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मगरमच्छ के मुंह से छीन ली थी भाई की जिंदगी, 8वीं के छात्र धीरज को PM नरेंद्र मोदी ने किया सम्मानित

मगरमच्छ के मुंह से छीन ली थी भाई की जिंदगी, 8वीं के छात्र धीरज को PM नरेंद्र मोदी ने किया सम्मानित

बिहार के बेतिया के बहादुर बच्चे से बात करते पीएम नरेंद्र मोदी

बिहार के बेतिया के बहादुर बच्चे से बात करते पीएम नरेंद्र मोदी

National Children Award: बिहार के बेतिया के रहने वाले धीरज से जब प्रधानमंत्री ने बात की तो उसने कहा कि तब उसके मन में केवल भाई को बचाने की ही बात चल रही थी. धीरज ने पीएम को बताया कि वो बड़ा होकर फौजी बनना और देश की सेवा करना चाहता है.

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बेतिया. मगरमच्छ का नाम सुनते ही आपके और हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं लेकिन अगर एक 14 साल का बच्चा बिना अपनी जिंदगी की परवाह करते हुए पानी में घुसे हुए मगरमच्छ (Crocodile Fight) से ने केवल जा भिड़े बल्कि अपने छोटे भाई की जान को सही सलामत बचा ले आए तो फिर आप क्या कहेंगे. जी हां कुछ ऐसी ही कहानी है बिहार के इस बहादुर बच्चे धीरज (National Children Award Winner Dhiraj Kumar) की. धीरज के शौर्य की कद्र केवल बिहार ने ही नहीं की है बल्कि अब इस बहादुर का डंका देश में भी बजा है. यही कारण है कि बिहार के 14 साल की इस बहादुर बच्चे धीरज को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया है.

बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के 14 वर्षीय धीरज प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित हुआ है. पीएम नरेन्द्र मोदी ने जिले के इस बहादुर बच्चे से बात की और उसकी बहादुरी की सराहना भी की जो पूरे जिले के लिए गर्व की बात है. धीरज पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटली ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी के माध्यम से धीरज को प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया जिससे धीरज के माता पिता सहित धीरज और उसका भाई भी काफी खुश है.

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के तहत 01 लाख रूपये की राशि भी धीरज के एकाउंट में डिजिटली भेज दिया गया है. देश के 21 राज्यों के 29 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिसमें पश्चिम चम्पारण जिले के धीरज कुमार का भी नाम शामिल है. प्रधनमंत्री से संवाद के दौरान धीरज ने कहा कि घटना के वक्त मेरे दिमाग में सिर्फ मेरा भाई ही दिखाई दे रहा था. उसकी जान किसी भी कीमत पर बचानी थी. प्रधानमंत्री ने पूछा कि आप बड़ा होकर क्या बनना चाहते हैं, तो धीरज ने कहा कि मैं फौजी बनकर देश की सेवा करना चाहता हूं.

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार अंतर्गत बाल शक्ति पुरस्कार से सम्मानित धीरज कुमार उत्क्रमित मध्य विद्यालय चौमुखा में कक्षा 08 का छात्र है और वह योगापट्टी प्रखंड क्षेत्र के एक छोटे से गांव चैमुखा का रहने वाला है. एक गरीब परिवार से आने वाले धीरज की बहादुरी का डंका आज पूरे देश मे बज रहा है. एक सितंबर 2020 को  दोपहर लगभग 02 बजे धीरज अपने छोटे भाई नीरज के साथ अपने भैंसो को नहलाने गंडक नदी गया था. भैंसो को नहलाने के क्रम में नीरज पर एक मगरमच्छ ने अचानक हमला बोल दिया एवं उसके पैरों को पकड़कर बुरी तरह से घायल कर दिया. धीरज ने बहादुरी का परिचय देते हुये बिना भयभीत हुए अपने छोटे भाई को मगरमच्छ से लड़कर छुड़ाया एवं छुड़ाकर किनारे पर ले आया.

इस दौरान वह स्वयं भी बुरी तरह से घायल हो गया था. स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल दोनों को निकटतम अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के पश्चात दोनों स्वस्थ हो गये. इस घटना को लेकर जिलाधिकारी कुंदन कुमार द्वारा धीरज की प्रशंसा की गयी थी. धीरज को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित करने हेतु अनुशंसा भेजने के लिए बाल संरक्षण इकाई पश्चिम चम्पारण के सहायक निदेशक को धन्यवाद दिया.

Tags: Bihar News, MP Narendra Modi

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