Raghuvansh Prasad Singh Death: दो इंजीनियर बेटों और बेटी को छोड़ गए रघुवंश बाबू, जानें कैसा है परिवार
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Raghuvansh Prasad Singh Death: दो इंजीनियर बेटों और बेटी को छोड़ गए रघुवंश बाबू, जानें कैसा है परिवार
रघुवंश बाबू के निधन के बाद कई नेताओं ने अपनी संवेदना जाहिर की है (फाइल फोटो)

Raghuvansh Prasad Singh Death: डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह निधन के बाद बिहार के सियासी गलियारे में शोक की लहर है. उनके सबसे करीबी और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने भी ट्वीट कर अपनी संवेदना जाहिर की है.

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  • Last Updated: September 13, 2020, 1:08 PM IST
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पटना. पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के दिग्गज नेता रहे डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह का रविवार को निधन हो गया. राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के करीबी रहे नेता ने दिल्ली स्थित AIIMS में अंतिम सांसें ली. पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के दिग्गज नेता रहे डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह बेहद करीबी केदार यादव अंतिम समय मे उनके साथ थे. केदार न्यूज़ 18 से बातचीत करते हुए रोने लगे और उन्होंने बोला कि हमारे अभिभावक हमें छोड़कर चले गए. केदार ने बताया कि आज दोपहर 11.24 मिनट पर उन्होंने आखिरी सांस ली.

4 अगस्त से थे दिल्ली में इलाजरत

वो पिछले 4 अगस्त से ही इलाजरत थे. उनकी तबीयत पिछसे चार दिनों से अधिक खराब थी और यही कारण है कि वो लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर चल रहे थे. उनके निधन की पुष्टि परिवार के लोगों ने भी की है. इससे पहले उनके निधन को लेकर सुबह से ही अफवाह ही उड़ गए थे लेकिन इसका परिवार के लोगों ने खंडन किया था उनके परिवार से जुड़े लोगों ने न्यूज 18 को बताया था कि ये बात सही है कि उनकी हालत नाजुक है और ऑक्सीजन लेवल घट रहा है. रघुवंश प्रसाद सिंह अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी को छोड़ गए हैं.



रघुवंश प्रसाद सिंह का परिवार
रघुवंश प्रसाद सिंह अपने दो भाइयों में बड़े थे. उनके छोटे भाई रघुराज सिंह का पहले ही देहांत हो गया है. रघुवंश प्रसाद सिंह की धर्मपत्नी जानकी देवी भी अब इस दुनिया में नहीं हैं. रघुवंश बाबू को दो बेटे और एक बेटी है. रघुवंश प्रसाद सिंह के परिवार से उनके अलावे कोई दूसरा सदस्य राजनीति में सक्रिय नहीं है. रघुवंश प्रसाद के दोनों बेटे इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके नौकरी कर रहे हैं. बड़े बेटे सत्यप्रकाश दिल्ली में इंजीनियर हैं और वहीं नौकरी करते हैं जबकि उनका छोटा बेटा शशि शेखर भी पेशे से इंजीनियर है जो हांगकांग में नौकरी करते हैं. इसके अलावे जो एक बेटी है वो पत्रकार है और टीवी चैनल में काम करती हैं.

नहीं चाहते कि परिवार से कोई राजनीति में आए

जब न्यूज 18 ने रघुवंश प्रसाद सिंह से ये जानना चाहा था कि आखिर उनके अलावे परिवार के किसी दूसरे सदस्य ने राजनीति में कदम क्यों नहीं रखा तो रघुवंश बाबू बड़ी बेबाकी से कहते हैं कि आज जिस हालत में हम अभी पड़े हैं, अपने बच्चों को भी उसी में धकेल देते ये हरगिज सही नहीं होता. ये भी कोई भला जिंदगी है पूरे जीवन भर त्याग, त्याग और सिर्फ त्याग.
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