी शामिल है. टिकट कटने के बाद उनकी नाराजगी सामने आई है और उन्होंने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है. बता दें कि किशोर कुमार मुन्ना सहरसा सीट से बीजेपी के टिकट के दावेदार थे, लेकिन उनकी जगह आलोक रंजन झा को टिकट दे दिया गया. अब किशोर कुमार मुन्ना ने पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi), बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) और प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल (Sanjay Jaisawal) को पत्र लिखकर अपने गुस्से का इजहार किया है.

पूर्व विधायक ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंच कर प्रदेश अध्यक्ष के नाम का पत्र सह संगठन महामंत्री शिवनाराण महतो को सौंपा. किशोर कुमार मुन्ना ने टिकट बंटवारे में प्रदेश के नेताओं पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि जाति का हवाला देकर मेरा टिकट काटा गया है. उन्होंने कहा कि मैं अपने छात्र जीवन से संघ से जुड़ा रहा, पार्टी के लिए दिन रात मेहनत की, लेकिन पार्टी ने हमारे जैसे समर्पित कार्यकर्ताओं को अपमानित किया. सहरसा से जो पिछले चुनाव में चालीस हज़ार से अधिक वोटों से हारा, उसे पार्टी ने टिकट दे दिया. मैंने पार्टी कार्यालय में दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा को प्रणाम कर पार्टी से अपना नाता तोड़ लिया है.

उन्‍होंने पार्टी के बड़े नेताओं पर फोन न उठाने और उम्मीदवार के नाम की घोषणा से भरोसे में न लेने पर आपत्ति जताई है. किशोर कुमार ने पत्र में लिखा, 'विगत बिहार विधानसभा चुनाव (2015) में भी मैं अपने गृहक्षेत्र में चुनाव लड़ना चाहता था, लेकिन शाहनवाज हुसैन जी के अंतिम समय में इनकार कर दिए जाने पर मुझे बलि का बकरा बनाकर सुपौल चुनाव लड़ने के लिए भेज दिया गया.'



पूर्व विधायक ने आगे लिखा, नॉमिनेशन के अंतिम दिन से एक दिन पहले मेरे नाम की घोषणा की गई. बावजूद इसके स्थानीय कार्यकर्ताओं को अपने व्यक्तिगत परिचय के आधार पर मिलाकर संघर्ष किया था और 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को जितना मत प्राप्त हुआ था, उससे तिगुना मत प्राप्त करके सम्मानजनक स्थिति में पार्टी को लेकर आया था.
किशोर कुमार ने अपनी पीड़ा का इजहार करते हुए लिखा कि पार्टी ने उसके बाद सदैव कहा आपको चुनाव लड़ाएंगे, लेकिन कोशी क्षेत्र में मात्र दो सीट लेकर क्षेत्र के सभी कार्यकर्ताओं की जीतोड़ मेहनत का मज़ाक उड़ाया गया. बता दें कि पूर्व विधायक रहे किशोर कुमार मुन्ना ने 2015 के चुनाव में सुपौल से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था.
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