बिहार: सीमा विवाद के बीच नेपाल ने भारत आ रहे पानी पर लगाया पहरा! बॉर्डर पर लोगों में भारी आक्रोश
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बिहार: सीमा विवाद के बीच नेपाल ने भारत आ रहे पानी पर लगाया पहरा! बॉर्डर पर लोगों में भारी आक्रोश
नेपाल ने भारत आने वाले पंडई नदी के एक चैनल को बंद कर दिया है.

वर्ष 2013 में पानी विवाद के बाद यह समझौता हुआ था जिसके तहत तीन चैनल में से एक जो नेपाल (Nepal) की तरफ जाता है उसमें 40 फीसदी व भारतीय क्षेत्र में आनेवाले दो अलग-अलग चैनलों में 30 - 30 फीसदी पानी की आपूर्ति होगी.

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पश्चिमी चंपारण. नेपाल से पंडई नदी (Pandai River) के दो नालों (चैनलों ) में से एक का पानी नेपाल द्वारा बंद कर दिया गया है. चैनल में बुधवार को ही मिट्टी बालू डालकर बंद किया गया है. उक्त नाला बॉर्डर पिलर संख्या 435/1 पर है. पानी नहीं आने से भारतीय क्षेत्र के भिखनाठोड़ी, धमौरा, भवानीपुर, भतुजला सहित आधा दर्जन गांव में पानी की किल्लत हो गई है. जानकारी के अनुसार गर्मी आते ही नेपाल हर साल नेपाल (Nepal) से भारत को मिलने वाली पानी को लेकर विवाद करता है. हालांकि कई बार दोनों देशों के बीच वार्ता हुई और समझौता के तहत नेपाल भारत को पानी देता है, लेकिन इस बार फिर से नेपाल ने पानी को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है जिससे सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों में आक्रोश है. हालांकि दोनों देश के पदाधिकारियों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए वार्ता की जा रही है.

बता दें कि पानी बंद होने के बाद इन प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने बॉर्डर पर हंगामा भी किया. जिसको लेकर नरकटियागंज के प्रभारी एसडीएम, एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट, गौनाहा सीओ, सहोदरा थानाध्यक्ष बॉर्डर पहुंचे थे और स्थानीय स्तर पर नेपाल सशस्त्र सीमा प्रहरी के इंस्पेक्टर आदि से वार्ता की थी.

दोनो देशों की सहमति से चल रहे थे तीन नाले



दरअसल नेपाल में एक पुल निर्माण के बाद एप्रोच बनाने के लिये मिट्टी भरने का कार्य हो रहा है. ऐसे में एप्रोच में ही उक्त चैनल है जिसे भर दिया गया है. यही वजह है कि भारत में पानी आपूर्ति ठप हो गई है. भारतीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2013 में पानी विवाद के बाद यह समझौता हुआ था जिसके तहत तीन चैनल में से एक जो नेपाल की तरफ जाता है उसमें 40 फीसदी व भारतीय क्षेत्र में आनेवाले दो अलग-अलग चैनलों में 30 - 30 फीसदी पानी की आपूर्ति होगी. लेकिन हर साल एक चैनल को नेपाल द्वारा बाधित कर दिया जाता है. इस बार भी वही हुआ है.
नेपाल द्वारा पानी का चैनल बंद किए जाने से सीमावर्ती इलाके के लोगों में भारी आक्रोश है.


बहरहाल नेपाल के इस कदम से पूर्वी नाले से एकवा, नुनीयवा टोला, परसौनी तथा धमौरा गांव के सरेह में पानी जाता है जबकि दूसरे नाले से भिखनाठोरी, भवानीपुर, खैरटिया, बैरिया टोला व सहोदरा सरेह में पानी जाता है. यह पानी वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना के जंगलों मे रहने वाले जानवरों तथा भिखनाठोरी गांव के लोगों के लिए बहुत ही उपयोगी है.

उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
सीमा पर नाले को लेकर उत्पन्न तनाव को देखते हुए एलआरडीसी अजय कुमार सिंह ने कहा कि संयुक्त रुप से रिपोर्ट तैयार कर डीएम व अन्य अधिकारियों को भेजी जाएगी. उन्होंने बताया कि नेपाल प्रशासन द्वारा बिना किसी सूचना व आदेश के नाले को भर दिया गया है. यह अंतरराष्ट्रीय मामला है और इस संबंध में नेपाल के उच्च अधिकारियो से भारतीय अधिकारी वार्ता करेंगे. इसी आधार पर बॉर्डर के नाले के विषय में कार्रवाई की जाएगी.

अधिकारियों को उम्मीद- निकल आएगा हल

इस अवसर पर एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट शैलेश, एसएसबी इंस्पेक्टर प्रमित कुमार, सीओ राजीव रंजन कुमार श्रीवास्तव व वीडियो हरिमोहन कुमार, थानाध्यक्ष धनंजय कुमार सिंह उपस्थित थे. विवाद के दूसरे दिन जिला स्तरीय वार्ता कर विवाद सुलझा लिये जाने की बात कही जा रही है. बॉर्डर पर 44 वीं वाहिनी के डिप्टी कमांडेंट शैलेश कुमार सहित कुछ थानों की पुलिस हालात पर नजर रख रही है.

वार्ता कर रहे पदाधिकारीपानी की समस्या व भारत के लोगो के आक्रोश को देखते हुए दोनों देश के पदाधिकारियों के बीच वार्ता दूसरे दिन भी जारी है. डीएम कुन्दन कुमार ने बताया कि नेपाल के वरीय पदाधिकारियों से बात की जा रही है और जल्द ही इस समस्या का समाधान कर लिया जाएगा.

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