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Inside Story: क्या तेजस्वी यादव राघोपुर सीट से चुनाव हार जाएंगे? जानें क्यों मिल रही बाहुबली रामा सिंह को RJD में एंट्री

तेजस्वी यादव की कोशिश है रघुवंश प्रसाद सिंह आरजेडी में ही रहें साथ ही रामा सिंह की भी एंट्री हो जाए. (फाइल फोटो)

तेजस्वी यादव की कोशिश है रघुवंश प्रसाद सिंह आरजेडी में ही रहें साथ ही रामा सिंह की भी एंट्री हो जाए. (फाइल फोटो)

Bihar Election: यादव बहुल राघोपुर (Raghopur) में किसी भी उम्मीदवार को जीतने के लिए जातीय समीकरण (Cast equation) मजबूत करना ही मूलमंत्र है. राजद (RJD) के परंपरागत वोट बैंक मुसलमान और यादव के साथ ही राजपूत और पासवान वोटरों का रुख यहां के सियासी नतीजे तय करते हैं.

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पटना. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में लोजपा के पूर्व सांसद रामा सिंह की एंट्री की खबरों के बीच कद्दावर नेता रघुवंश प्रसाद सिंह की नाराजगी बरकरार है. इस बीच रामा सिंह (Rama Singh) मंगलवार को खुद सामने आए और न्यूज 18 से बात करते हुए साफ किया कि उन्हें हरी झंडी मिल चुकी है और वे जल्दी ही आरजेडी में शामिल हो जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh Prasad Singh) पर तंज कसते हुए कहा कि उनका राजद में क्या योगदान है, इसकी मुझे भी पूरी जानकारी है. राजद में रह कर कभी रामविलास पासवान का विरोध किया तो महगठबंधन में रह कर नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का, अब नीतीश कुमार अच्छे लग रहे हैं. रामा सिंह ने यह भी कहा कि रघुवंश सिंह राजद को कितना फ़ायदा दिला पाएंगे पता नहीं, लेकिन मैंने लम्बे समय तक जनता की सेवा की है ये लोगों को अच्छे से मालूम है. रघुवंश सिंह पार्टी में क्या करेंगे पता नहीं.

तेजप्रताप पर कार्रवाई क्यों नहीं?

इससे पहले सोमवार को लालू यादव के बड़े बेटे व राजद नेता तेजप्रताप यादव (Tejpratap Yadav) ने रघुवंश प्रसाद सिंह पर तीखी टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि पार्टी एक समुद्र की तरह होती है, अगर उसमें से एक लोटा पानी निकल भी जाए, तो कोई फर्क नहीं पड़ता है. रामा सिंह और तेजप्रताप यादव के रघुवंश प्रसाद सिंह पर खुलकर हमला बोलने के बाद भी राजद के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी पर जेडीयू ने चुटकी ली है.

रघुवंश प्रसाद सिंह को NDA का आमंत्रण!

बिहार सरकार के मंत्री व जेडीयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि राघोपुर की सीट बचाने के लिए रामा सिंह की मदद की ज़रूरत तेजस्वी यादव को पड़ रही है. इसलिए रघुवंश प्रसाद सिंह पर हमला वैसे लोगों से करवा रहे हैं जिनकी कारस्तानियां पूरा बिहार जानता है. बीजेपी के विधायक संजय मयूख ने रघुवंश सिंह का बचाव करते हुए राजद के वरिष्ठ नेताओं पर हमला बोला है. वह भी रघुवंश सिंह के एनडीए में आने का स्वागत करने की बात कह रहे हैं.

रामा सिंह को मिल जाएगी हरी झंडी!

बता दें कि मंगलवार को News 18 से बात करते हुए रामा सिंह ने यह भी कहा था कि रघुवंश सिंह राजद को कितना फ़ायदा दिला पाएंगे पता नहीं, लेकिन मैंने लम्बे समय तक जनता की सेवा की है ये लोगों को अच्छे से मालूम है. रघुवंश सिंह पार्टी में क्या करेंगे पता नहीं, लेकिन मुझे पार्टी से हरी झंडी मिल गई है. बस समय का इंतज़ार है और राजद में शामिल हो जाऊंगा. जाहिर है रामा सिंह की इस बात को सीधे राघोपुर में तेजस्वी के सियासी नफे-नुकसान से जोड़कर देखा जाने लगा है.

तेजस्वी की जीत-हार RJD के अस्तित्व से जुड़ा

गौरतलब है कि राघोपुर वैशाली जिले में आता है जहां से रामा सिंह सांसद रह चुके हैं. माना जाता है कि इलाके में उनकी पकड़ भी अच्छी है. यही वजह रही है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में रामा सिंह ने रघुवंश प्रसाद सिंह को मात दी थी. अब कहा जा रहा है कि राघोपुर के यादव बाहुल्य होने के बावजूद तेजस्वी यादव की स्थिति सेफ नहीं है. ऐसे में अगर आरजेडी का मुखिया कहीं अपनी ही सीट गंवा बैठा तो पूरी पार्टी के मनोबल पर इसका असर पड़ेगा.

लालू परिवार की प्रतिष्ठा को पहुंचेगा आघात

दरअसल राघोपुर की सीट आरजेडी के लिए बेहद प्रतिष्ठा वाली है क्योंकि यहां से लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने जीत हासिल की थी. लालू यादव 1995 और 2000 में यहां से विधायक बने थे. उसके बाद उनकी पत्नी राबड़ी देवी ने  2005 के चुनाव में जीत हासिल की थी. लेकिन 2010 में उन्हें राघोपुर में हार का मुंह देखना पड़ा. इसके बाद 2015 में तेजस्वी यादव ने जीत दर्ज की थी.

जातीय समीकरण ही  तय करता है जीत-हार

मुस्लिम और यादव के मजबूत गठजोड़ के कारण यह सीट लालू परिवार के लिए सेफ मानी जाती है. पर यहां के करीब 60 हजार राजपूत मतदाता ही बैलेंसिंग फैक्टर हैं. इसके साथ ही पासवान वोटर भी अहम भूमिका निभाते हैं. ऐसे में तेजस्वी चाहते हैं कि इलाके के दोनों कद्दावर, रघुवंश प्रसाद सिंह और रामा सिंह (राजपूत जाति से हैं) अगर आरजेडी के पाले में रहते हैं तो जीत सुनिश्चित है. पर अगर कहीं सेंधमारी हुई और गैर यादव मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण हुआ तो तेजस्वी की सीट खतरे में पड़ सकती है.

रामा सिंह की एंट्री की ये है असल कहानी

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इस क्षेत्र में राजपूत मतदाताओं पर रामा सिंह का अच्छा प्रभाव है. यही वजह है कि राजद का शीर्ष नेतृत्व रामा सिंह को अपने पाले में लाना चाहता है और रघुवंश प्रसाद सिंह को भी नाराज नहीं करना चाहता है. ऐसे में रघुवंश बाबू को मनाने की कवायद भी जारी है. हालांकि तेज प्रताप यादव के बयान से ये साफ है कि आरजेडी अब रघुवंश सिंह की जगह रामा सिंह को वेटेज देने का मन बना चुकी है और रामा सिंह की एंट्री लगभग तय है.

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