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गैंगरेप के बाद 5 दिन तक भटकती रही पीड़िता लेकिन पुलिस ने नहीं दर्ज की FIR

News18 Bihar
Updated: June 29, 2019, 4:07 PM IST
गैंगरेप के बाद 5 दिन तक भटकती रही पीड़िता लेकिन पुलिस ने नहीं दर्ज की FIR
अपने परिवार के साथ सुपौल गैंगरेप की पीड़िता

24 जून को पीड़िता ने अपने पुत्री के अपहरण हो जाने की लिखित आवेदन छातापुर थाना में दिया था लेकिन थानाध्यक्ष द्वारा दो दिनों तक अपहरण का मामला भी नहीं दर्ज किया गया.

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बिहार में पुलिस की कर्तव्यहीनता का एक मामला सामने आया है. घटना सुपौल जिले के छातापुर थाना क्षेत्र की है, जहां एक दुष्कर्म पीड़ित युवती न्याय के लिए 5 दिनों तक दर-दर भटकती रही लेकिन थाना में मामला दर्ज नहीं हो सका. बाद में बीरपुर एएसपी की पहल पर थाना में मामला दर्ज हो सका.

पहले अपहरण फिर रेप
छातापुर की एक 18 वर्षीय युवती का गांव के ही दो युवकों द्वारा 23 जून को अपहरण कर लिया गया. उसके साथ दोनों युवकों ने दो दिनों तक लगातार दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. फिर 25 जून को छातापुर के क्वाटर चौक पर उतारकर फरार हो गए. इसके बाद इस मामले को लेकर पीड़िता द्वारा छातापुर थाना में आवेदन भी दिया गया, जिसमें लिखा गया कि 23 जून को लगभग 10 बजे दिन में गांव के ही मोहम्मद सरफराज एवं करीमन मोहम्मद बबलू साफी द्वारा घर के निकट से ही जबरन उसका हथियार के बल पर अपहरण कर लिया गया.

जान से मारने की दी धमकी

सुपौल की ओर ले जाकर अज्ञात स्थान पर उक्त दोनों युवकों ने उसके साथ दो दिन तक बारी-बारी से दुष्कर्म किया. वहीं पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी देते रहे. दो दिनों बाद 25 जून को आरोपी दोनों युवकों ने उसे मधुबनी पंचायत के क्वाटर चौक एनएच 57 पर छोड़ दिया और वहां से फरार हो गए. पीड़िता ने कहा कि वहां से वो किसी तरह अपने घर लौटी. इस बीच उसके पिता ने 24 जून को अपने पुत्री के अपहरण हो जाने का लिखित आवेदन छातापुर थाना में दिया था लेकिन थानाध्यक्ष द्वारा दो दिनों तक अपहरण का मामला नहीं दर्ज किया गया.

आवेदन बदलने का दबाव
जब 25 जून को अपहरणकर्ता द्वारा उसे मुक्त किया तो वो खुद 26 जून को पुनः छातापुर थाना में लिखित आवेदन दिया, जिसके बाद छातापुर थानाध्यक्ष ने पहले तो आवेदन लेने से इन्कार कर दिया. बाद में जब युवती बार-बार थाने पहुंचने लगी तो थक हार कर छातापुर थाना अध्यक्ष राधव शऱण ने आवेदन तो लिया पर उस पर आवेदन बदलने का दबाव देने लगे. पीड़िता का कहना है कि डीएसपी बीरपुर से मोबाइल पर शिकायत करने के बाद थानाघ्यक्ष ने 28 जून की तारीख में मामला दर्ज किया.रिपोर्ट- अमित कुमार झा

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First published: June 29, 2019, 3:43 PM IST
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