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सुपौल लोकसभा सीट: एकजुट एनडीए के सामने जीत दोहरा पाएंगी रंजीत रंजन?

रंजीत रंजन

रंजीत रंजन

2014 के लोकसभा चुनाव में रंजीत रंजन को इस सीट पर जेडीयू उम्मीदवार दिलेश्वर कामत से कड़ी टक्कर मिली थी.

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    बिहार की सुपौल लोकसभा सीट पर राज्यभर की निगाहें लगी हुई हैं. इस सीट से पप्पू यादव की पत्नी रंजीत रंजन चुनाव लड़ रही हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में रंजीत रंजन को इस सीट पर जेडीयू उम्मीदवार दिलेश्वर कामत से कड़ी टक्कर मिली थी. उस चुनाव में रंजीत रंजन करीब साठ हजार मतों से चुनाव जीतकर संसद पहुंची थीं लेकिन इस बार चुनावी परस्थितियां भिन्न हैं.

    परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई सीट

    2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई इस सीट पर पहली बार 2009 में हुए चुनाव में जेडीयू के विश्व मोहन कुमार ने जीत हासिल की थी. उस चुनाव में रंजीत रंजन कांग्रेस की उम्मीदवार थीं और उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था. 2014 के चुनाव में जेडीयू और बीजेपी ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था. इस बार ये दोनों पार्टियां गठबंधन में साथ हैं.

    क्या हैं समीकरण

    सुपौल लोकसभा सीट में कुल 6 विधानसभाएं आती हैं- निर्मली, पिपरा, सुपौल, त्रिवेणीगंज, छातापुर, सिंहेश्वर. 2014 के रंजीत रंजन कुल 3 लाख 32 हजार 927 वोट मिले थे. उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी जदयू के दिलेश्वर कामत को कुल 2 लाख 73 हजार 255 वोट मिले थे. 2,49, 693 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर बीजेपी के कामेश्वर चौपाल रहे थे. 2015 में राज्य में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान जेडीयू ने तीन सीटें हासिल की थीं. क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 1,279,549 है.

    पप्पू यादव का कितना पड़ेगा प्रभाव

    रंजीत रंजन के पति पप्पू यादव का इस बेल्ट में अच्छा खासा प्रभाव माना जाता है. इस इलाके में उनके प्रशंसक उन्हें नेता जी के उपनाम से पुकारते हैं. हालांकि बगल की मधेपुरा सीट से खुद पप्पू यादव अपनी पार्टी बनाकर चुनाव मैदान में हैं लेकिन उनके प्रभाव का भी फायदा कांग्रेस प्रत्याशी रंजीत रंजन को मिल सकता है.

    क्यों है खास

    सुपौल की इस सीट को बिहार के बड़े नेताओं में शुमार ललित नारायण मिश्रा की वजह से भी पहचाना जाता है. ललित नारायण मिश्रा इंदिरा गांधी की सरकार में देश के रेलवे मंत्री थे. इसके अलावा इस जगह को शारदा सिन्हा की वजह से भी पहचाना जाता है. भोजपुरी गायकी की सर्वकालिक ख्यातिनाम गायकों में शुमार शारदा सिन्हा का जन्म यहीं हुआ था.

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