Ramnagar Seat Live Update: BJP की भागीरथी देवी जीतीं, कांग्रेस के राजेश राम को 15796 वोटों से हराया

रामनगर विधानसभा सीट से बीजेपी की भागीरथी देवी चुनाव जीत गई हैं.
रामनगर विधानसभा सीट से बीजेपी की भागीरथी देवी चुनाव जीत गई हैं.

Ramnagar Seat Live Update: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election Result 2020) में पश्चिमी चंपारण जिले की रामनगर विधानसभा सीट (Ramnagar Seat) से बीजेपी की भागीरथी देवी चुनाव जीत गई हैं. उन्होंने कांग्रेस के राजेश राम को 15796 वोटों से हराया.

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पश्चिमी चंपारण. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election Result 2020) में पश्चिमी चंपारण जिले की रामनगर विधानसभा सीट (Ramnagar Seat) से बीजेपी की भागीरथी देवी चुनाव जीत गई हैं. उन्होंने कांग्रेस के राजेश राम को 15796 वोटों से हराया. भागीरथी देवी ने इस सीट से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है.

उत्तर प्रदेश और पड़ोसी देश नेपाल (Nepal) की सीमा से लगे पश्चिमी चंपारण (West Champaran) जिले की अधिकतर विधानसभा सीटें वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कब्जे में है. इनमें से रामनगर विधानसभा सीट (Ramnagar Assembly Seat) सबसे खास है, क्योंकि पिछले 20 साल में 5 विधानसभा चुनावों में यहां से किसी भी दूसरी पार्टी के उम्मीदवार को जनता ने विधायक (MLA) बनने का मौका नहीं दिया. यहां तक कि वर्ष 2005 में जब सालभर के भीतर दो बार विधानसभा चुनाव हुए, उसमें भी बीजेपी ने अपना वर्चस्व कायम रखा. चेहरे भले ही बदलते रहे, लेकिन इस विधानसभा ने अपनी पार्टी दो दशकों में कभी नहीं बदली. ऐसे में 2020 का विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) बीजेपी के लिए कैसा परिणाम लाता है, यह देखने वाली बात होगी.

लगातार 2 बार से विधायक
रामनगर विधानसभा सीट से भगीरथी देवी भारतीय जनता पार्टी की विधायक हैं. पिछले दो विधानसभा चुनावों से वे लगातार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रही हैं. 2010 के मुकाबले 2015 के विधानसभा चुनाव में उनकी जीत का अंतर जरूर कम हुआ, लेकिन उन्होंने सीट बरकरार रखी. 2010 के चुनाव में जेडीयू और बीजेपी ने एक साथ चुनाव लड़ा था, उस समय भगीरथी देवी ने कांग्रेस प्रत्याशी नरेश राम को लगभग 30000 वोटों के अंतर से हराया था. वहीं, 2015 में जब जेडीयू ने राजद और कांग्रेस के साथ महागठबंधन बनाकर चुनाव लड़ा, तो भगीरथी देवी की जीत का अंतर आधा रह गया. 2015 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी के ही उम्मीदवार पूर्णमासी राम को हराया, लेकिन मतों का अंतर लगभग 18000 का रह गया था.
यह गौरतलब है कि 2000 से पहले के चुनावों में भी बीजेपी यहां से कई बार चुनाव जीत चुकी है. वर्ष 2000 से लेकर 2005 तक के विधानसभा चुनावों में यहां से बीजेपी प्रत्याशी चंद्रमोहन राय ने लगातार जीत दर्ज की. उस समय तक पश्चिमी चंपारण जिले की यह सीट सामान्य विधानसभा क्षेत्र में दर्ज की जाती थी. लेकिन वर्ष 2008 में निर्वाचन आयोग द्वारा किए गए परिसीमन के बाद इसे अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया. सुरक्षित सीट होने के बाद भी यहां की जनता लगातार बीजेपी पर अपना भरोसा जताती रही है. इस बार भी 2010 की तरह के ही सियासी हालात हैं, जब जेडीयू और बीजेपी साथ मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. हालांकि 2015 के चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच जीत का अंतर कम होने को लेकर राजनीति के जानकार अलग-अलग कयास जरूर लगा रहे हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव का परिणाम क्या होगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा.
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