Raja Pakar (SC) Assembly Seat: JDU की मजबूत पकड़ के बीच RJD के सामने जीत बरकरार रखने की होगी चुनौती

चिराग पासवान (बाएं), नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव (File Photo)
चिराग पासवान (बाएं), नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव (File Photo)

Bihar Assembly Election 2020: राजा पाकर सीट (Raja Pakar Assembly Seat) पर इस बार विधानसभा चुनाव दिलचस्प होने की उम्मीद है. आरजेडी को ये सीट बचानी है, जेडीयू की इस सीट पर अच्छी पकड़ रही है और लोजपा यहां लगातार रनर अप रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 25, 2020, 6:03 PM IST
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वैशाली. बिहार विधानसभा चुनाव 2020 (Bihar Assembly Election 2020) में राजा पाकर सीट (सुरक्षित) (Raja Pakar Assembly Seat) पर इस बार चुनाव दिलचस्प होने की उम्मीद है. कारण ये है कि परिसीमन आयोग के आदेश के बाद वर्ष 2008 में राजा पाकर विधानसभा सीट का जन्म हुआ. ये सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है. ये हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र में आती है और वैशाली जिले का हिस्सा है. इस सीट पर जेडीयू (JDU) के मजबूत पकड़ मानी जाती है. पिछले दो चुनावों में जेडीयू विजयी टीम का हिस्सा रही है. 2010 में जेडीयू ने अकेले जीत हासिल की, वहीं 2015 में महागठबंधन के चलते राजद (RJD) यहां से जीती.

वैसे इस सीट पर सिर्फ जेडीयू ही नहीं लोजपा की भी अच्छी खासी दखल है. पिछले दोनों चुनावों में लोजपा यहां से रनर अप रही है. ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा एनडीए से दोनों पार्टियों में से किसके हिस्से ये सीट आती है.

बता दें 2006 में पंचायती राज मंत्रालय बिहार के वैशाली जिले को देश के 250 सबसे ज्यादा पिछड़े जिलों में रखा था. ये बिहार के 38 उन जिलों में शामिल है, जहां बैकवर्ड रीजन्स ग्रांट फंड प्रोग्राम (बीआरजीएफ) के तहत आर्थिक मदद दी जाती है. वहीं राजा पाकर विधानसभा क्षेत्र में तीन प्रखंड राजा पाकर, देसरी और सहदेई बुजुर्ग आते हैं.



चुनावी इतिहास
2008 में जन्म लेने के बाद राजा पाकर में 2010 में पहला विधानसभा चुनाव हुआ. इस चुनाव में जेडीयू के संजय कुमार ने जीत दर्ज की. उन्होंने लोजपा के गौरी शंकर पासवान को हराया. चुनाव में जेडीयू को 43212 वोट मिले, वहीं लोजपा के गौरी शंकर को 32997 वोट मिले थे. इसके बाद 2015 में जेडीयू और आरजेडी, कांग्रेस के बीच महागठबंधन हुआ. इस चुनाव में ये सीट आरजेडी के खाते में चली गई. जेडीयू के समर्थन से आरजेडी के शिवचंद्र राम ने मुकाबला एकतरफा बना दिया. उन्होंने लोजपा के राम नाथ रमण को करीब 16 हजार से ज्यादा वोटों से मात दी. उस चुनाव में शिवचंद्र राम को 61251 वोट मिले थे, जबकि राम नाथ रमण महज 46,096 वोट ही हासिल कर सके.

वोटरों की स्थिति

2015 के विधानसभा चुनाव के आधार पर यहां 2,44181 वोटर हैं, जिसमें से 54.26 प्रतिशत पुरुष और 45.74 महिला वोटर हैं. इस चुनाव में 55 प्रतिशत यानी 134241 वोटरों ने प्रत्याशी के भाग्य का फैसला किया. यहां 2015 में चुनाव आयोग ने 237 पोलिंग बूथ बनाए थे.
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