नये साल में बिहार के इस अस्पताल की नई पहल, बेटी होने पर माता-पिता को दिया जाता है बधाई पत्र

बधाई पत्र पाकर माता-पिता खुश नजर आए.

बधाई पत्र पाकर माता-पिता खुश नजर आए.

अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ केबीएन सिंह ने बताया कि इस पहल को हर कस्बे तक पहुंचाने की जरूरत है, ताकि भ्रूण हत्या (Feticide) पर रोक लगाने में मदद मिल सके.

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पश्चिमी चंपारण. बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल अस्पताल (Bagaha Subdivision Hospital) ने नये साल के मौके पर नई पहल की है. यहां बेटी को जन्म देने पर माता-पिता को बधाई प्रमाण पत्र दिया जाता है. इसकी शुरुआत दो जनवरी से की गई. अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी डॉ केबीएन सिंंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की योजना बेटी बचाओ, बेटी पढाओ के तहत एक से दो जनवरी की सुबह तक अस्पताल में जन्म लिए आधा दर्जन बेटियों के माता-पिता को बधाई पत्र दिया. बधाई पत्र के साथ-साथ उन्हें जन्म प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराया गया.

'भ्रूण हत्या रोकने में मिलेगी मदद'

अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ केबीएन सिंह ने बताया कि इस पहल को हर कस्बे तक पहुंचाने की जरूरत है, ताकि भ्रूण हत्या पर रोक लगाने में मदद मिल सके. और बेटी पैदा होने पर माता-पिता गौरवान्वित महसूस कर सके.

उपाधीक्षक ने बताया कि जननी बाल सुरक्षा अभियान के तहत शहरी क्षेत्र में 3 हजार और ग्रामीण क्षेत्र में 3400 की राशि लाभुकों को दी जाती है. इस योजना को लागू करने का मंतव्य समाज को नये साल में नया संदेश देना है. बेटियां बेटों से कम नहीं हैं, बल्कि आज के युग में हर क्षेत्र में बेटियां आगे हैं. यह संदेश देने की कोशिश है.
अस्पताल प्रबंधन ने रतवल के अनिल बैठा और पत्नी अंशु देवी, बगहा के अजय नगर निवासी संतोष कुमार गोंड और पत्नी कुसुम देवी, गांधीनगर के जितेंद्र चौधरी और पत्नी दुलारी देवी, शास्त्रीनगर निवासी राजू यादव और पत्नी संध्या देवी को बेटी होने पर बधाई पत्र दिया. अस्पताल की तारीफ करते हुए इन्होंने कहा कि इससे कोख में बेटी को मारने की मंशा पर रोक लगेगी.

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