Assembly Banner 2021

हाजीपुर: corona मरीज मिलने के 1 सप्ताह बाद भी नहीं किया गांव को सील, ग्रामीणों में रोष

1 सप्ताह पहले मिले कोरोना मरीज  के बाद भी लालगंज गांव सील नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश (फाइल फोटो)

1 सप्ताह पहले मिले कोरोना मरीज के बाद भी लालगंज गांव सील नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश (फाइल फोटो)

इतना ही नहीं इलाके में गश्त लगाने वाले लालगंज (Lalganj) के सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने भी कहा की उन्हें प्रशासन की ओर से गांव की घेराबंदी करने की बात कही गई थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

  • Share this:
हाजीपुर. बिहार के हाजीपुर (Hajipur) स्थित लालगंज में प्रशासन की अजीबोगरीब लापरवाही से ग्रामीण सकते में है. दरअसल बीते 26 मई को कोरोना मरीज (Corona Patient) मिलने के बाद भी इस इलाके को सील नहीं किया गया है, जिससे प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों में गुस्सा है. ग्रामीणों के अनुसार, प्रशासन ने 27 मई को गांव सील करने का आश्वासन तो दे दिया था, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई भी नुमाइंदा गांव में नहीं पहुंचा है.

इस गांव में मिले कोरोना के मरीज मामले में प्रशासन की पहले ही एक लापरवाही उजागर हो चुकी है जिसको लेकर बीते 27 मई को जब प्रशासन की टीम कोरोना मरीज को आइसोलेशन वार्ड में ले जाने के लिए आई थी तब ग्रामीणों और प्रशासन की टीम के बीच जमकर नोकझोंक हुई थी. इसके बाद पुलिस बल को बीच-बचाव करना पड़ा था. बावजूद इसके प्रशासन दोहरी लापरवाही की राह पर है.

प्रशासन की पहली लापरवाही
दरअसल लालगंज स्थित एबीएस कॉलेज के क्वारेंटाइन सेंटर में कोरोना का एक मरीज मिला था, जिसके बाद 9 लोगों को आइसोलेशन वार्ड के लिए हाजीपुर भेजा गया था. लेकिन रिखर पंचायत का रहने वाला प्रवासी मजदूर प्रशासन की लापरवाही का फायदा उठाते हुए अपने गांव चला आया. प्रशासन की नींद तब खुली जब उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई. उसके बाद आनन-फानन में प्रशासन की टीम 27 मई को कोरोना संक्रमित मरीज को लेने के लिये आई थी. उसी दौरान गांव वालों से उनकी नौकझोंक हो गई.
प्रशासन की दूसरी लापरवाही


ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की यह दूसरी लापरवाही है. लेकिन बार-बार शिकायत करने के बाद भी उनकी गुहार नहीं सुनी जा रही है जिसके चलते वे दहशत के साए में जीने को विवश हैं. कोरोना पीड़ित गांव के रहने वाले विकास कुमार ने बताया कि तब प्रशासन ने गांव को सील करने सेनेटाइजर का छिड़काव और पूरे गांव की जांच करने की बात कही थी. लेकिन 1 सप्ताह हो गए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से अभी तक कोई नहीं आया है. इतना ही नहीं इलाके में गश्त लगाने वाले लालगंज के सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने भी कहा की उन्हें प्रशासन की ओर से गांव की घेराबंदी करने की बात कही गई थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने भी माना कि कोरोना मरीज मिलने के बाद गांव को सील किया जाना चाहिए था लेकिन ऐसा क्यों नहीं हुआ इसका जवाब उनके पास नहीं है. इधर इस मामले में प्रशासन ने चुप्पी साध ली है.

ये भी पढ़ें: बड़ी खबरः बिहार सरकार ने किया 30 जून तक Lockdown बढ़ाने का ऐलान
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज