• Home
  • »
  • News
  • »
  • bihar
  • »
  • बिहार: जिंदा हूं मैं! कहते हुए सबूत लेकर अधिकारियों के पास पहुंचा शख्स, कोरोना मुआवजा लेने से किया इनकार

बिहार: जिंदा हूं मैं! कहते हुए सबूत लेकर अधिकारियों के पास पहुंचा शख्स, कोरोना मुआवजा लेने से किया इनकार

बेतिया में जीवित व्यक्ति को कोरोना से मृतक मान मुआवजा दिया जा रहा था पर उस व्यक्ति ने मना कर दिया.

बेतिया में जीवित व्यक्ति को कोरोना से मृतक मान मुआवजा दिया जा रहा था पर उस व्यक्ति ने मना कर दिया.

Champaran News: भारत सरकार के उपक्रम सेल में बतौर जूनियर टेक्निशियन काम करने वाले चंद्रशेखर पासवान को फोन आया कि चंद्रशेखर पासवान के आश्रित से बात करनी है. लेकिन जब उन्होंने बताया कि वे आश्रित नहीं बल्कि खुद चंद्रशेखर पासवान हैं तो पदाधिकारी भी हैरान रह गए.

  • Share this:

बेतिया. पश्चिमी चंपारण (West Champaran) जिले में एक ऐसा मामला सामने आया हैं जहां कोरोना महमारी (Corona Pandemic) में मृत माम लिया गया एक व्यक्ति जिंदा हो गया है. यह मामला सामने आते ही अधिकारियों के होश उड़ गए और अस्पताल की ओर से इस मामले को लेकर जांच बिठा दी गई है. दरअसल कोरोना महमारी से बिहार में सरकारी आंकड़े के अनुसार लगभग 9500 से अधिक लोगों की जान चली गई. राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण से मरने वाले लोगों को मुआवजा देने का एलान कर दिया. जिसके लिए जिलावार मृतकों की सूची बनाई गई और उसे कोविड पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया. लेकिन, बेतिया के जीएमसीएच (GMCH of Bettiah) में तैनात कर्मियों ने एक ऐसे व्यक्ति का नाम मृतकों की सूची में डाल दिया जो जिंदा हैं और अपना काम कर रहे हैं.

हालांकि, हकीकत यह भी है कि वे कोरोना पॉजिटिव भी हुए थे, लेकिन बाद में वह नेगेटिव आ गए थे और घर पर रहने लगे. इसी बीच पिछले माह उसे बेतिया अंचल कार्यालय से पहले तो सीआई और उसके बाद सीओ ने फोन किया तो उसके होश उड़ गए. भारत सरकार के उपक्रम सेल में बतौर जूनियर टेक्निशियन काम करने वाले चंद्रशेखर पासवान को फोन आया कि चंद्रशेखर पासवान के आश्रित से बात करनी है. लेकिन जब चंद्रशेखर पासवान ने बताया कि वह आश्रित नहीं बल्कि खुद चंद्रशेखर पासवान है तो पदाधिकारी भी हक्का-बक्का रह गए.

मूल रूप से खगड़िया के रहने वाले चंद्रशेखर पासवान छावनी मोहल्ले में किराए के घर पर रहते हैं. यहीं पर वह कोरोना पॉजिटिव हो गए थे. उन्होने बताया कि जब उन्हे फोन आया तो वह हैरान हो गए और पदाधिकारियों के पास जाकर कागजात दिखाया कि मैं जिंदा हूं.  वहीं, इस बाबत जीएमसीएच के अस्पताल उपाधीक्षक श्रीकांत दुबे ने बताया कि एक ही नाम के दो व्यक्ति होने के कारण भूलवश लिस्ट में इनका नाम आ गया था, जिसे सुधार लिया गया है. मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है. उन्होने बताया कि जिन कर्मियों ने ऐसी गलती की है उनपर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज