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अस्पताल पहुंची गैंगरेप पीड़िता को डॉक्टरों ने लौटाया, कोर्ट के आदेश पर शुरू हुआ इलाज

News18 Bihar
Updated: October 16, 2019, 2:36 PM IST
अस्पताल पहुंची गैंगरेप पीड़िता को डॉक्टरों ने लौटाया, कोर्ट के आदेश पर शुरू हुआ इलाज
सुपौल में हुई इस गैंगरेप के कुछ आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है. प्रतीकात्मक फोटो.

बिहार के सुपौल (Supaul) में एक सप्ताह पहले प्रतापगंज थाना क्षेत्र में नाबालिग, उसकी बड़ी बहन और मामी के साथ गैंगरेप (Gang Rape) की घटना हुई थी. इस घटना में बड़ी बहन की गोली मारकर हत्या (Murder) कर दी गई थी.

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सुपौल. बिहार में एक बार फिर से डॉक्टरों की संवेदनहीनता का मामला सामने आया है. घटना सुपौल (Supaul) की है जहां रेप पीड़िता (Rape Victim) का इलाज करने से डॉक्टरों ने मना कर दिया. दरअसल सुपौल स्थित राघोपुर में 8 अक्टूबर गैंगरेप (Gang Rape) का शिकार बनी पीड़िता की हालत अचानक फिर से बिगड़ गई. पीड़िता की तबियत बिगड़ने के बाद कोर्ट के आदेश से उसे तुरंत सदर अस्पताल लाया गया. इस दौरान डॉक्टरों ने पीड़िता का इलाज करने से मना कर दिया.

डीएम को देना पड़ा दखल

कोर्ट के आदेश की चिट्ठी रिसीव करने को लेकर डॉक्टर और परिजनों के बीच घंटो हंगामा हुआ जिसके बाद डीएम की पहल से पीड़िता का इलाज शुरू हो सका. सीएस को भेजे गए निर्देश में अपर जिला सत्र न्यायधीश प्रथम ने अविलम्ब पीड़िता का इलाज शुरू करने का निर्देश दिया साथ ही सीएस को न्यायालय ने निर्देश जारी कर पीड़िता के इलाज में प्रगति से न्यायालय को भी अवगत कराने का भी निर्देश दिया. इसके बाद पुलिस अधिकारी पीड़िता को सदर अस्पताल लेकर पहुंचे जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने कोर्ट के आदेश को रिसीव तक करने से इनकार कर दिया. इसके बाद घंटो इस बाबत हंगामा होता रहा.

चिट्ठी तक नहीं रिसीव कर रहे थे डॉक्टर

पीड़ितों को लेकर जब उसके परिजन अस्पताल आए और कोर्ट का लेटर मौजूद डॉक्टरों को देते हुए इलाज शुरू करने की बात कही तो दूसरे डॉक्टर के एवज मे ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने पत्र लेने से इनकार करते हुए खुद वहां से ये कहते निकल गए की जिसकी ड्यूटी है वो डॉक्टर पत्र को रिसीव करेंगे. मौके पर मौजूद वरीय चिकित्सक डॉ शशि भूषण सिंह ने इसे छोटा मामला बताया.

पीड़िता के परिजनों को करना पड़ा फोन

इस मामले को लेकर सदर अस्पताल में मौजूद डॉक्टर और पुलिस अधिकारी के बीच काफी देर तक नोकझोंक हुई. इसके बाद पीड़ित परिजनों ने डीएम को फोन कर अस्पताल की कुव्यवस्था की जानकारी दी. बाद में डीएम के संज्ञान लेने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया ओर पीड़िता का इलाज शुरू हो सका. डीएम के फोन के बाद भी वहां मौजूद डॉक्टर ने तो पीड़िता का इलाज शुरू नहीं किया बाद में डीएस ने खुद आकर मरीज की जांच की और उपचार शुरू किया जिसके बाद मामला शांत हुआ.
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एक सप्ताह पहले हुई थी गैंगरेप की घटना

सुपौल में एक सप्ताह पहले प्रतापगंज थाना क्षेत्र में नाबालिग, उसकी बड़ी बहन और मामी के साथ गैंगरेप की घटना हुई थी. इस घटना में बड़ी बहन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी वहीं पहली बार नाबालिग का कोर्ट में गैंगरेप के बयान से किसी दवाब में मुकर जाने के बाद उसे दुबारा 164 का बयान देने सुपौल व्यवहार न्यायालय लाया गया था. इस मामले में न्यायाधीश ने पीड़िता की हालात को देखते हुये पुलिस को पीड़िता का इलाज कराने का लिखित निर्देश दिया था.

रिपोर्ट- अमित कुमार झा

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First published: October 16, 2019, 2:30 PM IST
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