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Bihar Flood: पश्चिमी चंपारण और गोपालगंज में सैलाब का सितम, बाढ़ग्रस्त गांवों में छाई वीरानगी

बिहार के गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण में बाढ़ग्रस्त गांवों में सन्नाटा पसरा.

बिहार के गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण में बाढ़ग्रस्त गांवों में सन्नाटा पसरा.

Flood in Bihar:: गोपालगंज में गंडक के जलस्तर में लगातार कमी आ रही है. वाल्मीकि नगर बराज से भी गुरुवार को महज 2 लाख 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में बाढ़ का पानी कम होने लगा है. लेकिन अभी भी लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है.

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बेतिया/गोपालगंज. सैलाब का सितम पश्चिम चंपारण और गोपालगंज जिला में जारी है. गंडक के बाद सिकरहना नदी इलाके में जमकर कहर बरपा रही है. पश्चिम चंपारण जिले के सबसे बड़े प्रखंड मझौलिया में हालात बेहद खराब हैं. रमपुरवा महनवा पंचायत झील और टापू में तब्दील हो गया है. जिससे गांव के दर्ज़नों परिवार सड़क और बांध पर तंबू तानकर शरण लिए हुए हैं.  अब तक इन बाढ़ पीड़ितों को भोजन पानी समेत किसी भी तरह की प्रशासनिक राहत और मदद नहीं पहुचाई गई है. हैरत की बात है कि यहां कोई अधिकारी झांकने तक नहीं पहुंचे हैं, जिसको लेकर लोगों में भारी आक्रोश है

वहीं, गोपालगंज में गंडक के जलस्तर में लगातार कमी आ रही है. वाल्मीकि नगर बराज से भी गुरुवार को महज 2 लाख 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया,  जिससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में बाढ़ का पानी कम होने लगा है. लेकिन अभी भी लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है. जिसकी वजह से लोग तटबंधो पर शरण ले रहे हैं. बाढ़ प्रभावित गांवों में भी एक अजीब से वीरानगी छाई हुई है.

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मांझागढ़ प्रखंड के 2 पंचायत बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. गोसिया और निमुइया पंचायत में सभी ज्यादा बाढ़ से तबाही हुई है. यहां अभी भी बाढ़ का पानी कई गांव में भरा हुआ है. जिससे गांव के लोग अपने घरों को छोड़कर तटबंधों पर हैं. मांझागढ़ प्रखंड के निमुइया पंचायत के वार्ड नंबर 5 में सिर्फ इक्का-दुक्का लोग गांव में हैं. लोगों की झोपड़ियां बाढ़ के पानी में ध्वस्त हो गई हैं.

बिहार के गोपालगंज के एक बाढ़ग्रस्त गांव में छाई वीरानगी की तस्वीर.

गांवों में एक अजीब सा सन्नाटा और वीरानगी छाई हुई है. गांव में अपने घरों में बचे लोग कोई भी नाव देख रहे हैं. तब लोगों के अंदर एक उम्मीद जग रही है कि शायद राहत सामग्री उनके पास कोई लेकर आ रहा है. लेकिन अब तक जिला प्रशासन से उन्हें कोई बाढ़ सहायता राशि नहीं मिली है. लोग बाढ़ सहायता राशि और प्लास्टिक शीट की उम्मीद लगाए बैठे हैं.

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गोपालगंज में 26 पंचायतों के 43 गांव अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं. जिला प्रशासन के मुताबिक जगह जगह पर कम्युनिटी किचन चलाए जा रहे हैं. बाढ़ पीड़ितों से अपील की जा रही है कि जब तक गांव में पानी है. तब तक वे तटबन्धों पर रहे.

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