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नशामुक्ति केंद्र में 1 साल से नहीं मिल रही दवा, 4 महीने से कोई मरीज भी नहीं पहुंचा

Praveen Thakur | News18Hindi
Updated: January 22, 2020, 10:42 PM IST
नशामुक्ति केंद्र में 1 साल से नहीं मिल रही दवा, 4 महीने से कोई मरीज भी नहीं पहुंचा
14 बेड क्षमता वाले नशामुक्ति केन्द्र में अब तक महज 50 मरीजों को ही ईलाज के लिए भर्ती कराया गया है. (प्रतीकात्मक फोटो)

केंद्र में कर्मियों की कमी, सुरक्षाकर्मियों के नहीं होन, चिकित्सकों व एएनएम की भी संख्या कम होने के चलते अब मरीजों ने भी यहां आना बंद कर दिया है.

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  • Last Updated: January 22, 2020, 10:42 PM IST
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मुजफ्फरपुर. जिले का नशामुक्ति केंद्र (Rehabilitation center) भगवान भरोसे नजर आ रहा है. यहां पर पिछले एक साल से सरकार की ओर से मरीजों की जाने वाली दवा ही उपलब्‍ध नहीं है. इसके चलते पिछले 4 महीनों से यहां पर कोई मरीज भी नहीं पहुंचा है. उल्लेखनीय है कि 10 से 12 हजार रुपये नशामुक्ति केंद्र पर आने वाले मरीज (Patient) पर खर्च होते हैं. इस दौरान सरकार की तरफ से 34 तरह की दवाएं दी जाती हैं. लेकिन हालात ये हैं कि यहां पर इन दवाओं में से 5 ही उपलब्‍ध हैं और इनमें भी मुख्य दवाएं उपलब्‍ध नहीं हैं.

संसाधनों की कमी के चलते मरीजों ने मोड़ा मुंह
केंद्र में कर्मियों की कमी, सुरक्षाकर्मियों के नहीं होन, चिकित्सकों व एएनएम की भी संख्या कम होने के चलते अब मरीजों ने भी यहां आना बंद कर दिया है. 4 महीने से यहां पर कोई भी मरीज नहीं पहुंचा है. अपैल 2016 में मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल में नशामुक्ति केन्द्र खुलने के बाद से कुल 681 मरीज ईलाज के लिए यहां पहुंचे. इनमें तीन महिलाएं भी थीं.

सिर्फ 50 मरीजों को ही किया भर्ती

14 बेड क्षमता वाले नशामुक्ति केन्द्र में अब तक महज 50 मरीजों को ही ईलाज के लिए भर्ती कराया गया है. नशामुक्ति केन्द्र में ईलाज के लिए आने वाले 691 मरीजों में से 447 मरीज ही इलाज को पूरा करने के लिए आए. केन्द्र के शुरू होने के साथ ही यहां पर 3 चिकित्सक, 3 एएनएम , एक डाटा ऑपरेटर, 2 कर्मचारी और 4 सुरक्षा गार्ड केन्द्र पर तैनात किए गए थे. अब हालात यह हैं कि एक चिकित्सक, एक एएनएम और एक डाटा ऑपरेटर काम कर रहा है.

ये है आंकड़ा
नशामुक्ति केन्द्र पर वित्तीय वर्ष 17-18 में 83 मरीज आये, जिसमें 23 शराब का सेवन करने वाले थे.  वित्तीय वर्ष 2018-19 में 158 मरीजों में से 46 शराब का सेवन करने वाले थे. जबकि 2019-20 में 157 मरीजों में से 29 शराब का सेवन करने वाले थे. केन्द्र प्रभारी डा. शिवशंकर और सिविल सर्जन डा. शैलेन्द्र  प्रसाद सिंह ने न्यूज़ 18 से बातचीत में कहा कि शीघ्र ही दवा की व्यवस्था की जा रही है. दवा नहीं रहने के कारण मरीज कुछ माह से नहीं आ रहे हैं.

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First published: January 22, 2020, 10:42 PM IST
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