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बिल्कुल सांप जैसे दिखने वाले इस कीट को 'अवतार' क्यों मानने लगे लोग? जानिये सच्चाई

बगहा के वाल्मिकी टाइगर रिजर्व में दिखा अनोखी प्रजाति का कीट.

बगहा के वाल्मिकी टाइगर रिजर्व में दिखा अनोखी प्रजाति का कीट.

Bihar News: अनोखी प्राजाति के कीट को देखने के बाद ग्रामीणों में दहशत मच गई. कोई इसे वन देवी का अवतार मानने लगा तो कोई श ...अधिक पढ़ें

बगहा. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में मिलने वाले जीव अक्सर लोगों को चौंका देते हैं. इस बार वाल्मिकी टाइगर रिजर्व के हर्नाटांड़ के काला बैरिया में एक अजीब तितली देखने को मिली है. यह तितली गांव के एक बल्ब के पास आकर बैठ गई. पहले तो लोगों ने इसे सांप समझा. लेकिन, जब पास से देखने लगे तो इसका रंग रूप और आकार बिल्कुल अलग दिखा.

अनोखी प्राजाति के कीट को देखने के बाद ग्रामीणों में दहशत मच गई. कोई इसे वन देवी का अवतार मानने लगा तो कोई शैतान का स्वरूप. कुछ लोगों ने घी के दिए जला दिए तो वहीं कुछ लोग अगरबत्ती जलाकर पूजा करने लगे. हालांकि, यह वास्तव में क्या है इसके बारे में इसके बारे में विषेशज्ञों ने विस्तार से बताया.

मीटिंग के इंतजार में बैठी दुर्लभ कीट
WWF के एरिया कोऑर्डिनेटर कमलेश मौर्या ने बताया कि दुर्लभ प्रजाति की यह कीट नर से बड़ी मादा होती है. मादा का शरीर 9.5 होता है जबकि नर का इसके अपेक्षा काफी छोटा. अभी जो कीट है वह मादा है. एक मादा नर के साथ आने और निषेचित होने, अंडे देने और मरने की प्रतीक्षा करती है.

दुर्लभ प्रजातियों में से एक है यह तितली
WWF के एरिया कोऑर्डिनेटर कमलेश मौर्या ने बताया कि इसके बारे में ना जानने वाले इसे देख कर नजरअंदाज कर सकते हैं. लेकिन, यह खुशनसीब लोगों को दिखाई देता है. इससे पहले यह झारखंड के पलामू में मिला था. उन्होंने बताया कि इसे एटलस मोथ कहते हैं. यह दुनिया में पाये जाने वाले पतंगों में सबसे बड़ा है. तितली की तरह दिखने वाला यह कीट असल में बहुत दुर्लभ है और दिन के समय यह शायद ही कभी दिखाई देता है. यह रात में निकलने वाला कीट है. प्रजाति में सबसे सुंदर उदाहरण माना जाता है.

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एटलस मोथ दिन के समय कभी कभी ही दिखता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि यह दुर्लभ प्रजाति का कीट है. इसे देखकर ग्रामीणों ने इसकी पूजा भी शुरू कर दी.

ऐसे चलता है एटलस मोथ का जीवन चक्र
एटलस मोथ जून से अगस्त के अंत तक दिखाई देते हैं. इसके अंडे 10 से 14 दिन के बीच फूटते हैं. 35 से 40 दिनों तक कैटरपिलर की स्थिति में रहता है. उन्होंने बताया कि प्यूपा से बड़ा पतंगा बनने में 21 दिन लगते हैं और पूरे आकार में आने पर इसका जीवन चक्र दस दिन से अधिक नहीं होता. अंधेरे में उड़ने वाला एटलस मोथ रात में किसी बल्ब को देखकर रुक जाता है और कई दिनों तक वहीं बैठा रहता है.

एटलस मोथ के दोनों बगल सांप की आकृति
यह सबसे बड़े कीटों में से एक है. जब इसको खतरा महसूस होता है तो शिकारियों को डराने के लिए यह सांप के सिर की तरह दिखने वाले पंख फड़फड़ाता है. इस प्रकार इस के पंख को देखकर शिकारी भाग जाते हैं.

Tags: Bihar News, Champaran news

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