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CM नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट से बदल रही नक्सल प्रभावित इलाके की तस्वीर, 'स्वाभिमान बटालियन' से पलट रही किस्मत

बिहार में स्वाभिमान बटालियन के तहत जनजातियों के लिए विशेष भर्ती अभियान.

बिहार में स्वाभिमान बटालियन के तहत जनजातियों के लिए विशेष भर्ती अभियान.

West Champaran News: बिहार सरकार ने स्वाभिमान बटालियन मुख्यालय खोलकर तराई क्षेत्र में एसटी और एससी के साथ पिछड़ी जाति बाहुल्य इलाकों के युवाओं को रोजगार देने फैसला लिया है जिसका लाभ व्यापक पैमाने पर इलाक़े के युवाओं और युवतियों को मिलने लगा है.

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बेतिया. अच्छी खबर पश्चिम चंपारण जिला के इंडो-नेपाल सीमा (Indo-Nepal Border) पर स्थित पर्यटन नगरी से है, जहां बिहार सैन्य पुलिस वाल्मीकिनगर अंतर्गत रसोइया, जलवाहक, नाई, झाड़ूकश पद के लिए आरक्षण रोस्टर अनुमोदित किए गए हैं. इसके पीछे स्वाभिमान बटालियन को मजबूती और इलाके के शिक्षितों को रोजगार देने का अहम उद्देश्य है. दरअसल, सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की ड्रीम प्रोजेक्ट बिहार सैन्य पुलिस वाल्मीकिनगर, बगहा अंतर्गत परिचारी संवर्ग के विभिन्न पदों यथा-रसोइया, जलवाहक, नाई, झाड़ूकश के रिक्ति के विरुद्ध नियोजन किया जाना है. इनमें रसोइया पद के लिए 3 रिक्ति है. वहीं, नाई पद के लिए 02, जलवाहक पद के लिए 02 एवं रसोइया पद के लिए 07 रिक्ति सहित कुल-14 रिक्तियां हैं. इसका तराई क्षेत्र के वैसे युवाओं को लाभ मिलेगा जो शिक्षित बेरोजगार हैं.

बताया जा रहा है कि रिक्ति के विरुद्ध नियोजन करने हेतु विभागीय दिशा निर्देश के आलोक में समादेष्टा, बिहर सैन्य पुलिस-15, वाल्मीकिनगर, बगहा द्वारा आरक्षण रोस्टर भी तैयार कर अनुमोदन हेतु जिलाधिकारी कुंदन कुमार के समक्ष उपस्थापित किया गया था. जिसके बाद अपर समाहर्ता, पश्चिम चम्पारण, बेतिया की अध्यक्षता में रोस्टर जांच समिति द्वारा उक्त आरक्षण रोस्टर की सूक्ष्मता से जांच की गयी. जांचोपरांत आरक्षण रोस्टर संचिका को जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया. अब जिलाधिकारी द्वारा बिहार सैन्य पुलिस, वाल्मीकिनगर, बगहा अंतर्गत रसोईया, जलवाहक, नाई, झाड़ूकश पदों हेतु आरक्षण रोस्टर पंजी का अनुमोदन कर दिया गया है और जल्द ही सरकार के निर्देशानुसार नियोजन की प्रक्रिया प्रारंभ की जायेगी.

खास बात यह है कि इसमें न्यूनतम शिक्षा वाले थारू आदिवासी बहुल इलाकों के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे. बता दें कि बिहार सरकार ने यहां स्वाभिमान बटालियन मुख्यालय खोलकर तराई क्षेत्र में एसटी और एससी के साथ पिछड़ी जाति बाहुल्य इलाकों के युवाओं को रोजगार देने का सबसे पहले सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में फ़ैसला लिया गया. जिसका व्यापक पैमाने पर विस्तार कर इसका लाभ इलाक़े के युवाओं और युवतियों को मिलने लगा है. मकसद भी साफ है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में रोजगार देने की योजना समाज के मुख्य धारा से भटकने से रोकने में मददगार और कारगर कदम है.

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