लाइव टीवी

अपने ही घर में 2 महीने से नजरबंद है परिवार, डायन बताकर दबंगों ने बंद कर दिया हुक्का पानी
Supaul News in Hindi

News18 Bihar
Updated: May 5, 2019, 10:02 AM IST
अपने ही घर में 2 महीने से नजरबंद है परिवार, डायन बताकर दबंगों ने बंद कर दिया हुक्का पानी
मामले की जानकारी देता पीड़ित परिवार

तारमणी और उसके पति को उन दबंगो का भय इस कदर घर कर गया है कि वो दो महीनों से नजर बंद होने के बाबजूद पुलिस तक नही पहुंच पाए

  • Share this:
बिहार के सुपौल में डायन के आरोप में एक परिवार दो महीनों से अपने ही घर में नजरबंद है. जवान बेटियों की इज्जत की डर से पूरा परिवार आज खुद को बेसहारा महसूस कर रहा है लेकिन आज तक इस मामले में आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

मामला जिले के त्रिवेणीगंज से जुड़ा है जहां गांव के ही लोगों ने ये तालिबानी फरमान सुनाया है. ये तालिबानी फरमान पूरे परिवार को जिंदा में भी मौत का अनुभव करवा रहा है. दबंगो ने इस परिवार के दरवाजे पर जाने वालों को भी 11 हजार के जुर्माने का फरमान दे दिया है. इस परिवार का हुक्का-पानी पिछले 2 महीने से बंद कर दिया गया है साथ ही गांव का कोई शख्स दबंगों के डर से न तो उनसे बात कर सकता है और न ही उसे कोई सामान दे सकता है. स्थिति यह है कि जवान बेटियों के माता पिता आज दो महीने से गांव के इन तथाकथित दबंगों के कहर से नजरबंद है.

ये भी पढ़ें- नक्सलियों के गैंगवार में मारा गया टीपीसी का हार्डकोर सदस्य

दरअसल त्रिवेणीगंज के ओरलाहा पंचायत वार्ड न 8 में रासबिहारी यादव का परिवार अपनी ही बिरादरी के के कुछ लोगों की दबंगई का शिकार हुआ है. कुछ महीने पहले गांव वाले तारमणि देवी को पकड़ कर तांत्रिक के पास ले गये जहां तांत्रिक ने उसे डायन होने का सार्टिफिकेट दे दिया. फिर क्या था तांत्रिक के मुहर लगते गांव वालों ने पूरे परिवार का हुक्का पानी तक बंद कर दिया. स्थिति यह है कि परिवार की मदद को कोई अगर जाता भी है तो उसकी गांव वाले पिटाई कर देते हैं. तारामणि देवी बताती हैं कि गांव के दबंग उसके साथ बलात्कार करने की भी धमकी देते हैं.

ये भी पढ़ें- 'AFSPA हटाने की बात सुन गर्म हो जाता है मेरा खून'

तारमणी देवी के पुरे परिवार पर ये जुर्म आज भी जारी है लेकिन आज तक उन दबंगो पर कोई कार्रवाई नही हुई. तारमणी और उसके पति को उन दबंगो का भय इस कदर घर कर गया है कि वो दो महीनों से नजर बंद होने के बाबजूद पुलिस तक नही पहुँंच पाए. इधर पुलिस को भी मामले की जानकारी मीडिय़ा के द्वारा हुई पर आज तक कार्रवाई नहीं हुई है.

तारमणी देवी की दोनो बेटियां बताती हैं कि वो भय के साये में जी रही हैं. इस बाबत न्यूज 18 ने पुलिस का भी पक्ष लेना चाहा पर पुलिस का कोई अधिकारी इतने बड़े मसले पर बोलने से बचता रहा. थानाध्यक्ष खुद को बयान देने लायक न बताकर टाल गये तो वरिय अधिकारी भी कन्नी काट गये.रिपोर्ट- अमित कुमार झा 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए सुपौल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: May 5, 2019, 9:38 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर