Assembly Banner 2021

सड़क सुरक्षा का अनोखा संदेश, माला की जगह हेलमेट पहनाकर किया बारातियों का स्वागत

बिहार के सुपौल में हेलमेट पहनाकर बारातियों का स्वागत करते लोग

बिहार के सुपौल में हेलमेट पहनाकर बारातियों का स्वागत करते लोग

ये अनोखी शादी बिहार के सुपौल (Supaul) जिले के वीरपुर अनुमंडल के प्रतापगंज प्रखंड के दुअनियां गांव में हुई जहां 151 बारातियों का स्वागत हेलमेट (Helmet) पहनाकर किया गया.

  • Share this:
सुपौल. बिहार के मिथिलांचल में पान और मखान यानी मखाना से स्वागत की परंपरा रही है लेकिन यहां एक शादी में दुल्हन के पिता ने हेलमेट देकर लोगों को सड़क सुरक्षा का संदेश दिया. सुपौल में हुई इस शादी में कन्या पक्ष के लोगों ने 151 की संख्या में पहुंचे बारातियों को हेलमेट गिफ्ट कर बढ़ती सड़क दुर्घटना के प्रति जागरुक किया. इस समाजिक पहल के इलाके के कई अधिकारी भी गवाह बने .

अररिया से आई थी बारात

ये अनोखी शादी सुपौल के वीरपुर अनुमंडल के प्रतापगंज प्रखंड के दुअनियां गांव में गिरींद्र दास की पुत्री सोनी की हुई. अररिया जिले के भरगामा थाना क्षेत्र के जयनगर से केवलचंद्र दास अपने बेटे कल्याण कुमार दास की बरात लेकर आए थे. यहां बरात के स्वागत के लिए वीरपुर के अनुमंडलाधिकारी सुभाष कुमार खुद खड़े थे. खास यह कि गिरींद्र दास कोई प्रशासनिक व्यक्ति नहीं हैं लेकिन हर दिन औसतन एक सड़क दुर्घटना गवाह बन रहे सुपौल में लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने उनकी इस कवायद में पूरा प्रशासनिक अमला लगा रहा.



151 बारातियों को पहनाया हेलमेट
इस पिता की अनोखी पहल ने सुपौल ही नहीं बल्कि अररिया जिले के 151 बारातीयों को भी संदेश दे दिया. इस मौके पर एसडीओ के साथ प्रखंड प्रमुख भूप नारायण यादव, प्रभारी बीडीओ राजाराम पासवान, अंचलाधिकारी अबू नसर, थानाध्यक्ष रजनीश कुमार केशरी, सरपंच मजीद साफी, राम कुमार दास, संजीव बिराजी सहित सरातियों ने 151 हेलमेट पहनाकर शादी में आए लोगों का स्वागत किया. पहले तो बरातियों को स्वागत का यह तरीका समझ नहीं आया, पर जब इसके पीछे के उद्देश्य को जाना तो सभी ने इसका स्वागत किया.

लोगों का खुद की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना उद्देश्य

गिरिन्द्र दास ने बताया कि उनका घर नेशनल हाइवे 57 के किनारे है. वेोअक्सर दुर्घटनाओं देखते हैं. इसमें कइयों की मौत की खबर अखबार में पढऩे को मिलती है. सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत 'स्थानीय प्रशासन की कोशिशों को देखकर उनके मन में ख्याल आता था कि वे भी कुछ करें लेकिन कोई मौका नहीं मिल रहा था. ऐसे में बिटिया की शादी पर यह अवसर बनता दिखा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज