Hajipur Election Result Live: BJP के अवधेश सिंह ने RJD के देवकुमार चौरसिया को हराया

हाजीपुर से BJP के अवधेश सिंह जीते.
हाजीपुर से BJP के अवधेश सिंह जीते.

Bihar Assembly Election 2020: हाजीपुर सीट (Hajipur Seat) पर पिछले 20 साल से लगातार बीजेपी यहां चुनाव जीत रही है. इस बार भी अवधेश कुमार ने जीत हासिल कर ली है और RJD को हराया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 10, 2020, 5:41 PM IST
  • Share this:
हाजीपुर. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election Result 2020) के लिए वोटों की गिनती शुरू हो गई है. मतगणना शुरु होने के बाद अलग-अलग सीटों पर रुझान आना शुरु हो गए हैं. वहीं, बिहार के हाजीपुर (Hajipur Election Result) में बीजेपी के अवधेश सिंह जीत गए है. वहीं RJD को 2990 वोटों से हार मिली है. लोकतंत्र की जननी वैशाली (Vaishali) की भूमि पर बिहार विधानसभा चुनाव 2020 (Bihar Assembly Election 2020) की बिसात बिछने लगी है. माना जा रहा है कि जिले की सभी सीटों पर इस बार मुकाबला ज्यादा दिलचस्प होगा. कारण ये है कि 2015 के विधानसभा चुनाव में यहां जो समीकरण रहे, वे अब बदल चुके हैं. इसी ने चुनावी संघर्ष को और भी रोचक बना दिया है. वैशाली में आने वाली अहम विधानसभा सीट है हाजीपुर. यहां आधी सदी तक समाजवादी नेताओं का दबदबा रहा लेकिन बीजेपी ने यहां वर्ष 2000 में पहली बार सेंध लगाई और अब पिछले 20 साल से लगातार 6 चुनाव (1 उपचुनाव) से यहां काबिज है. उसके वर्चस्व को 2015 के विधानसभा चुनाव में राजद-जदयू और कांग्रेस गठबंधन से तगड़ी चुनौती मिली थी लेकिन आखिरकार जीत बीजेपी की ही हुई थी. इस बार महागठबंधन टूट चुका है और बीजेपी-लोजपा खेमे में जदयू और हम आ चुके हैं.

50 साल रहा समाजवादी नेताओं का वर्चस्व

हाजीपुर विधानसभा के चुनावी इतिहास की बात करें तो उत्तर बिहार का द्वार मानी जाने वाली इस सीट पर 1952 से 1962 तक कांग्रेस जीती. पहले सरयू प्रसाद और लगातार दो बार दीप नारायण सिंह ने यहां जीत हासिल की. वे कुछ समय के लिए बिहार के मुख्यमंत्री भी बने. इसके बाद 1967 में यहां सीपीआई ने कांग्रेस से सीट छीन ली और किशोरी प्रसन्न सिंह विजयी रहे. फिर मोतीलाल सिन्हा ने 1969 और 1972 में यहां सोशलिस्ट पार्टी और प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता. 1977 और 1980 में पहले जनता पार्टी और फिर कांग्रेस से जगन्नाथ प्रसाद यादव जीते. 1985 में मोतीलाल सिन्हा ने लोकदल के साथ वापसी की. फिर 1990 में कांग्रेस से जगन्नाथ प्रसाद राय और 1995 में जनतादल से राजेन्द्र राय जीते.



बिहार चुनाव नतीजे LIVE: बिहार चुनाव के नतीजे अभी हैं दूर, EC ने कहा- अब तक बस 92 लाख वोटों की हुई गिनती, 4 करोड़ हैं बाकी
वर्ष 2000 में बीजेपी के नित्यानंद राय ने तोड़ा तिलिस्म

लेकिन इसके बाद हाजीपुर की फिजां बदली और बीजेपी ने यहां पैर पसार लिए. स्थिति ये हुई कि जो सीट 1977 में जनता पार्टी की लहर में भी समाजवादियों के पास रही, उस पर साल 2000 के चुनाव में नित्यानंद राय ने बीजेपी का परचम लहरा दिया. इसके बाद 2005 के फरवरी और अक्टूबर में और 2010 के चुनाव में भी नित्यानंद राय जीते. 2014 के आम चुनाव में नित्यानंद राय उजियारपुर से चुनाव जीते और लोकसभा चले गए. इसके बाद हाजीपुर सीट पर 2014 के उपचुनाव और 2015 में राजद-जदयू-कांग्रेस गठबंधन की चुनौती के बावजूद चुनाव में बीजेपी के अवधेश सिंह यहां विजेता रहे.

मतदाता

हाजीपुर विधानसभा में कुल 3 लाख 30 हजार 892 मतदाता हैं, इनमें महिला मतदाता 1,52, 924, जबकि पुरुष मतदाता 1,77, 940 हैं.

आबादी

2011 की जनगणना के अनुसार हाजीपुर की आबादी करीब 4 लाख 43 हजार 976 है. इसमें करीब 66.74 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती है.

चुनाव में मतदाता लेते हैं बढ़चढ़कर हिस्सा

2019 के लोकसभा चुनावों में यहां 55.8 प्रतिशत वोटिंग रिकॉर्ड की गई थी. वहीं 2015 के विधानसभा चुनाव में ये प्रतिशत 57.29 रहा था. 2015 में बीजेपी को यहां 48.62 प्रतिशत वोट मिले थे, वहीं कांग्रेस को 41.79 प्रतिशत.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज