• Home
  • »
  • News
  • »
  • bihar
  • »
  • बिहार: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की एकमात्र मादा गैंडा की संदिग्ध मौत पर सस्पेंस बरकरार, उलझन में वन विभाग

बिहार: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की एकमात्र मादा गैंडा की संदिग्ध मौत पर सस्पेंस बरकरार, उलझन में वन विभाग

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में मादा गैंडा की मौत पर पसोपेश में वन विभाग.

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में मादा गैंडा की मौत पर पसोपेश में वन विभाग.

मादा गैंडा की मौत के बाद वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (Valmiki Tiger Reserve) प्रशासन की ओर से पोस्टमॉर्टम नहीं कराया गया और ना ही इससे जुड़ा कोई मामला दर्ज है. ऐसे में जानवर की मौत से जुड़े अन्य कारणों का खुलासा फिलहाल संभव नहीं है

  • Share this:
    बगहा. बिहार (Bihar) के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (Valmiki Tiger Reserve) में पिछले दिनों हुई मादा गैंडा की मौत मामले में वन विभाग की उलझनें बढ़ गई हैं. गैंडे की मौत की वजह को लेकर सस्पेंस बरकरार है. पटना में एंथ्रेक्स रिपोर्ट (Anthrax Report) पॉजिटिव आयी थी जबकि बरेली की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आयी है. ऐसे में एंथ्रेक्स बीमारी से हुई मौत के कारणों पर पटाक्षेप हो गया है.

    बता दें कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में एकमात्र बचे मादा गैंडा (Female Rhinoceros) का शव जंगल किनारे गन्ने के खेत में पाया गया था. जिसके बाद एंथ्रेक्स नामक बीमारी को मौत का कारण बताया गया था. जबकि देश में मशहूर बरेली प्रयोगशाला ने अपनी रिपोर्ट में एंथ्रेक्स बीमारी से मौत के कारणों से इनकार किया है. ऐसे में वन विभाग (Forest Department) उलझन में है क्योंकि मादा गैंडे का पोस्टमॉर्टम भी नहीं हुआ है और न ही इसके मौत से संबंधित कोई मामला ही दर्ज कराया गया है.

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से हो सकता था खुलासा
    मादा गैंडा की मौत के बाद वाल्मीकि टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से पोस्टमॉर्टम नहीं कराया गया और ना ही इससे जुड़ा कोई मामला दर्ज है. ऐसे में जानवर की मौत से जुड़े अन्य कारणों का खुलासा फिलहाल संभव नहीं है. संभावना यह भी है कि उसकी मौत गन्ना के खेत में कीटनाशकों के छिड़काव से हुई हो या फिर शिकारियों के द्वारा अक्सर लगाए जाने वाले करंट से भी हो सकती है. फिलहाल दो परस्पर विरोधी एंथ्रेक्स रिपोर्ट ने वन विभाग के अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ा दी है.

    अवलोकन के लिए एंथ्रेक्स रिपोर्ट को भेजा जाएगा
    वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन संरक्षक हेमकांत राय ने बताया कि दोनों रिपोर्ट परस्पर विरोधी है. पटना की रिपोर्ट में एंथ्रेक्स पॉजिटिव जबकि बरेली की रिपोर्ट में एंथ्रेक्स नेगेटिव है. ऐसे में दोनों रिपोर्ट को नेशनल टाइगर कंजरवेटर अथॉरिटी एवं वन्य जीव संभाग दिल्ली को भेजा गया है. साथ ही चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन बिहार को भी रिपोर्ट भेजी जा रही है. निर्देश प्राप्त होने पर आगे निर्णय लिया जा सकेगा.

    बहरहाल वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में अब कोई गैंडा नहीं है. एकमात्र मादा गैंडा बची थी जिसकी पिछले दिनों मौत हो गई. रिजर्व से सटे नेपाल के चितवन निकुंज से भटककर कुछ गेंडा भारतीय क्षेत्र में पहुंचे थे. कुछ की मौत हो गई तो कुछ फिर नेपाल लौट गए ऐसे में एकमात्र मादा गैंडा रिजर्व में रह रही थी जिसकी रहस्यमय मौत हो गई है.

    (रिपोर्ट- मुन्ना राज)

    ये भी पढ़ें-


    Lockdown में 30 लाख प्रवासी वापस आ चुके हैं बिहार, नीतीश सरकार की बढ़ी अब ये चिंता




    फारुख अब्दुल्ला को कश्मीर समस्या का कसूरवार मानते थे जॉर्ज साहब!

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज