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सुपौल: निर्मली - दरभंगा के बीच जल्द शुरू होगा रेल परिचालन, अंतिम चरण में लाइन विस्तार का कार्य

सरयागढ़ स्टेशन का निरीक्षण करते हुए समस्तीपुर रेल डिवीजन के डीआरएम अशोक महेश्वरी
सरयागढ़ स्टेशन का निरीक्षण करते हुए समस्तीपुर रेल डिवीजन के डीआरएम अशोक महेश्वरी

वर्ष 1934 के प्रलयंकारी भूकंप (Earthquake) के बाद मिथिलांचल (Mithilanchal) दो भागों में विभक्त हो गया था. अंग्रेजी शासन काल में उद्योग की दृष्टि से महत्वपूर्ण ये इलाका धीरे-धीरे हाशिये पर चला गया.

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सुपौल. बिहार विधानसभा चुनाव से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा कोसी रेल महासेतु (Kosi Rail Mega Bridge ) का उद्घाटन कर आसनपुर कुपहा तक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था. 85 साल बाद 2020 में जब कोसी पर ट्रेन दौड़ी थी तो बुजुर्गों ने अपने पुरानी यादों को साकार होते देखा. वहीं, अब वह दिन भी दूर नहीं जब निर्मली और दरभंगा तक ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जायेगा. निर्मली तक रेलवे लाइन विस्तार को लेकर समस्तीपुर रेल डिवीजन के डीआरएम अशोक महेश्वरी ने सरायगढ़ रेलवे जंक्शन का करीब 45 मिनट तक निरीक्षण किया. इस के बाद उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए जो भी कार्य करने हैं उसे निर्मली तक रेलवे लाइन जुड़ने से पहले पूरा कराए जाएंगे.

डीआरएम समस्तीपुर के दौरै से जगी उम्मीद 
डीआरएम ने निरीक्षण करने के बाद गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिस प्लेटफार्म पर जो शौचालय बना है उसे भी शुरू करवाया जाएगा. उन्होंने शौचालय का निरीक्षण किया तथा प्लेटफार्म पर लगे पानी टंकी नही होने को लेकर संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की. डीआरएम ने कहा स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को शुद्ध पेयजल के लिए कठिनाई न हो इस दिशा में तुरंत पहल होनी चाहिए.

प्लेटफॉर्म पर बनेगा ओवरब्रिज
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टेशन घर में पहुंचकर वहां के व्यवस्था को देखा तथा स्टेशन मास्टर से पूछताछ की. डीआरएम ने प्लेटफार्म निर्माण स्टेशन घर निर्माण को भी बारीकी से देखा. उन्होंने कहा कि जल्दी प्लेटफार्म पर ओवरब्रिज भी बन जाएगा. निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने रेल कर्मियों से भी समस्याओं को जाना तथा अपने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन कर्मियों को सरकारी आवास नहीं है, उनके लिए आवास को ठीक कराएं .



फरवरी तक निर्मली जाने लगेगी ट्रेन
डीआरएम अशोक माहेश्वरी के अनुसार  फरवरी के अंत तक सहरसा से आने वाली ट्रेन सरायगढ़ जंक्शन होते निर्मली स्टेशन तक पहुंचने लगेगी. इसके लिए तेज गति से कार्य कराए जा रहे हैं. सरायगढ़ जंक्शन को और बेहतर बनाने के लिए भी काम होगा. जंक्शन पर जो भी समस्याएं हैं उसको जल्द दूर कराया जाएगा. ट्रेन के स्पेशल बोगी से सरायगढ़ जंक्शन पहुंचे डीआरएम के साथ सीनियर डीएन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.

वाजपेयी ने बदली तस्वीर
बता दें कि 1934 के प्रलयंकारी भूकंप के बाद  मिथिलांचल दो भागों में विभक्त हो गया था. अंग्रेजी शासन काल में उद्योग की दृष्टि से महत्वपूर्ण ये इलाका धीरे-धीरे हाशिये पर चला गया. लेकिन मिथिलांचल को वास्तविक रूप में पहचान देने वाले भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस इलाके का कायाकल्प कर दिया. जहां कभी रेत उड़ती थी वहां आज फर्राटे से बड़ी-बड़ी गाड़ियां कोसी को लांघते हुए अपने गंतव्य तक जा रही हैं. शेष बचा काम प्रधानंत्री नरेंन्द्र मोदी के प्रयास से साकार हो रहा है.
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