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    गया के कपड़ा व्यापारियों की सीएम से गुहार- लाखों का मास्क बनकर तैयार, नहीं है कोई खरीदार

    गया की एक कपड़ा यूनिट में बनते मास्क और गमछे.
    गया की एक कपड़ा यूनिट में बनते मास्क और गमछे.

    गया (Gaya) के कपड़ा व्यापारियों (Textile traders) ने सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) से गुहार लगाई है कि लाखों के मास्क (Mask) और गमछे उनके कारखानों में बनकर तैयार हो चुके हैं, लेकिव अब उनका कोई खरीदार नहीं मिल रहा है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: September 29, 2020, 10:42 PM IST
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    गया. लाकडाउन (Lockdown) में ढील देते हुए बिहार की नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सरकार ने कपड़ा कारोबारियों (Textile traders) को उद्योग शुरू करने की अनुमति दी थी, जिसमें कोरोना (Corona) से बचाव के लिए मास्क (Mask) और गमछा तैयार करने को कहा गया था. बिहार सरकार ने हर घर 4 मास्क देने की बात कही थी इसी उम्मीद में कारोबारियों ने बड़ी तादात में मास्क और गमछा तैयार किया था, लेकिन अब उसकी सप्लाई नहीं हो पा रही है. इससे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है. गया के मानपुर पटवाटोली में लाकडाउन में ढील के बाद ये मशीनें दोबारा चलनी शुरू हो गयी हैं. कपड़ा तैयार करने का काम चल रहा है. लगभग हर कारोबारी के पास 10 लाख का मास्क तैयार है, लेकिन उसकी सप्लाई महज 25 फीसदी ही हुई है.

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    मानपुर पटवाटोली वस्त्र उद्योग सेवा समिति के अध्यक्ष प्रेम नारायण पटवा ने न्यूज18 को बताया कि यहां करीब 1100 कपड़ा तैयार करने की यूनिट हैं, जिनमें 45000 कामगार जुड़े हैं. लाकडाउन में जब ढील मिली तो इन्हें कहा गया कि काम शुरू कर सकते हैं, लेकिन गमछा और मास्क तैयार करना होगा. इस पर कारोबारियों ने मास्क और मगछा बड़ी तादात में तैयार कर लिया. अब माल बनकर तैयार है, लेकिन इसको कोई लेने वाला नही है.




    प्रेम नारायण पटवा के मुताबिक बिहार सरकार ने हर घर में चार-चार मास्क देने की बात कही थी. इससे कारोबारियों को लगा कि सरकार उनका बना माल खरीदेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. हालात ये हैं कि अब मास्क बनाना बंद कर दिया है. गया के मानपुर पटवाटोली से तैयार गमछा, तौलिया, बेडशीट, रजाई कवर की सप्लाई पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में होती है, लेकिन इन राज्यों से भी डिमांड में भारी गिरावट आने से कारोबार पर काफी असर पड़ा है.
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