सुपौल: सभी विधानसभा सीटों पर NDA और महागठबंधन के बीच होगी कड़ी टक्कर, जानें छातापुर में कैसा है समीकरण

सुपौल विधानसभा सीट पर जदयू के बिजेंद्र प्रसाद यादव ने गत चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार किशोर कुमार को करीब 37 हजार मतों से हराया था. यादव को 82 हजार 295 मत प्राप्त हुए थे.
सुपौल विधानसभा सीट पर जदयू के बिजेंद्र प्रसाद यादव ने गत चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार किशोर कुमार को करीब 37 हजार मतों से हराया था. यादव को 82 हजार 295 मत प्राप्त हुए थे.

छातापुर के भाजपा विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू (BJP MLA Neeraj Kumar Singh Bablu) वर्ष 2005 से लगातार विधायक हैं. वे इससे पूर्व चार चुनाव जीत चुके हैं. बीते चुनाव में उन्होंने कांटे की टक्कर में राजद प्रत्याशी जहूर आलम को पराजित किया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 24, 2020, 9:44 AM IST
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सुपौल. बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections 2020) की रणभेरी बच चुकी है. जाहिर तौर पर सुपौल जिले (Supaul District) में भी राजनीतिक तापमान तेज होने लगा है. जिले में कुल 5 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें फिलहाल तीन सीटें सुपौल, त्रिवेणीगंज एवं निर्मली पर जदयू का कब्जा है. जबकि पिपरा विधानसभा पर राजद एवं छातापुर विधानसभा (Chhatrapur Assembly  seat) में भाजपा के विधायक काबिज हैं. राजनीति के दिग्गजों की मानें तो इस चुनाव में जिले की पांचों सीटों पर एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधा मुकाबला होगा. हालांकि, बीते विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार इन विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण बदला-बदला सा है. वर्ष 2015 के चुनाव में जहां जदयू और भाजपा ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था, इस बार एनडीए के तहत दोनों प्रमुख दल साथ हैं. जबकि राजद के साथ महागठबंधन में कांग्रेस प्रमुख रूप से शामिल है. यही वजह है कि इस चुनाव में जिले के तकरीबन सभी सीटों पर एनडीए (NDA) व महागठबंधन उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर होने की संभावना व्यक्त की जा रही है. हालांकि, एनडीए के दोनों प्रमुख दल जदयू व भाजपा (JDU- BJP) के साथ आ जाने के बाद प्रत्याशियों व दावेदारों की संख्या भी बढ़ गयी है.

विधानसभा चुनाव 2015 का परिणाम
वर्ष 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में त्रिवेणीगंज की जदयू प्रत्याशी सर्वाधिक 52 हजार 400 मतों से विजयी रही थी. उन्होंने लोजपा के अनंत कुमार भारती को पराजित किया था. जबकि सुपौल सीट पर सूबे के उर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सातवीं बार विजयी दर्ज की थी. उन्होंने भाजपा प्रत्याशी किशोर कुमार को 37 हजार 397 मतों से पराजित किया था. निर्मली विधानसभा क्षेत्र में तब जदयू के अनिरूद्ध प्रसाद यादव विजयी रहे थे. उन्होंने भाजपा के राम कुमार राय को 20 हजार 958 मतों से पराजित किया था. पिपरा विधानसभा सीट पर राष्ट्रीय जनता दल के यदुवंश कुमार यादव ने भाजपा के विश्वमोहन कुमार को 36 हजार 369 मतों से हरा कर जीत दर्ज की थी. जबकि छातापुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिंह ने कांटे की टक्कर में राजद के जहूर आलम को 09 हजार 292 मतों से हराया था.

सुपौल में लगातार 30 वर्षों से सुपौल के विधायक हैं बिजेंद्र यादव
सुपौल विधानसभा सीट इस बार एनडीए के लिये प्रतिष्ठा की सीट साबित होगी. बिहार सरकार के उर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव इस बार लगातार 08वीं दफे विरोधियों को चुनौती देंगे. गौरतलब है कि जदयू के कद्दावर नेता यादव लगातार 30 वर्षों से इस क्षेत्र के विधायक हैं. 1990 के चुनाव से प्रारंभ हुई उनकी विजयी यात्रा गत चुनाव तक लगातार अजेय साबित हुई है. अब देखना है कि इस बार के चुनाव में उनके विरोध में महागठबंधन किसे उम्मीदवार बनाते हैं. हलांकि, यहां महागठबंधन में एक अनार सौ बीमार वाली बात हो रही है. सुपौल विधानसभा सीट से पूर्व के चुनावों में 07 बार कांग्रेस विजयी रही थी. आजादी के बाद 1951 में कांग्रेस के लहटन चौधरी, 1957 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के परमेश्वर कुंवर , 1958 के उप चुनाव में कांग्रेस के लहटन चौधरी, 1962 में प्रशोपा के परमेश्वर कुंवर , 1967, 1969 तथा 1972 में कांग्रेस के उमा शंकर सिंह, 1977 में जनता पार्टी के अमरेंद्र प्रसाद सिंह, 1980 में फिर कांग्रेस के उमा शंकर सिंह, 1985 में कांग्रेस के प्रमोद कुमार सिंह विजयी रहे थे. 1990 के बाद से अब तक बिजेंद्र प्रसाद यादव इस क्षेत्र का लगातार प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.



निर्मली : जदयू के अनिरूद्ध ने भाजपा प्रत्याशी को किया था पराजित
निर्मली विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान जदयू विधायक अनिरूद्ध प्रसाद यादव बीते 04 विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर चुके हैं. गत चुनाव में उन्होंने भाजपा के राम कुमार राय को पराजित किया था. इस चुनाव में श्री यादव को 79 हजार 600 मत प्राप्त हुए थे. जबकि श्री राय को 55 हजार 649 वोट मिले थे. जदयू विधायक श्री यादव की उम्मीदवारी इस चुनाव में भी तय मानी जा रही है. महागठबंधन प्रत्याशी के नाम की घोषणा अब तक नहीं हुई है. हालांकि, यहां कांग्रेस के कई नेता भी इस सीट को कांग्रेस कोटे में देने की मांग कर रहे हैं.

छातापुर: लगातार चौथी बार जीते थे भाजपा के नीरज कुमार सिंह बबलू
छातापुर के भाजपा विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू वर्ष 2005 से लगातार विधायक हैं. वे इससे पूर्व चार चुनाव जीत चुके हैं. बीते चुनाव में उन्होंने कांटे की टक्कर में राजद प्रत्याशी जहूर आलम को पराजित किया था. सिंह को 75 हजार 697 एवं राजद प्रत्याशी को 64 हजार 405 मत प्राप्त हुए थे. छातापुर विधानसभा में इस बार का चुनाव भी संघर्ष पूर्ण माना जा रहा है. राजद की ओर से कई दावेदार टिकट के लिये अभी से प्रयास में जुटे हुए हैं. राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस सीट पर वर्तमान समीकरण के हिसाब से राजद प्रत्याशी का चयन महत्वपूर्ण होगा. कुल मिला कर छातापुर का यह चुनाव भी महागठबंधन और एनडीए के बीच तगड़ा टक्कर होने की संभावना जतायी जा रही है. छातापुर से संजीव मिश्रा भी महागठबंधन से टिकट लेने का लगातार प्रयास कर रहे है .चुनाव से पुर्व ही उनकी किलाबंदी मजबूत मानी जा रही है. वहीं, छातापुर से विधायक नीरज कुमार बबलू भी कोसी में भाजपा के सबसे सशक्त उम्मीदवार माने जाते है. पिछले चुनाव में जब भाजपा का कोसी से सफाया हो गया था तो मात्र नीरज कुमार बबलू ने जीत दर्ज कर भाजपा का खाता खोला था. क्षेत्र में जन- जन तक अपनी पहुंच रखने वाले नीरज कुमार बबलू भी इस बार चुनावी मैदान में होंगे.

पिपरा: यदुवंश ने फहराया था राजद का झंडा
पिपरा विधानसभा क्षेत्र में बीते चुनाव में राजद के यदुवंश कुमार यादव ने भाजपा के विश्वमोहन कुमार को करीब 36 हजार मतों से हराया था. यादव को 85 हजार 944 मत प्राप्त हुए थे. वहीं, भाजपा प्रत्याशी श्री कुमार को 49 हजार 575 वोट मिले थे. हालांकि, आगामी विधानसभा चुनाव में पिपरा विधानसभा सीट भाजपा या जदयू के खाते में जाती है, इसे लेकर अभी असमंजस की स्थिति बनी हुई है. एनडीए के कोटे व प्रत्याशी के नाम की घोषणा के बाद आगामी चुनाव में इस सीट पर होने वाले संघर्ष की तस्वीर खुल कर सामने आने लगेगी. फिलहाल, राजद की ओर से यहां सीटिंग विधायक प्रत्याशी माने जा रहे हैं. हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इस बार उनके द्वारा सीट बदलने की चर्चा भी हो रही है.

त्रिवेणीगंज: सर्वाधिक अंतर से विजयी रही थी जदयू की वीणा भारती
जिले का त्रिवेणीगंज विधानसभा सीट अनुसूचित जाति आरक्षित सीट में शामिल है. वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर जदयू की वीणा भारती विजयी रही थी. उन्होंने लोजपा के अनंत कुमार भारती को करीब 52 हजार मतों से पराजित किया था. भारती को 89 हजार 869 तथा लोजपा प्रत्याशी को 37 हजार 469 मत प्राप्त हुए थे. इस बार समीकरण बदल चुका है. भाजपा, जदयू व लोजपा साथ में चुनाव लड़ रही हैं. ऐसे में इस सीट पर महागठबंधन प्रत्याशी से वर्तमान विधायक का टक्कर होना तय है.

सुपौल: 37 हजार मतों से विजयी रहे थे जदयू के बिजेंद्र
सुपौल विधानसभा सीट पर जदयू के बिजेंद्र प्रसाद यादव ने गत चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार किशोर कुमार को करीब 37 हजार मतों से हराया था. यादव को 82 हजार 295 मत प्राप्त हुए थे. जबकि भाजपा प्रत्याशी कुमार को 44 हजार 898 मतदाताओं का समर्थन मिला था. समीकरण बदलने के बाद आगामी चुनाव में इस सीट पर भी जदयू-भाजपा साथ मिल कर चुनाव लड़ेंगे. जाहिर तौर पर इनका मुकाबला महागठबंधन उम्मीदवार से होगा.

विधानसभावार मतदाताओं की संख्या
जिले में कुल 05 विधानसभा क्षेत्र हैं. जिनमें विधानसभा क्षेत्र संख्या 41 निर्मली में कुल मतदाताओं की संख्या 02 लाख 87 हजार 533 है. जिनमें 01 लाख 48 हजार 570 पुरूष, 01 लाख 38 हजार 961 महिला तथा 02 थर्ड जेंडर के मतदाता हैं. 42 पिपरा विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 02 लाख 79 हजार 409 है. जिनमें 01 लाख 44 हजार 786 पुरूष, 01 लाख 34 हजार 617 महिला तथा 06 थर्ड जेंडर मतदाता हैं. 43 सुपौल विधानसभा क्षेत्र में कुल वोटरों की संख्या 02 लाख 79 हजार 619 है. जिनमें 01 लाख 45 हजार 737 पुरूष, 01 लाख 33 हजार 876 महिला तथा 06 थर्ड जेंडर मतदाता हैं. 44 त्रिवेणीगंज विधानसभा क्षेत्र में कुल वोटरों की संख्या 02 लाख 77 हजार 345 है. जिनमें 01 लाख 43 हजार 800 पुरूष, 01 लाख 33 हजार 538 महिला एवं 07 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. जबकि 45 छातापुर विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या 02 लाख 92 हजार 692 है. जिनमें 01 लाख 53 हजार 879 पुरूष 01 लाख 38 हजार 806 महिला तथा 07 थर्ड जेंडर मतदाता हैं.

त्रिवेणीगंजः त्रिवेणीगंज विधानसभा क्षेत्र से 1957 में कांग्रेस के योगेश्वर झा, 1957 उप चुनाव में कांग्रेस के तुलमोहन राम, 1962 में कांग्रेस के खूबलाल महतो, 1967, 1969, 1972 में संशोपा से तथा 1977 में जनता पार्टी से अनुपलाल यादव, 1980 में कांग्रेस के जगदीश मंडल, 1985 में लोकदल से अनुपलाल यादव, 1990 में जनता दल से अनुपलाल यादव, 1995 में कांग्रेस से विश्वमोहन कुमार, 2000 में राजद से अनुपलाल यादव, 2005 फरवरी में लोजपा से विश्वमोहन कुमार, 2005 अक्टूबर में जदयू से विश्वमोहन कुमार, 2009 उप चुनाव में जदयू से दिलेश्वर कामैत, 2010 में जदयू की अमला देवी एवं वर्ष 2015 में जदयू की वीणा भारती विजयी रही. अनुपलाल यादव ने इस सीट पर विभिन्न दलों से 07 बार जीत दर्ज की.

छातापुर: छातापुर विधानसभा क्षेत्र से 1967 एवं 1969 में संशोपा के कुंभ नारायण सरदार, 1977 में जनता पार्टी के सीताराम पासवान, 1980 एवं 1985 में कांग्रेस के कुंभ नारायण सरदार, 1990 में जनता दल के योगेंद्र नारायण सरदार, 1995 में जनता दल के विश्वमोहन भारती, 2000 में राजद की गीता देवी, 2002 उप चुनाव में राजद के गौरी शंकर सरदार, 2005 में राजद के महेंद्र नारायण सरदार, 2005 में जदयू के विश्वमोहन भारती, 2010 में जदयू के नीरज कुमार सिंह बबलू एवं 2015 चुनाव में भाजपा से नीरज कुमार सिंह ने जीत दर्ज की है. वर्तमान विधायक नीरज कुमार सिहं बबलू लगातार चार बार चुनाव जीत चुके हैं. जिसमें तीन बार उन्होंने राघोपुर सीट से जीत दर्ज की थी. वहीं, छातापुर विधानसभा से कुंभ नारायण सरदार भी चार बार विधायक रहे हैं.

पिपरा: पिपरा विधानसभा क्षेत्र वर्ष 2010 में वजूद में आया. पहले चुनाव में जदयू की सुजाता देवी विजयी रही. जबकि, 2015 में राजद के यदुवंश कुमार यादव ने इस सीट से जीत दर्ज की.
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