घड़ियालों का पसंद आ रहा बिहार के गंडक का हैबिटेट, संख्या के लिहाज से चम्बल के बाद दूसरी नदी बनी

गंडक नदी में 300 घड़ियाल मौजूद हैं.

गंडक नदी में 300 घड़ियाल मौजूद हैं.

West Champaran News: वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सहायक प्रबंधक सुब्रत कुमार बेहरा के मुताबिक मॉनिटरिंग के दौरान घडियालों के लिए गंडक नदी सबसे अच्छा हैबिटेट बनकर उभरा. आज गंडक में करीब 300 से अधिक घड़ियाल हैं जो उम्मीद से संख्या में काफी अधिक हैं.

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रिपोर्ट-मुन्ना राज

बगहा. भारत और नेपाल के बीच से बह रही गंडक नदी घड़ियालों का सुरक्षित आशियाना बन चुकी है. यह न सिर्फ राज्य और देश बल्कि दुनिया के फलक पर गंडक नदी घड़ियालों के हैबिटेट के रुप में तेजी से उभरा है. घड़ियालों की बढती संख्या और हैबिटेट को देखते हुए वन एवं पर्यावरण विभाग गंडक नदी के 120 किलोमीटर के इलाके को घडियाल संरक्षण परियोजना घोषित करने की तैयारी में है. देश में संख्या के लिहाज से चम्बल के बाद गंडक दुसरी नदी बन चुकी है. पाकिस्तान, म्यांमार और भूटान की नदियों को अलविदा कह चुके घडियालों को गंडक नदी का हैबिटेट खूब भा रहा है.

गंडक नदी नेपाल से होती हुई बिहार में वाल्मीकिनगर में प्रवेश करती है फिर दियारा के इलाके से होते हुए सोनपुर में गंगा में मिल जाती है. पहली बार वर्ष 2010 में घडियालों के संरक्षण में यहां 10-15 घडियालों के पाये जाने की पुष्टि हुई. जिसके बाद घडियाल संरक्षण परियोजना की शुरुआत  संजय गांधी जैविक उद्यान में पैदा हुए 30 घडियालों को वर्ष 2014-15 में गंडक नदी में चिप्स के साथ छोडकर मॉनिटरिंग शुरू हुई. वर्तमान में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के साथ वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया इस प्रजाति को संरक्षित करने के लिए मुहिम चला रहा है.

वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया  के सहायक प्रबंधक  सुब्रत कुमार बेहरा के मुताबिक मॉनिटरिंग के दौरान घडियालों के लिए गंडक नदी सबसे अच्छा हैबिटेट बनकर उभरा. आज गंडक में करीब 300 से अधिक घड़ियाल हैं जो उम्मीद से संख्या में काफी अधिक हैं. संख्या के लिहाज से  गंडक नदी देश में चम्बल नदी के बाद दुसरा इलाका बन गया है.
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन संरक्षक हेमकान्त राय बताते हैं कि हाल के दिनों में घडियालों के बेहतर हैबिटेट के रुप में गंडक नदी का एरिया है. जुन के महीनें में अंडा से बच्चा निकलता है जिसको लेकर सरंक्षण की कवायद चल रही है. वर्ष 2014-15 में छोडे गये घडियालों में चिप्स से सेटेलाइट मॉनिटरिंग शुरू हुई जो पश्चिम बंगाल तक विचरण करते देखे गये. घड़ियाल हाल के दिनों में  गंडक नदी में तेजी से प्रजनन कर रहे हैं.

घड़ियाल संरक्षण परियोजना पर काम चल रहा है जिसके तहत घडियालों के अंडे से जने बचे पर विशेष नजर रखी जा रही है. उन्होंने बताया कि बिहार सरकार की ओर से नदी के करीब 120 किमी लम्बाई को संरक्षित क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव है जिससे घडियालों और अन्य जलीय जीवों की सुरक्षा एवं संरक्षण योजनाबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जा सकेगा.

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