नेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ ने फिर दी दस्तक, बेतिया के दर्जनों गांवों में घुसा पानी

पश्चिमी चंपारण के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी.
पश्चिमी चंपारण के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी.

जल संसाधन विभाग (Department of Water Resources) ने बताया कि नेपाल (Nepal) के एक दर्जन जल ग्रहण क्षेत्रों में तकरीबन 370 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 24, 2020, 3:39 PM IST
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पश्चिमी चंपारण. नेपाल में हो रही लगातार बारिश ( Heavy Rain in Nepal) से जिले में एक बार फिर बाढ़ (Flood) जैसे हालात हो गए हैं. जलजमाव (Water Logging) के कारण पूरा शहर झील में तब्दील हो गया है. आलम यह है कि जिला मुख्यालय में भी पानी जमा हो गया है. गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं.  गंडक नदी (Gandak River) में पानी  बढ़ने से बाढ़ की स्थिति दियारे मे लौट आयी है. जिससे लोगों का हाल बेहाल है.

जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता आशीष कुमार आशीष कुमार ने बताया कि नेपाल के एक दर्जन जल ग्रहण क्षेत्रों मे करीबन 370 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई है. जबकि प्रखंड  कर्मी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र मे 105  मिलीमीटर बारिश हुई है. गंडक  बराज से सुबह तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोडा गया है. सुबह के बाद भी बारिश हुई है.

सहायक अभियंता ने बताया कि 26 सितम्बर तक बारिश के हाई अलर्ट जारी है. 24 घंटे के दौरान गंडक का जलस्तर 5 सेंटीमीटर बढ गया है. अभी जलस्तर और बढने की संभावना को देखते ही बांधों पर चौकसी बढ़ा दी गई है. वहीं नेपाल जल अधिग्रहण क्षेत्र मे और अधिक बारिश होने की संभावना है. जिससे  बाराज से पानी छोड़ने की मात्रा चार लाख क्यूसेक तक बढने की आशंका  है.



इधर  दियारे के निचले क्षेत्रों मे पानी का फैलाव तेजी से शुरू हो गया है. लोगों के घर डूबने लगे हैं. बैजुआ का अरूण यादव, जवाहिर यादव, वीरेन्द्र मुखिया ने बताया कि सुबह से एकाएक जलस्तर बढ़ने से पानी चढने लगा है.  कैलाशी देवी कहती हैंअभी हालत सुधर ही रहा था कि फिर पानी में घर डूबने लगे हैं.
माल मवेशियों के रखरखाव की समस्या फिर बढ गई है. मूसलाधार बारिश से चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई है. कई सड़कें तालाब बन गयीं हैं. संतघाट-पखनाहा मुख्य मार्ग मे मखुआ पूल के पास सड़क पर दो फुट पानी लगा है. सड़क पर बने गड्डे में गिरकर आधा दर्जन वाहन चालक गिरकर चोटिल हो गये हैं.

वहीं तुमकडिया से बैरिया जाने वाली सड़क में तिवारी टोला और तमौलिया टोला मे भी पानी लग गया है. जबकि बैरिया से तिलंगही जाने वाली सड़क में वृता टोला के पास सडक गड्ढे मे बदल जाने से लोग आये दिन गिरकर घायल हो रहे हैं.

रेनकट का बढ़ा खतरा
लगातार बारिश से बांधों पर रेनकटिग का खतरा बढ़ गया है. इधर पीडी व चम्पारण तटबंधों पर रेनकटिंग भी हुई है. वैसे 24 घंटे की बारिश से फिर रेन कटिंग और होल हो गया है. अभियंताओ की टीम कैम्प कर रही है. सहायक अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि सभी की मरम्मत करायी जा रही है. लगातार तटबंधों की सुरक्षा के लिए चौकसी बढा दी गई है.
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