वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में हाथी कर रहे जंगलों की सुरक्षा, बेंगलुरू से लाकर दी गई है ट्रेनिंग

वन क्षेत्र में गश्त के काम में लगाए गए चार हाथियों को बेंगलुरू से लाया गया है. जिसके बाद इन्हें यहां लंबे समय तक प्रशिक्षण दिया गया है

वन क्षेत्र में गश्त के काम में लगाए गए चार हाथियों को बेंगलुरू से लाया गया है. जिसके बाद इन्हें यहां लंबे समय तक प्रशिक्षण दिया गया है

वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र में हाथी से लगातार गश्त होने से तस्करी (Smuggling) के लिए काटी गई लकड़ी और वन्य जीवों को नुकसान पंहुचाने के लिए वन क्षेत्रों (Forest Area) में लगाए गए बिजली के तार और जाल जब्त किए गए हैं

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 9, 2021, 10:50 PM IST
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बगहा. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (Valmiki Tiger Reserve) वन प्रमंल 2 के वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र में इन दिनों सुरक्षा के मद्देनजर हाथियों से गश्त (Elephant Patroling) की जा रही है. दरअसल गंडक नदी (Gandak River) के जलस्तर में गिरावट दर्ज होने से वन अपराधियों द्वारा वन संपदा (Forest Property) को नुकसान पंहुचाने की आशंका बढ़ गई है. इसे देखते हुए इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग द्वारा वन्यकर्मियों की टीम गठित कर हर वन क्षेत्र में हाथी से गश्ती की जा रही. जिसके नतीजा यह हुआ कि तस्करी (Smuggling) के लिए काटी गई लकड़ी और वन्य जीवों को नुकसान पंहुचाने के लिए वन क्षेत्रों में लगाए गए बिजली के तार और जाल जब्त किए गए हैं.

वन संपदा और वन्य जीवों की सुरक्षा को और ज्यादा सख्त करने के उद्देश्य से हाथियों से गश्त कराई जा रही है. बता दें कि जंगल सुरक्षा के लिए बेंगलुरू से चार हाथी- मणिकंठा, बाला जी, द्रोण और राजा को यहां लाया गया है. इन सभी को वनों की सुरक्षा करने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. वन्य जीवों और वन संपदा की सुरक्षा के लिए वन विभाग लगातार प्रयत्नशील है ताकि वन अपराध पर अंकुश लगाया जा सके.

इस संबंध में जानकारी देते हुए वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र पदाधिकारी महेश प्रसाद ने बताया कि वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के जटाशंकर वन क्षेत्र, भेड़िहारी वनक्षेत्र, चुलभट्ठा वनक्षेत्र में लगातार हाथी से गश्त किया जा रहा है ताकि वन अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाया जा सके. हाथी के साथ वन्यकर्मियों कि टीम भी लगातार गश्त में लगी हुई है. विशेष प्रशिक्षण के बाद हाथियों को काम दिया जा रहा है. वन विभाग इस काम के लिए लंबे समय तक इन हाथियों को ट्रेनर से प्रशिक्षण दिलवा रहा था. (मुन्ना राज की रिपोर्ट)
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