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गरीबों के लिए बने रैन बसेरों में चल रही हैं दुकानें

ETV Bihar/Jharkhand
Updated: January 1, 2018, 2:11 PM IST

पूरे बिहार में कड़ाके की ठंढ़ पड़ रही है जिसका सबसे ज्यादा असर गरीब तबके के लोगों पर हो रहा है.खासकर वैसे लोग जो अपनी रोजी रोटी के लिए रात में भी काम करते हैं. लेकिन तमाम सरकारी दावों के बीच बेतिया में ऐसे लोगों को रात गुजारने की कोई व्यवस्था नहीं है.

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पूरे बिहार में कड़ाके की ठंढ़ पड़ रही है जिसका सबसे ज्यादा असर गरीब तबके के लोगों पर हो रहा है.खासकर वैसे लोग जो अपनी रोजी रोटी के लिए रात में भी काम करते हैं. लेकिन तमाम सरकारी दावों के बीच बेतिया में ऐसे लोगों को रात गुजारने की कोई व्यवस्था नहीं है.

ठंड की रात में काम करने वाले गरीबों के लिए सरकार ने रैन बसेरा बनवा तो दिया लेकिन इन रैन बसेरों में अब दुकानें चलती है.नगर परिषद क्षेत्र में एक नहीं कई ऐसे रैन बसेरे हैं जिसके बारे में लोगो पता तक नहीं है. क्योंकि इसमें लोग अब रहने नहीं बल्कि सामान खरीदने आते हैं.दुकान में तब्दील हो चुके रैन बसेरे से अब मोटी रकम वसूली जा रही है और यह अवैध कमाई का जरीया बन गया है.

ठंड में अधिकारी अपने घर से निकलना भी मुनासिब नहीं समझते है. जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है. शहर में कई ऐसे भी रैन बसेरे हैं जिसमें सालो से ताला लटका है. इसके बावजूद नगर परिषद प्रशासन कान में तेल डालकर सोया हुआ है.

आम लोगो के बीच अब यह धारणा बन गयी है कि सरकार की योजनाएं सिर्फ कागजों में हीं चलती है .बेतिया के इन रैन बसेरों की हालत देखकर तो अब मानों यकीन सा होने लगा कि सच में गरीबों के लिए चलाई जाने वाली सारी योजनाएं धरातल पर उतरने से पहले ही दम तोड़ देती हैं.

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First published: January 1, 2018, 2:11 PM IST
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