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सरकारी स्कूल का शिक्षक निकला शराब तस्कर, घर को ही बना रखा था गोदाम

सरकारी स्कूल का शिक्षक निकला शराब तस्कर, घर को ही बना रखा था गोदाम

बिहार के बगहा में शराब बेचने वाले शिक्षक को गिरफ्तार किया गया है: Shutterstock)

बिहार के बगहा में शराब बेचने वाले शिक्षक को गिरफ्तार किया गया है: Shutterstock)

Bagha News: बिहार के बगहा में जिस सरकारी शिक्षक की शराब बेचते गिरफ्तारी हुई है, वो दस साल में दूसरी बार जेल भेजा गया है. अनुकंपा के आधार पर मिली नौकरी के बाद इस शिक्षक ने शराब की तस्करी को ही अपना पेशा बना रखा था और काफी दिनों से इस धंधे में संलिप्त था.

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बगहा. बिहार के सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) भले ही लाख सख्ती कर लें लेकिन उनके ही सरकारी मुलाजिम शराबबंदी (Liquor Ban) के नियम कानूनों को रोज चूना लगा रहे हैं. नशा त्याग और नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले एक ऐसे ही गुरु जी यानी सरकारी शिक्षक (Bihar Teacher) शुक्रवार की देर रात शराब बेचते हुए पकड़ लिए गए, वो भी रंगे हाथों. खास बात ये है कि ये शख्स 10 साल के दौरान दूसरी बार शराब बेचने के जुर्म में जेल भेजे गए हैं. मामला बिहार के बगहा से जुड़ा है और आरोपी राजकीय बुनियादी विद्यालय मधुबनी के प्रधान शिक्षक हैं जिनका नाम सुरेंद्र गुप्ता है.

सुरेंद्र धनहा थाना के दहवा बाजार के रहने वाले हैं. प्रधान शिक्षक अपने घर में शराब रखकर बेच रहे थे. थानाध्यक्ष मुन्ना कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि प्रधान शिक्षक दारू का कारोबार कर रहे हैं जिसके बाद शिक्षक सुरेंद्र गुप्ता के घर छापेमारी की गई. छापेमारी के दौरान कुल 4.5 लीटर मैकडॉनल्ड की 25 बोतलें शिक्षक के यहां से बरामद की गई. आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर धनहा थाना लाया गया है. सुरेंद्र गुप्ता कहां-कहां शराब बेच रहे थे इस को चिन्हित किया जा रहा है. थानाध्यक्ष ने बताया कि शिक्षक को जेल भेजने की तैयारी चल रही है.

पिता के मृत्यु के बाद अनुकंपा पर मिली थी नौकरी

सुरेंद्र गुप्ता के पिता शिक्षक थे जिनकी मौत अचानक हो गई थी. उनके मरने के बाद सुरेंद्र को बड़ा पुत्र होने के नाते 1998 में अनुकंपा पर नौकरी मिली थी. सरकार की तरफ से रेगुलर शिक्षक का वेतन मिलने के कारण सुरेंद्र की नौकरी वेतनमान पर लगी थी.

2011 में भी जा चुके हैं जेल

सुरेंद्र 2011 में कच्चा दारू का कारोबार करने को लेकर जेल जा चुके हैं, हालांकि उस समय नीतीश कुमार का दारूबंदी कानून नहीं था लेकिन दारू बनाना और बेचना करना जुर्म था. 2011 में भी सुरेंद्र देसी निर्मित दारू बेच रहे थे. उस समय भी पुलिस ने पकड़ कर उनको जेल भेजा था. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि शिक्षक काफी दिनों से दारू का कारोबार किया करते थे जिससे एक अच्छी खासी संपत्ति तैयार कर ली गई है. पुश्तैनी घर को छोड़कर इस शिक्षक ने अब नया घर भी बना लिया है.

बगहा पुलिस जिला में 8 दिनों में चार सरकारी कर्मी जा चुके हैं जेल

26 तारीख को मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी कर्मियों को शराब न पीने को शपथ दिलाई थी. शपथ लेने के साथ ही सरकारी कर्मी शराब के नशे में पकड़े जाने लगे हैं. जिले के पिपरासी थाना क्षेत्र से 26 नवंबर को प्रधान शिक्षक कुंदन कुमार गौड़ शराब के नशे में पकड़ा गया. 30 नवंबर को पंचायत सचिव राज बलीराम शराब के नशे में थे जिन्हें वाल्मीकि नगर पुलिस ने धर दबोचा, वही एक दिसंबर को रामनगर में एक विकास मित्र नरसिंह राम को भी पुलिस ने शराब के नशे में गिरफ्तार किया था. शुक्रवार को प्रधान शिक्षक शराब बेचते हुए पकड़े गये, जो कि चर्चा का विषय बना हुआ है.

Tags: Bihar Liquor Smuggling, Bihar News, Bihar Teacher, Illegal Liquor Trader

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